मिलावटी शराब के आरोपों से गरमाया माहौल, शराब प्रेमियों ने की ‘ठेका सिस्टम’ बहाली की मांग
✍️ भागीरथी यादव मनेन्द्रगढ़ (MCB)। छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) में देशी शराब की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। शहर के शराब प्रेमियों ने वर्तमान व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सरकारी दुकानों में मिलने वाली शराब अब पहले जैसी नहीं रही। उपभोक्ताओं का दावा है कि शराब में मिलावट की जा रही है, जिसके चलते अब वे ‘ठेका प्रणाली’ को वापस लाने की मांग कर रहे हैं। “दो क्वार्टर में भी नहीं मिल रहा पहले जैसा असर” स्थानीय ऑटो चालक श्रीनिवास सेन और उनके साथियों ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि वे दिनभर की थकान मिटाने के लिए सप्ताह में एक-दो बार शराब का सेवन करते हैं। उनके अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के समय शराब न केवल सस्ती थी, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी अच्छी थी। “पहले एक क्वार्टर में ही संतोष मिल जाता था, लेकिन अब स्थिति यह है कि दो क्वार्टर पीने के बाद भी वैसा नशा या असर महसूस नहीं होता। इससे साफ पता चलता है कि शराब में मिलावट की जा रही है।” — स्थानीय उपभोक्ता पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश का रुख कर रहे लोग गुणवत्ता में गिरावट का असर अब स्थानीय राजस्व पर भी पड़ता दिख रहा है। उपभोक्ताओं ने बताया कि बेहतर और शुद्ध शराब की तलाश में उन्हें पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के राजनगर जाना पड़ रहा है। इससे न केवल उनका आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि समय की भी बर्बादी हो रही है। लोगों का तर्क है कि यदि स्थानीय स्तर पर गुणवत्ता में सुधार हो, तो मध्य प्रदेश से होने वाली शराब की अवैध आवक पर भी लगाम लगेगी। आबकारी विभाग पर चुप्पी साधने का आरोप शराब प्रेमियों का कहना है कि गुणवत्ता में आ रही इस गिरावट और मिलावट की शिकायतों को मीडिया के माध्यम से कई बार जिला आबकारी विभाग तक पहुँचाया गया है। इसके बावजूद, विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई या लैब टेस्टिंग जैसी पहल नहीं की गई है। प्रशासन की इस कथित अनदेखी से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रमुख मांगें: ठेका प्रणाली की वापसी: उपभोक्ताओं का मानना है कि निजी ठेकेदारों के हाथ में कमान होने से प्रतिस्पर्धा रहती है और गुणवत्ता पर जवाबदेही तय होती है। निष्पक्ष जांच: वर्तमान स्टॉक की लैब में जांच कराई जाए ताकि मिलावट का सच सामने आ सके। पारदर्शिता: बिक्री और स्टॉक के प्रबंधन में पारदर्शिता लाई जाए ताकि उपभोक्ताओं को मानक उत्पाद मिल सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन शिकायतों पर क्या रुख अपनाता है और क्या उपभोक्ताओं को उनकी मांग के अनुरूप शुद्धता का आश्वासन मिलता है।
ब्रेकिंग न्यूज भीषण सड़क हादसा
सुशील जायसवाल तनेरा घाटी के नीचे पेड़ से टकराकर ट्रेलर में लगी आग, मलबे में तब्दील हुआ वाहन कोरबी चोटिया/पसान: पसान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोरबी चौकी क्षेत्र में बीती रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोरबी-रानी अटारी मार्ग पर स्थित ग्राम सरमा और तनेरा घाटी के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन में तत्काल आग लग गई और देखते ही देखते ट्रेलर धूं-धूं कर जलने लगा। घटना का विवरण जानकारी के अनुसार, ट्रेलर क्रमांक CG 04 PC 5784 रानी अटारी की ओर जा रहा था। तनेरा घाटी के नीचे चालक ने संभवतः वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और ट्रेलर हेल्पर साइड से सीधे एक विशाल पेड़ में जा घुसा। प्रत्यक्षदर्शियों और राहगीरों के मुताबिक, यह दुर्घटना मंगलवार रात की है। आशंका: शुरुआती कयास लगाए जा रहे हैं कि चालक को झपकी आने की वजह से यह हादसा हुआ होगा। मौके का मंजर: रात के सन्नाटे में धमाकों की आवाज से पूरा जंगल गूंज उठा। टायर और डीजल टैंक फटने के कारण आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं। वर्तमान स्थिति: सुबह जब ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे, तब तक ट्रेलर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। जंगल में आग फैलने का खतरा स्थानीय ग्रामीणों ने चिंता जाहिर की है कि ट्रेलर में लगी आग और तेज हवाओं के कारण आसपास के सूखे जंगल में भी आग फैल सकती है। यदि समय रहते स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो यह एक बड़ी वनाग्नि का रूप ले सकती है। पुलिस और प्रशासन की स्थिति हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद पुलिस को इसकी आधिकारिक सूचना देरी से मिली। इस संबंध में कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी ने बताया कि समाचार लिखे जाने तक उनके पास घटना की कोई लिखित या औपचारिक जानकारी नहीं पहुंची थी। लापता है चालक: दुर्घटना के बाद से ट्रेलर का चालक लापता है। वह आगजनी का शिकार हुआ या मौके से फरार हो गया, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
युवाओं के सपनों को पंख देगा छत्तीसगढ़ का बजट: कृष्णानंद राठौर
ज्ञान शंकर तिवारी विधायक प्रतिनिधि ने बजट को बताया ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की ठोस आधारशिला; बोले- स्टार्टअप और AI मिशन से आत्मनिर्भर बनेगी नई पीढ़ी कोरबा/छत्तीसगढ़: भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला कार्यसमिति सदस्य एवं विधायक प्रतिनिधि कृष्णानंद राठौर ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को “युवाओं के सपनों को साकार करने वाला दूरदर्शी बजट” करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब ‘विकसित राज्य’ बनने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा चुका है। युवाओं को ‘रोजगार प्रदाता’ बनाने वाला बजट बजट की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए श्री राठौर ने कहा कि यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को सशक्त बनाने का रोडमैप है। उन्होंने स्टार्टअप और स्वरोजगार के लिए की गई घोषणाओं की सराहना करते हुए कहा: “स्टार्टअप के लिए सब्सिडी, बिना ब्याज के ऋण और तकनीकी मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं युवाओं को नौकरी मांगने वाले के बजाय ‘नौकरी देने वाला’ बनाएंगी। यह नवाचार और स्थानीय उद्योगों के लिए क्रांतिकारी साबित होगा।” 5 मुख्यमंत्री मिशन: आधुनिक तकनीक और अवसर का संगम कृष्णानंद राठौर ने बजट में घोषित 5 प्रमुख मिशनों को छत्तीसगढ़ के कायाकल्प का आधार बताया: AI मिशन: युवाओं को भविष्य की डिजिटल तकनीक से जोड़ना। स्टार्टअप-NIPUN मिशन: कौशल विकास और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाना। खेल उत्कर्ष मिशन: जिला स्तर पर खेल अकादमियों से ग्रामीण प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाना। पर्यटन एवं अधोसंरचना मिशन: निवेश के जरिए स्थानीय रोजगार के नए द्वार खोलना। सर्वस्पर्शी और संतुलित विकास विधायक प्रतिनिधि ने आगे कहा कि बजट में न केवल युवाओं, बल्कि किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। निष्कर्ष: श्री राठौर ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संतुलित और दूरदर्शी बजट छत्तीसगढ़ को विकास की दौड़ में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक बजट के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
बिलासपुर में प्रशासनिक अधिकारी को निशाना बनाने की साजिश? छवि धूमिल करने के लिए पुरानी फाइलों का सहारा
ज्ञान शंकर तिवारी कोरबा/बिलासपुर | ज्ञान शंकर तिवारी न्यायधानी बिलासपुर में इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में एक नया विवाद गर्माया हुआ है। भू-अर्जन शाखा में पदस्थ अधीक्षक खिलेन्द्र यादव के खिलाफ कुछ वेब पोर्टलों द्वारा चलाए जा रहे ‘नकारात्मक अभियान’ ने पत्रकारिता की नैतिकता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधीक्षक यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। भ्रामक खबरों पर अधीक्षक का कड़ा रुख लगातार लग रहे आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए अधीक्षक खिलेन्द्र यादव ने स्पष्ट किया कि प्रसारित खबरें पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा: “बिना मेरा पक्ष जाने और बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज की पुष्टि किए खबरें चलाना पत्रकारिता के सिद्धांतों के विरुद्ध है। यह केवल एकतरफा छवि बनाने का प्रयास है।” शिकायत की विश्वसनीयता पर सवाल रिपोर्ट के अनुसार, जिस शिकायत के आधार पर खबरें बनाई जा रही हैं, वह किसी ‘छद्म नाम’ (Anonymous) से की गई प्रतीत होती है। सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार, बिना नाम और पते की शिकायतों का कोई आधार नहीं होता। अधीक्षक ने दावा किया कि विभाग को अब तक ऐसी कोई वैध शिकायत प्राप्त ही नहीं हुई है। प्रमुख बिंदुओं पर स्पष्टीकरण विषय अधीक्षक खिलेन्द्र यादव का पक्ष निलंबन विवाद 3 वर्ष पूर्व कलेक्टर की जांच में डेटा लीक या अनियमितता के आरोप गलत पाए गए थे। शासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बहाल किया था। अब इसे दोबारा उठाना केवल चरित्र हनन है। पदस्थापना एक ही जिले में पदस्थ रहना शासन का निर्णय है। प्रशासन को हर माह अपडेटेड जानकारी भेजी जाती है। इसमें कुछ भी गोपनीय या गलत नहीं है। सीमांकन एवं डायवर्सन भू राजस्व संहिता के अनुसार ये अधिकार तहसीलदार और SDM के पास हैं। अधीक्षक भू अभिलेख का इसमें सीधा हस्तक्षेप नहीं होता। जांच रिपोर्ट 28 मई 2025 की शिकायत पर कलेक्टर द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट में आरोपों को ‘निराधार और द्वेषपूर्ण’ बताया जा चुका है। निजता का हनन और मानसिक प्रताड़ना अधीक्षक यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी निजी और गोपनीय जानकारियों को सार्वजनिक कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने इसे अपनी निजता और स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया है। निष्कर्ष: सच क्या है? न्यायधानी में चर्चा आम है कि क्या यह वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज है या फिर किसी कर्मठ अधिकारी को रास्ते से हटाने का प्रयास? फिलहाल, आधिकारिक दस्तावेजों और कलेक्टर की जांच रिपोर्ट अधीक्षक के पक्ष में झुकी नजर आती है। अब देखना यह होगा कि भ्रामक खबरें फैलाने वाले पोर्टलों पर शासन क्या रुख अपनाता है।
रूंगटा कोल ब्लॉक के खिलाफ जलेके में महापंचायत, ग्रामीणों ने खनन परियोजना का किया खुला विरोध
सुशील जायसवाल कोरबा (कोरबी-जलेके)। पसान क्षेत्र के ग्राम पंचायत जलेके में मंगलवार 24 फरवरी को रूंगटा कोल ब्लॉक आवंटन के विरोध में एक विशाल महापंचायत आयोजित की गई। यह आयोजन क्षेत्रीय विधायक एवं तुलेश्वर सिंह मरकाम के निर्देश तथा जिला पंचायत सदस्य एवं विद्वान सिंह मरकाम के मार्गदर्शन में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ब्लॉक इकाई पसान द्वारा किया गया। महापंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और प्रस्तावित कोल खनन परियोजना के खिलाफ एकजुटता दिखाई। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी स्थिति में वे अपने क्षेत्र में नई खदान नहीं खुलने देंगे। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करते हुए विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का संकल्प भी लिया गया। बीजाड़ांड़ में जारी है अनिश्चितकालीन धरना जलेके गांव से कुछ दूरी पर स्थित SECL की रानी अटारी विजय वेस्ट कोल माइंस के समीप पुटी पखना बीजाड़ांड़ क्षेत्र में ग्रामीण पिछले एक माह से अधिक समय से प्रस्तावित रूंगटा कोल ब्लॉक आवंटन को निरस्त करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। महापंचायत में उपस्थित ग्रामीणों ने बीजाड़ांड़ में चल रहे धरना प्रदर्शन को खुला समर्थन देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक गांव की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अस्मिता और पर्यावरण संरक्षण का प्रश्न है। “किसी भी शर्त पर नहीं खुलने देंगे खदान” – विद्वान सिंह मरकाम मीडिया से चर्चा करते हुए जिला पंचायत सदस्य एवं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम ने कहा कि एक माह से चल रहे आंदोलन को क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ग्रामीणों की जायज मांगों की अनदेखी करता है, तो पार्टी जिला स्तर पर बड़ा जनांदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने कहा, “यह संघर्ष जमीन, जल और जंगल की रक्षा का है। ग्रामीणों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का खनन कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा।” जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी महापंचायत में गोंगपा युवा मोर्चा जिला संगठन मंत्री विनोद कुमार आरमो, ब्लॉक उपाध्यक्ष मुकेश पोया सहित कई जनप्रतिनिधि, सरपंच और सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। सभा में सभी ने एक स्वर में खनन परियोजना का विरोध करते हुए आंदोलन को निर्णायक चरण तक ले जाने की बात कही। महापंचायत के बाद क्षेत्र में आंदोलन को लेकर माहौल और अधिक गर्म हो गया है। अब सबकी निगाहें शासन-प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
शराब के लिए पैसे न मिलने पर चाकूबाजी करने वाला ‘टोबो’ गिरफ्तार, भेजा गया जेल
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर: शहर में अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए बिलासपुर पुलिस लगातार ‘एक्शन मोड’ में है। ताज़ा मामला कोनी थाना क्षेत्र का है, जहाँ शराब पीने के लिए पैसे की मांग करने और मना करने पर धारदार हथियार से हमला करने वाले एक आदतन बदमाश को पुलिस ने चंद घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, जलसों निवासी प्रार्थी सुनील कौशिक 22 फरवरी की शाम करीब 6:00 बजे गांव के गुड़ी चौक पर सामान लेने गया था। वहां पहले से मौजूद आरोपी चंदर उर्फ टोबो वर्मा (21 वर्ष) ने सुनील को रोक लिया और शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। जब सुनील ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आया। विवाद इतना बढ़ा कि टोबो ने जान से मारने की धमकी देते हुए अपने पास रखे धारदार चाकू से सुनील पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस की त्वरित कार्यवाही घटना की रिपोर्ट दर्ज होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। कोनी थाना पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी चंदर उर्फ टोबो वर्मा को हिरासत में लिया। बरामदगी: पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू को जब्त कर लिया है। कानूनी धाराएं: आरोपी के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(3), और 119(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। कोर्ट ने भेजा जेल बिलासपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाते हुए आज दिनांक 24 फरवरी 2026 को उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की क्षेत्र में सराहना हो रही है। मुख्य बिंदु: आरोपी: चंदर उर्फ टोबो वर्मा (निवासी जलसों)। जुर्म: अवैध वसूली (शराब के लिए पैसे मांगना) और जानलेवा हमला। पुलिस की सीख: सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
दो ट्रकों की भिड़ंत के बाद जिंदा जला ड्राइवर, आग का गोला बने वाहन
सुशील जायसवाल कोरबा/मोरगा: कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे (NH-130) एक बार फिर रक्त रंजित हो उठा है। मंगलवार सुबह ग्राम केंवई स्थित वनवासी सेवा आश्रम के पास दो ट्रकों के बीच हुई भीषण टक्कर ने रूह कंपा देने वाला मंजर पैदा कर दिया। टक्कर इतनी भयावह थी कि दोनों ट्रकों में瞬间 (तुरंत) भीषण आग लग गई। इस हादसे में सीमेंट से लदे ट्रक का चालक वाहन के भीतर ही फंस गया और जिंदा जलने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई। कोयला और सीमेंट की भिड़ंत ने उगली आग जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे कोयले और सीमेंट से लदे दो ट्रक आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद धमाके की आवाज दूर तक सुनी गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने दोनों वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर पहुंची मोरगा और बांगी पुलिस ने दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक चालक की जान जा चुकी थी। हादसे के बाद हाईवे पर घंटों लंबा जाम लगा रहा, जिससे राहगीरों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ा।
चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, एएसआई समेत एसीबी की बड़ी कार्रवाई
✍️ भागीरथी यादव कोरिया। जिले के बचरापोड़ी पुलिस चौकी में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ और एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, बचरापोड़ी चौकी क्षेत्र के निवासी सतेंद्र प्रजापति के घर के सामने रहने वाले डेढ़ वर्षीय मासूम बच्चे की कुछ समय पूर्व गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इस मामले में मर्ग कायम किया गया था। आरोप है कि चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ ने सतेंद्र प्रजापति को इसी प्रकरण में फर्जी तरीके से फंसाने की धमकी दी और कार्रवाई से बचाने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। पीड़ित ग्रामीण ने इसकी शिकायत एसीबी से की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी की टीम ने सुनियोजित रणनीति के तहत जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक जब आरोपी अधिकारियों ने 25 हजार रुपये की पहली किस्त ली, उसी दौरान एसीबी टीम ने बचरापोड़ी पुलिस चौकी परिसर में ही दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने मौके पर आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर भी जांच की संभावना जताई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ आम आदमी पार्टी का हल्लाबोल, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
✍️ भागीरथी यादव मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB): जिले के भरतपुर विकासखंड में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण को लेकर राजनीति गरमा गई है। नियमों को ताक पर रखकर नदियों का सीना चीर रहे रेत माफियाओं के खिलाफ अब आम आदमी पार्टी (आप) ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) भरतपुर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मशीनों से हो रहा अवैध खनन, नियमों की उड़ रही धज्जियां आम आदमी पार्टी का आरोप है कि ग्राम पंचायत घटई, मलकडोल, हरचोका समेत कई पंचायतों में रेत खनन के लिए केवल मैनुअल (हाथ से) उत्खनन की स्वीकृति दी गई है। इसके बावजूद, नियमों के विरुद्ध जाकर नदियों के भीतर जेसीबी और पोकलेन जैसी भारी मशीनों का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। आप नेताओं का कहना है कि यह एनजीटी (NGT) के दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन है। राजस्व को चपत और पर्यावरण को भारी नुकसान ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बड़े ट्रकों, डंपरों और हाईवा के माध्यम से क्षमता से अधिक रेत भरकर मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश तक परिवहन किया जा रहा है। इससे न केवल शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि भारी उत्खनन के कारण जलस्तर गिर रहा है और जलीय जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। आंदोलन की चेतावनी: “प्रशासन की होगी जिम्मेदारी” कोरबा लोकसभा अध्यक्ष रमाशंकर मिश्रा और जिला पंचायत सदस्य व आप नेत्री सुखमंती सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा: “यदि अवैध रेत उत्खनन पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आम आदमी पार्टी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।” इनकी रही उपस्थिति ज्ञापन सौंपते समय प्रमुख रूप से मनमोहन सांधे, शारदा यादव, रानी तिवारी, राम सुजान मिश्रा, रज्जू सिंह, नारायण बैगा, गजरूप सिंह वालंद, लखन सिंह मराबी, राजपाल अगरिया, जीतराम, रामा यादव, संत कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे। फिलहाल क्षेत्रवासियों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
पोड़ी खुर्द (तुरीमार) में कलश यात्रा के साथ भव्य शिवपुराण कथा का शुभारंभ
सुशील जयसवाल कोरबी चोटिया: विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम पंचायत पोड़ी खुर्द (तुरीमार) में आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित आठ दिवसीय श्रीमद् शिवपुराण कथा का भव्य शुभारंभ गाजे-बाजे और कलश यात्रा के साथ किया गया। भक्तिमय कलश यात्रा और पूजन कथा के प्रथम दिन गांव की सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में डीजे की धुन पर भव्य कलश यात्रा निकाली। नदी से पवित्र जल लेकर श्रद्धालु कथा पंडाल पहुंचे, जहाँ विधि-विधान से बेदी पूजन और देवताओं का आह्वान कर कार्यक्रम को गति दी गई।










