महाराणा प्रताप चौक पर चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले दो युवक गिरफ्तार, दो अन्य पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में लोगों को चाकू दिखाकर भयभीत करने वाले दो युवकों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो धारदार लोहे के चाकू जब्त किए हैं। वहीं क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 15 मार्च 2026 को महाराणा प्रताप चौक, तालापारा के पास दो युवक राहगीरों को धारदार लोहे का चाकू दिखाकर डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे थे। सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से दो नग लोहे के धारदार चाकू बरामद किए गए। पुलिस ने इस मामले में शेरा मिरी (33 वर्ष), पिता झुराराम निवासी मिनीबस्ती जरहाभाठा तथा अभिषेक दिवाकर (24 वर्ष), पिता होरीलाल निवासी मिनीबस्ती जरहाभाठा के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की। इसके अलावा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमन बघेल (23 वर्ष), पिता बाबूराम तथा मुकेश पुरी गोस्वामी (24 वर्ष), पिता लक्ष्मण पुरी, दोनों निवासी मिनीबस्ती जरहाभाठा, थाना सिविल लाइन के विरुद्ध भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
झाड़-फूंक के बहाने घर से पार किए थे सोने-चांदी के जेवर और नकदी, दो साल बाद महिला गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। जिले के सीपत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुकदा में झाड़-फूंक के बहाने घर से सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी करने वाली फरार महिला को पुलिस ने दो साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कुकदा बजरंग चौक निवासी मनीषा कानगो (19) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 दिसंबर 2023 की रात उसके पिता अनिल कानगो और मां गोंदा बाई कानगो ने झाड़-फूंक कराने के लिए ग्राम जाली थाना रतनपुर निवासी जनक राम सौरा और उसकी पत्नी को घर बुलाया था। झाड़-फूंक के दौरान घर की एक पेटी में 50 हजार रुपये नकद, लगभग 40 ग्राम चांदी की पायल, एक जोड़ी बिछिया, दो सोने की फुली और दो चांदी की अंगूठियां रखकर ताला बंद कर दिया गया था। इसके बाद जनक राम सौरा ने परिवार के सदस्यों को नींबू देकर आंगन व अन्य स्थानों पर गाड़ने के लिए भेज दिया। करीब दस मिनट बाद जब परिवार के लोग वापस कमरे में पहुंचे तो आरोपी दंपत्ति यह कहकर चले गए कि रात भर दिया जलता रहने दें और पेटी को न खोलें। अगले दिन जब पेटी खोली गई तो उसमें रखी नकदी और जेवर गायब मिले। मामले में करीब 60 हजार रुपये की चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। इस दौरान जानकारी मिली कि आरोपी जनक राम सौरा की मृत्यु हो चुकी है और उसकी पत्नी जमीन-जायदाद बेचकर फरार हो गई थी। 14 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ महिलाएं चकरभाठा क्षेत्र में घूम रही हैं। पुलिस ने महिला आरक्षक की मदद से पूछताछ की तो एक महिला अपना नाम-पता गलत बताने लगी। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम झुनिया बाई सौरा उर्फ शांति बाई (55 वर्ष) निवासी जाली, हाल मुकाम सौरा मोहल्ला चकरभाठा होना स्वीकार किया। जांच में उसके खिलाफ चोरी की घटना में संलिप्तता पाए जाने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
जनकपुर काष्ठागार में लकड़ी घोटाले का खुलासा: टीपी में 150 की जगह ट्रक से निकली 208 नग लकड़ी, 58 नग अतिरिक्त मिलने से मचा हड़कंप
एमसीबी/ जिले के जनकपुर काष्ठागार में लकड़ी की हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग के कर्मचारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से लॉट से अधिक लकड़ी ट्रक में लोड कर बाहर भेजने की कोशिश का आरोप लग रहा है। मामला तब उजागर हुआ जब जांच के दौरान ट्रक से ट्रांजिट पास (TP) में दर्ज मात्रा से 58 नग अधिक लकड़ी बरामद हुई। मिली जानकारी के अनुसार काष्ठागार से लकड़ी लेकर जा रहे एक ट्रक में टीपी के अनुसार 150 नग लकड़ी दर्ज थी, लेकिन जब कर्मचारियों के संदेह के बाद ट्रक को रोका गया और उसे खाली कर गिनती की गई तो उसमें कुल 208 नग लकड़ी पाई गई। इस तरह 58 नग लकड़ी अतिरिक्त मिलने से पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका और गहरा गई है। छोटे कर्मचारियों ने रोका ट्रक बताया जा रहा है कि काष्ठागार के कुछ छोटे कर्मचारियों को ट्रक में अधिक लकड़ी लोड होने का संदेह हुआ। उन्होंने इसका विरोध करते हुए ट्रक को गेट पर ही रोक दिया और गेट में ताला लगाकर उसे बाहर जाने से रोक दिया। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक पूरी जांच नहीं होगी, ट्रक को बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। कर्मचारियों पर दबाव और धमकी सूत्रों के अनुसार जब छोटे कर्मचारियों ने इसका विरोध किया तो कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों ने उन पर दबाव बनाते हुए कहा कि वे अपने काम से मतलब रखें। यहां तक कहा गया कि अगर मामला बाहर गया तो नौकरी से निकलवा दिया जाएगा। मीडिया पहुंची तो बढ़ा मामला मामले की जानकारी लगते ही मीडिया भी मौके पर पहुंच गई। आरोप है कि काष्ठागार के कुछ कर्मचारियों ने मीडिया कर्मियों को फोटो और वीडियो लेने से रोकने की कोशिश की। ऊपर-ऊपर की जांच का आरोप बताया जा रहा है कि मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने शुरुआत में ट्रक को ऊपर से देखकर ही जांच पूरी होने का दावा कर दिया। लेकिन जब ट्रक को खाली कर वास्तविक गिनती करवाई गई तो 58 नग अतिरिक्त लकड़ी मिलने से पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। टीपी में छेड़छाड़ की आशंका मीडिया द्वारा ट्रांजिट पास (TP) दिखाने की मांग करने पर अधिकारियों ने लगभग 8 घंटे तक दस्तावेज दिखाने से बचते रहे। बाद में सामने आया कि टीपी में पहले 150 नग लकड़ी दर्ज थी, लेकिन उसमें बाद में छेड़छाड़ के संकेत भी पाए गए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जनकपुर काष्ठागार में वन विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों का कहना है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
तिल्दा-नेवरा में 16 मार्च को चेट्रीचंड्र महोत्सव, वर्ल्ड फेमस नंबर वन सिंधी सिंगर मोहित लालवानी देंगे प्रस्तुति
तिल्दा-नेवरा। चेट्रीचंड्र एवं हिन्दू नववर्ष के पावन अवसर पर तिल्दा-नेवरा में भव्य चेट्रीचंड्र महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य कार्यक्रम 16 मार्च को रात 8 बजे सौरभ पार्क, तिल्दा में आयोजित होगा। कार्यक्रम का आयोजन विकास मित्र मंडल के तत्वावधान में तथा नगर पालिका उपाध्यक्ष पलक विकास सुखवानी के नेतृत्व में किया जा रहा है। महोत्सव का मुख्य आकर्षण सिंधी समाज के वर्ल्ड फेमस नंबर वन सिंगर मोहित लालवानी होंगे, जो अपनी शानदार प्रस्तुति से श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। इस सांस्कृतिक संध्या को भव्य और यादगार बनाने के लिए विकास मित्र मंडल (VMM) द्वारा विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इस संबंध में विकास मित्र मंडल के अध्यक्ष विकास सुखवानी ने बताया कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि पूरे शहर और सभी समाज के लोगों का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि चेट्रीचंड्र एवं हिन्दू नववर्ष का यह पर्व आपसी भाईचारे, एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है, इसलिए इसमें हर समाज और वर्ग के लोगों को सपरिवार आमंत्रित किया गया है। विकास सुखवानी ने यह भी बताया कि कार्यक्रम में किसी प्रकार का पास सिस्टम नहीं रखा गया है, ताकि सभी लोग समान रूप से कार्यक्रम का आनंद ले सकें। उन्होंने कहा कि मंच पर सिंधी गानों के साथ-साथ बॉलीवुड भजन एवं अन्य सांस्कृतिक गीतों की भी प्रस्तुति होगी, जिससे हर वर्ग के लोग इस आयोजन से जुड़ सकें। उन्होंने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि 16 मार्च को सौरभ पार्क पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल हों और इस महोत्सव को भव्य व ऐतिहासिक बनाएं। कार्यक्रम को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है और आयोजक मंडल द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
खेत में युवक की संदिग्ध हालत में मिली लाश, सिर पर चोट के निशान — जांच में जुटी पुलिस
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। जिले के सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम संबलपुरी में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक युवक की लाश गांव के पास स्थित खेत में संदिग्ध हालत में मिली। मृतक के सिर पर चोट के निशान पाए जाने से मामला और गंभीर हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। मिली जानकारी के अनुसार सतीश कौशिक (26 वर्ष) पिता भीष्म कौशिक, निवासी संबलपुरी, आज दोपहर लगभग 12 बजे अपने घर से निकला था। कुछ समय बाद गांव के पास स्थित एक खेत में उसकी मृत अवस्था में बॉडी पड़ी हुई मिली, जिसकी सूचना ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलते ही सकरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के सिर में चोट के निशान पाए जाने के कारण पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया, जहां साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की गई। फिलहाल पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा और लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
छेड़छाड़ से आहत नाबालिग ने लगाई फांसी, आरोपी युवक गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
कोरबा/कोरबी चोटिया: जिले के कोरबी चौकी क्षेत्र से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग युवती ने कथित छेड़छाड़ की घटना से आहत होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला पसान थाना क्षेत्र अंतर्गत कोरबी चौकी इलाके का है। बताया जा रहा है कि नाबालिग लड़की एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी नरेंद्र ने उसके साथ जबरन छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद युवती लोक-लाज और मानसिक तनाव से काफी परेशान रहने लगी। बताया जा रहा है कि इसी मानसिक दबाव के चलते नाबालिग ने कोरबी क्षेत्र स्थित छिदिया नर्सरी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी ने बताया कि जांच के बाद आरोपी नरेंद्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, अपहरण, छेड़छाड़ तथा पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
चिरमिरी के जंगलों में आगजनी, वन संपदा पर मंडराया खतरा; संसाधनों की कमी से जूझ रहा वन विभाग
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। मार्च महीने में बढ़ते तापमान और हल्की गर्मी के बीच जिले के चिरमिरी क्षेत्र के जंगलों में शुक्रवार को आग लगने की घटना सामने आई। आग चिरमिरी के पोड़ी पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक के समीप मुख्य सड़क के आसपास लगी, जहां एक ओर बैकुंठपुर वन विभाग और दूसरी ओर चिरमिरी वन विभाग का क्षेत्र लगता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ नशेड़ियों ने नशे की हालत में सूखे पत्तों में आग लगा दी, जो तेज हवा के कारण तेजी से फैलकर विकराल रूप ले गई। आग से उठ रहे घने धुएं के कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को रास्ता देखने में भी काफी परेशानी हुई। घटना की सूचना वन विभाग को दिए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन मौके पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिलने से विभाग की तत्परता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वन विभाग की प्रतिक्रिया चिरमिरी वन रेंजर सूर्य देव सिंह ने कहा कि जंगल में आग लगाना दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा आग पर नियंत्रण के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की भी बात कही गई है। संसाधनों की कमी बनी चुनौती चिरमिरी रेंज में जंगल की आग रोकने के लिए संसाधनों की कमी भी सामने आ रही है। इतने बड़े वन क्षेत्र के लिए विभाग के पास केवल चार ब्लोअर मशीनें हैं, जो आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही हैं। कई बार वनकर्मियों को पेड़ों की टहनियों और झाड़ियों से आग बुझाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ जंगलों में आग लगने की घटनाएं और बढ़ सकती हैं, इसलिए वन विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ-साथ संसाधनों को मजबूत करने की जरूरत है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कालाबाजारी के आरोप, 3000 रुपये तक वसूली की चर्चा; होटलों के सामने गैस संकट
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर वितरण को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। खासतौर पर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत को लेकर बाजार में कालाबाजारी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार राजधानी दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर कथित रूप से ब्लैक में लगभग 3000 रुपये तक में बेचे जाने की बातें सामने आ रही हैं। सामान्य दर से कहीं अधिक कीमत वसूले जाने की इन खबरों ने गैस वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर जैसी आवश्यक सुविधा के लिए उन्हें अतिरिक्त रकम चुकानी पड़ रही है, जिससे आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इधर दिल्ली के कई होटलों और ढाबों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी की स्थिति बनती जा रही है। होटल संचालकों का कहना है कि गैस की आपूर्ति समय पर नहीं हो पा रही है, जिससे उनके व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है। कई होटलों के पास केवल एक से दो दिन का गैस स्टॉक ही बचा हुआ है, जिसके बाद कामकाज ठप होने की आशंका जताई जा रही है। होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उन्हें होटल बंद करने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
बिना नंबर प्लेट चलने वाले वाहनों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, चार दिन में 72 वाहनों पर चालान
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। जिले में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा बिना नंबर प्लेट चलने वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार थाना प्रभारी मनेंद्रगढ़ दीपेश सैनी के नेतृत्व में थाना मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के चल रहे वाहनों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया और वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की समझाइश दी। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विगत चार दिनों में बिना नंबर प्लेट चलाने वाले 72 वाहनों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में बिना नंबर प्लेट वाहन चलाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान आगे भी लगातार चलाया जाएगा।
वन सुरक्षा कार्य में लापरवाही? बिना पानी-मिश्रण के गाड़े जा रहे फेंसिंग के खंभे
कोरिया। जिले के बचरा पोड़ी क्षेत्र के ग्राम जिल्दा में वन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा कराए जा रहे फेंसिंग कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जंगलों के चारों ओर लगाए जा रहे सीमेंट के खंभों को तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं लगाया जा रहा है, जिससे पूरे कार्य की मजबूती पर संदेह पैदा हो गया है। मौके पर बनाए गए एक वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि खंभे लगाने के लिए गड्ढे तो खोदे गए हैं, लेकिन उनमें डाले जा रहे सीमेंट, बालू और गिट्टी को सही तरीके से मिलाया नहीं जा रहा है। इतना ही नहीं, मिश्रण में पानी भी नहीं डाला जा रहा है। सूखे सीमेंट मिश्रण को सीधे गड्ढे में डालकर खंभों के आसपास भर दिया जा रहा है। सामान्य तौर पर निर्माण कार्य में सीमेंट, बालू और गिट्टी को निर्धारित अनुपात में पानी के साथ मिलाकर कंक्रीट तैयार किया जाता है, ताकि खंभे मजबूत और लंबे समय तक टिकाऊ बने रहें। लेकिन जिल्दा क्षेत्र में जिस तरह से कार्य किया जा रहा है, उससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो खंभों को मजबूत बनाने के लिए “बरसात के भरोसे” तकनीक अपनाई जा रही हो। सूखा मिश्रण गड्ढे में डाल दिया गया है और उम्मीद की जा रही है कि बारिश होने पर पानी गिरने से यह अपने आप जम जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह से कार्य किया गया तो खंभे अधिक समय तक टिक नहीं पाएंगे, जिससे सरकारी धन की बर्बादी होने की आशंका है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है या फिर पूरा काम ठेकेदार और कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच करें और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करें, ताकि वनों की सुरक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा यह कार्य सही तरीके से पूरा हो सके।










