नेहरू चौक पर वसूली कर रहे दो किन्नर गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर। शहर के व्यस्ततम नेहरू चौक पर राहगीरों और परिवारों से अभद्रता कर वसूली करने वाले दो किन्नरों को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई आम जनता की शिकायतों और मौके पर उपजे आक्रोश के बाद की गई। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार (25 फरवरी 2026) को नेहरू चौक ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों के रुकते ही किन्नरों द्वारा वसूली की जा रही थी। आरोपी जूली चौधरी (उम्र 36 वर्ष) और नफीसा खातून (उम्र 25 वर्ष), दोनों गुरु रजिया किन्नर की शिष्याएं, सिग्नल पर रुके परिवारों और महिलाओं के पास जाकर ताली बजाकर पैसों की मांग कर रही थीं। पैसे न देने पर उनके द्वारा किए जा रहे अभद्र व्यवहार से राहगीर काफी परेशान थे। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और जनता में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। पुलिस की कार्रवाई सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। दर्ज धारा: पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 170 बी.एन.एस.एस. (BNSS) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का संदेश: अधिकारियों का कहना है कि शहर के प्रमुख चौराहों पर इस तरह की अवैध गतिविधियों और आम जन को परेशान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। “नेहरू चौक जैसे सार्वजनिक स्थलों पर आम नागरिकों और परिवारों के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस की ऐसी कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।”

28 फरवरी को खातों में आएगा धान का बोनस

सुशील जायसवाल   कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा | छत्तीसगढ़ के लाखों अन्नदाताओं के लिए होली से पहले खुशियों की दस्तक होने वाली है। राज्य सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 28 फरवरी की दोपहर तक किसानों के बैंक खातों में धान की अंतर राशि (बोनस) का भुगतान कर दिया जाएगा। यह राशि सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। 10 हजार करोड़ का होगा भुगतान इस वर्ष सरकार लगभग 10,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे किसानों की जेब में डालने जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत 25 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई है। भुगतान का गणित: कुल खरीदी सीमा: 21 क्विंटल प्रति एकड़। निर्धारित दर: ₹3100 प्रति क्विंटल। अंतर राशि: समर्थन मूल्य और तय दर के बीच के अंतर को बोनस के रूप में दिया जा रहा है। “इस भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। कृषक उन्नति योजना के तहत अब तक कुल भुगतान का आंकड़ा 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।” भुगतान पाने के लिए जरूरी शर्तें किसानों को सलाह दी गई है कि वे राशि प्राप्त करने हेतु निम्नलिखित तकनीकी पहलुओं की जांच कर लें: बैंक खाता आधार (Aadhaar) से अनिवार्य रूप से लिंक हो। धान बिक्री का पंजीकरण विवरण पूरी तरह सही होना चाहिए। मोबाइल नंबर अपडेट रखें ताकि भुगतान का SMS प्राप्त हो सके। पुलिस की अपील: “सजग कोरबा” अभियान के तहत सतर्कता जरूरी पसान और कोरबी पुलिस ने ‘सजग कोरबा’ अभियान के तहत किसानों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने गांव-गांव में प्रचार-प्रसार करते हुए अपील की है कि: अकेले न जाएं: बैंक से बड़ी राशि निकालते समय साथ में कम से कम दो भरोसेमंद व्यक्तियों को जरूर रखें। सावधानी बरतें: किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। नशे से दूर रहें: राशि लेकर लौटते समय शराब का सेवन कर वाहन न चलाएं, यह जानलेवा हो सकता है।

भू-विस्थापितों की दो टूक: “बाहरी को काम, स्थानीय बेरोजगार बदहाल — अब चुप नहीं बैठेंगे”

ज्ञान शंकर तिवारी     कोरबा जिले में खदान परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों का आक्रोश फिर सतह पर है। भू-विस्थापित कोयला कर्मचारी एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष संतोष पटेल ने केंद्रीय कोयला मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि दीपका, गेवरा और कुसमुंडा परियोजनाओं में प्रभावित परिवारों को अब तक वादा किया गया वैकल्पिक रोजगार नहीं मिला। ज्ञापन में उल्लेख है कि 10 नवंबर 2024 को दीपका परियोजना में कार्यबंदी के दौरान जिला प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। इस समझौते में भू-विस्थापित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था। संघ का आरोप है कि यह आश्वासन अब तक कागज़ों से बाहर नहीं आ पाया है। “स्थानीयों की अनदेखी, बाहरी को प्राथमिकता” संतोष पटेल ने आरोप लगाया कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को दरकिनार कर बाहरी लोगों को काम दिया जा रहा है। साथ ही ठेका कंपनियों पर मजदूरी भुगतान में अनियमितता और रेट निर्धारण में पारदर्शिता की कमी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कुछ क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा परियोजना कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन की घटनाएं भी सामने आई हैं, जो बढ़ते असंतोष का संकेत हैं। 30–40 गांव प्रभावित, परिवार आर्थिक संकट में संघ का दावा है कि लगभग 30 से 40 गांव विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित हैं। भूमि अधिग्रहण के समय स्थायी रोजगार और पुनर्वास का भरोसा दिया गया था, लेकिन आज कई परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा का खर्च उठाना तक मुश्किल हो गया है। प्रमुख मांगें कोयला मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने मांग की है— प्रभावित परिवारों को तत्काल रोजगार दिया जाए। त्रिपक्षीय समझौते का पालन सुनिश्चित किया जाए। ठेका कंपनियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने का स्पष्ट आदेश जारी किया जाए। संतोष पटेल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो धरना, प्रदर्शन और कामबंद आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की होगी। अब निगाहें केंद्र सरकार और मंत्रालय के फैसले पर टिकी हैं। सवाल यह है कि खदानों की समृद्धि में अपनी जमीन गंवाने वाले परिवारों को न्याय कब मिलेगा?

बेलतरा के पास नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले दंपत्ति को सड़क ने छीन लिया

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर–कटघोरा मार्ग पर बेलतरा के पास गुरुवार की सुबह एक ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। जिंदगी की ढलती उम्र में एक-दूसरे का सहारा बने बुजुर्ग पति-पत्नी अपने दोपहिया वाहन से सड़क पार कर रहे थे। शायद उन्हें क्या पता था कि कुछ ही पल में एक तेज रफ्तार ट्रेलर उनकी खुशियों को रौंद देगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीछे से आ रहे ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सड़क पर बिखरा सामान और लहूलुहान देह उस दर्दनाक मंजर की गवाही दे रहे थे। पति अपनी जीवनसंगिनी को खून से लथपथ हालत में देख बेसुध हो गए। उन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और ट्रेलर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है। यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार की दुनिया उजड़ने की कहानी है। बुजुर्ग दंपत्ति ने जीवन के उतार-चढ़ाव साथ झेले थे, लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। नेशनल हाईवे पर लगातार हो रही दुर्घटनाएं एक बार फिर सवाल खड़े कर रही हैं—आखिर कब थमेगा रफ्तार का कहर? स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर गति नियंत्रण, सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी और घर की खुशियां इस तरह सड़क पर न  

मिलावटी शराब के आरोपों से गरमाया माहौल, शराब प्रेमियों ने की ‘ठेका सिस्टम’ बहाली की मांग

✍️ भागीरथी यादव     मनेन्द्रगढ़ (MCB)। छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) में देशी शराब की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। शहर के शराब प्रेमियों ने वर्तमान व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सरकारी दुकानों में मिलने वाली शराब अब पहले जैसी नहीं रही। उपभोक्ताओं का दावा है कि शराब में मिलावट की जा रही है, जिसके चलते अब वे ‘ठेका प्रणाली’ को वापस लाने की मांग कर रहे हैं। “दो क्वार्टर में भी नहीं मिल रहा पहले जैसा असर” स्थानीय ऑटो चालक श्रीनिवास सेन और उनके साथियों ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि वे दिनभर की थकान मिटाने के लिए सप्ताह में एक-दो बार शराब का सेवन करते हैं। उनके अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के समय शराब न केवल सस्ती थी, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी अच्छी थी। “पहले एक क्वार्टर में ही संतोष मिल जाता था, लेकिन अब स्थिति यह है कि दो क्वार्टर पीने के बाद भी वैसा नशा या असर महसूस नहीं होता। इससे साफ पता चलता है कि शराब में मिलावट की जा रही है।” — स्थानीय उपभोक्ता पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश का रुख कर रहे लोग गुणवत्ता में गिरावट का असर अब स्थानीय राजस्व पर भी पड़ता दिख रहा है। उपभोक्ताओं ने बताया कि बेहतर और शुद्ध शराब की तलाश में उन्हें पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के राजनगर जाना पड़ रहा है। इससे न केवल उनका आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि समय की भी बर्बादी हो रही है। लोगों का तर्क है कि यदि स्थानीय स्तर पर गुणवत्ता में सुधार हो, तो मध्य प्रदेश से होने वाली शराब की अवैध आवक पर भी लगाम लगेगी। आबकारी विभाग पर चुप्पी साधने का आरोप शराब प्रेमियों का कहना है कि गुणवत्ता में आ रही इस गिरावट और मिलावट की शिकायतों को मीडिया के माध्यम से कई बार जिला आबकारी विभाग तक पहुँचाया गया है। इसके बावजूद, विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई या लैब टेस्टिंग जैसी पहल नहीं की गई है। प्रशासन की इस कथित अनदेखी से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रमुख मांगें: ठेका प्रणाली की वापसी: उपभोक्ताओं का मानना है कि निजी ठेकेदारों के हाथ में कमान होने से प्रतिस्पर्धा रहती है और गुणवत्ता पर जवाबदेही तय होती है। निष्पक्ष जांच: वर्तमान स्टॉक की लैब में जांच कराई जाए ताकि मिलावट का सच सामने आ सके। पारदर्शिता: बिक्री और स्टॉक के प्रबंधन में पारदर्शिता लाई जाए ताकि उपभोक्ताओं को मानक उत्पाद मिल सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन शिकायतों पर क्या रुख अपनाता है और क्या उपभोक्ताओं को उनकी मांग के अनुरूप शुद्धता का आश्वासन मिलता है।

ब्रेकिंग न्यूज भीषण सड़क हादसा

सुशील जायसवाल   तनेरा घाटी के नीचे पेड़ से टकराकर ट्रेलर में लगी आग, मलबे में तब्दील हुआ वाहन कोरबी चोटिया/पसान: पसान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोरबी चौकी क्षेत्र में बीती रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कोरबी-रानी अटारी मार्ग पर स्थित ग्राम सरमा और तनेरा घाटी के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन में तत्काल आग लग गई और देखते ही देखते ट्रेलर धूं-धूं कर जलने लगा। घटना का विवरण जानकारी के अनुसार, ट्रेलर क्रमांक CG 04 PC 5784 रानी अटारी की ओर जा रहा था। तनेरा घाटी के नीचे चालक ने संभवतः वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और ट्रेलर हेल्पर साइड से सीधे एक विशाल पेड़ में जा घुसा। प्रत्यक्षदर्शियों और राहगीरों के मुताबिक, यह दुर्घटना मंगलवार रात की है। आशंका: शुरुआती कयास लगाए जा रहे हैं कि चालक को झपकी आने की वजह से यह हादसा हुआ होगा। मौके का मंजर: रात के सन्नाटे में धमाकों की आवाज से पूरा जंगल गूंज उठा। टायर और डीजल टैंक फटने के कारण आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं। वर्तमान स्थिति: सुबह जब ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे, तब तक ट्रेलर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। जंगल में आग फैलने का खतरा स्थानीय ग्रामीणों ने चिंता जाहिर की है कि ट्रेलर में लगी आग और तेज हवाओं के कारण आसपास के सूखे जंगल में भी आग फैल सकती है। यदि समय रहते स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो यह एक बड़ी वनाग्नि का रूप ले सकती है। पुलिस और प्रशासन की स्थिति हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद पुलिस को इसकी आधिकारिक सूचना देरी से मिली। इस संबंध में कोरबी चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी ने बताया कि समाचार लिखे जाने तक उनके पास घटना की कोई लिखित या औपचारिक जानकारी नहीं पहुंची थी। लापता है चालक: दुर्घटना के बाद से ट्रेलर का चालक लापता है। वह आगजनी का शिकार हुआ या मौके से फरार हो गया, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

युवाओं के सपनों को पंख देगा छत्तीसगढ़ का बजट: कृष्णानंद राठौर

ज्ञान शंकर तिवारी     विधायक प्रतिनिधि ने बजट को बताया ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की ठोस आधारशिला; बोले- स्टार्टअप और AI मिशन से आत्मनिर्भर बनेगी नई पीढ़ी कोरबा/छत्तीसगढ़: भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला कार्यसमिति सदस्य एवं विधायक प्रतिनिधि कृष्णानंद राठौर ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को “युवाओं के सपनों को साकार करने वाला दूरदर्शी बजट” करार देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब ‘विकसित राज्य’ बनने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा चुका है। युवाओं को ‘रोजगार प्रदाता’ बनाने वाला बजट बजट की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए श्री राठौर ने कहा कि यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को सशक्त बनाने का रोडमैप है। उन्होंने स्टार्टअप और स्वरोजगार के लिए की गई घोषणाओं की सराहना करते हुए कहा: “स्टार्टअप के लिए सब्सिडी, बिना ब्याज के ऋण और तकनीकी मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं युवाओं को नौकरी मांगने वाले के बजाय ‘नौकरी देने वाला’ बनाएंगी। यह नवाचार और स्थानीय उद्योगों के लिए क्रांतिकारी साबित होगा।” 5 मुख्यमंत्री मिशन: आधुनिक तकनीक और अवसर का संगम कृष्णानंद राठौर ने बजट में घोषित 5 प्रमुख मिशनों को छत्तीसगढ़ के कायाकल्प का आधार बताया: AI मिशन: युवाओं को भविष्य की डिजिटल तकनीक से जोड़ना। स्टार्टअप-NIPUN मिशन: कौशल विकास और उद्यमिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाना। खेल उत्कर्ष मिशन: जिला स्तर पर खेल अकादमियों से ग्रामीण प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच दिलाना। पर्यटन एवं अधोसंरचना मिशन: निवेश के जरिए स्थानीय रोजगार के नए द्वार खोलना। सर्वस्पर्शी और संतुलित विकास विधायक प्रतिनिधि ने आगे कहा कि बजट में न केवल युवाओं, बल्कि किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। महिला स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। निष्कर्ष: श्री राठौर ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संतुलित और दूरदर्शी बजट छत्तीसगढ़ को विकास की दौड़ में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक बजट के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

बिलासपुर में प्रशासनिक अधिकारी को निशाना बनाने की साजिश? छवि धूमिल करने के लिए पुरानी फाइलों का सहारा

ज्ञान शंकर तिवारी     कोरबा/बिलासपुर | ज्ञान शंकर तिवारी न्यायधानी बिलासपुर में इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में एक नया विवाद गर्माया हुआ है। भू-अर्जन शाखा में पदस्थ अधीक्षक खिलेन्द्र यादव के खिलाफ कुछ वेब पोर्टलों द्वारा चलाए जा रहे ‘नकारात्मक अभियान’ ने पत्रकारिता की नैतिकता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधीक्षक यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। भ्रामक खबरों पर अधीक्षक का कड़ा रुख लगातार लग रहे आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए अधीक्षक खिलेन्द्र यादव ने स्पष्ट किया कि प्रसारित खबरें पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा: “बिना मेरा पक्ष जाने और बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज की पुष्टि किए खबरें चलाना पत्रकारिता के सिद्धांतों के विरुद्ध है। यह केवल एकतरफा छवि बनाने का प्रयास है।” शिकायत की विश्वसनीयता पर सवाल रिपोर्ट के अनुसार, जिस शिकायत के आधार पर खबरें बनाई जा रही हैं, वह किसी ‘छद्म नाम’ (Anonymous) से की गई प्रतीत होती है। सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार, बिना नाम और पते की शिकायतों का कोई आधार नहीं होता। अधीक्षक ने दावा किया कि विभाग को अब तक ऐसी कोई वैध शिकायत प्राप्त ही नहीं हुई है। प्रमुख बिंदुओं पर स्पष्टीकरण   विषय अधीक्षक खिलेन्द्र यादव का पक्ष निलंबन विवाद 3 वर्ष पूर्व कलेक्टर की जांच में डेटा लीक या अनियमितता के आरोप गलत पाए गए थे। शासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बहाल किया था। अब इसे दोबारा उठाना केवल चरित्र हनन है। पदस्थापना एक ही जिले में पदस्थ रहना शासन का निर्णय है। प्रशासन को हर माह अपडेटेड जानकारी भेजी जाती है। इसमें कुछ भी गोपनीय या गलत नहीं है। सीमांकन एवं डायवर्सन भू राजस्व संहिता के अनुसार ये अधिकार तहसीलदार और SDM के पास हैं। अधीक्षक भू अभिलेख का इसमें सीधा हस्तक्षेप नहीं होता। जांच रिपोर्ट 28 मई 2025 की शिकायत पर कलेक्टर द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट में आरोपों को ‘निराधार और द्वेषपूर्ण’ बताया जा चुका है। निजता का हनन और मानसिक प्रताड़ना अधीक्षक यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी निजी और गोपनीय जानकारियों को सार्वजनिक कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने इसे अपनी निजता और स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया है। निष्कर्ष: सच क्या है? न्यायधानी में चर्चा आम है कि क्या यह वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज है या फिर किसी कर्मठ अधिकारी को रास्ते से हटाने का प्रयास? फिलहाल, आधिकारिक दस्तावेजों और कलेक्टर की जांच रिपोर्ट अधीक्षक के पक्ष में झुकी नजर आती है। अब देखना यह होगा कि भ्रामक खबरें फैलाने वाले पोर्टलों पर शासन क्या रुख अपनाता है।  

रूंगटा कोल ब्लॉक के खिलाफ जलेके में महापंचायत, ग्रामीणों ने खनन परियोजना का किया खुला विरोध

सुशील जायसवाल     कोरबा (कोरबी-जलेके)। पसान क्षेत्र के ग्राम पंचायत जलेके में मंगलवार 24 फरवरी को रूंगटा कोल ब्लॉक आवंटन के विरोध में एक विशाल महापंचायत आयोजित की गई। यह आयोजन क्षेत्रीय विधायक एवं तुलेश्वर सिंह मरकाम के निर्देश तथा जिला पंचायत सदस्य एवं विद्वान सिंह मरकाम के मार्गदर्शन में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की ब्लॉक इकाई पसान द्वारा किया गया। महापंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और प्रस्तावित कोल खनन परियोजना के खिलाफ एकजुटता दिखाई। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी स्थिति में वे अपने क्षेत्र में नई खदान नहीं खुलने देंगे। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करते हुए विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का संकल्प भी लिया गया। बीजाड़ांड़ में जारी है अनिश्चितकालीन धरना जलेके गांव से कुछ दूरी पर स्थित SECL की रानी अटारी विजय वेस्ट कोल माइंस के समीप पुटी पखना बीजाड़ांड़ क्षेत्र में ग्रामीण पिछले एक माह से अधिक समय से प्रस्तावित रूंगटा कोल ब्लॉक आवंटन को निरस्त करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। महापंचायत में उपस्थित ग्रामीणों ने बीजाड़ांड़ में चल रहे धरना प्रदर्शन को खुला समर्थन देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक गांव की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अस्मिता और पर्यावरण संरक्षण का प्रश्न है। “किसी भी शर्त पर नहीं खुलने देंगे खदान” – विद्वान सिंह मरकाम मीडिया से चर्चा करते हुए जिला पंचायत सदस्य एवं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम ने कहा कि एक माह से चल रहे आंदोलन को क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ग्रामीणों की जायज मांगों की अनदेखी करता है, तो पार्टी जिला स्तर पर बड़ा जनांदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने कहा, “यह संघर्ष जमीन, जल और जंगल की रक्षा का है। ग्रामीणों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का खनन कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा।” जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी महापंचायत में गोंगपा युवा मोर्चा जिला संगठन मंत्री विनोद कुमार आरमो, ब्लॉक उपाध्यक्ष मुकेश पोया सहित कई जनप्रतिनिधि, सरपंच और सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। सभा में सभी ने एक स्वर में खनन परियोजना का विरोध करते हुए आंदोलन को निर्णायक चरण तक ले जाने की बात कही। महापंचायत के बाद क्षेत्र में आंदोलन को लेकर माहौल और अधिक गर्म हो गया है। अब सबकी निगाहें शासन-प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

शराब के लिए पैसे न मिलने पर चाकूबाजी करने वाला ‘टोबो’ गिरफ्तार, भेजा गया जेल

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर: शहर में अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए बिलासपुर पुलिस लगातार ‘एक्शन मोड’ में है। ताज़ा मामला कोनी थाना क्षेत्र का है, जहाँ शराब पीने के लिए पैसे की मांग करने और मना करने पर धारदार हथियार से हमला करने वाले एक आदतन बदमाश को पुलिस ने चंद घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, जलसों निवासी प्रार्थी सुनील कौशिक 22 फरवरी की शाम करीब 6:00 बजे गांव के गुड़ी चौक पर सामान लेने गया था। वहां पहले से मौजूद आरोपी चंदर उर्फ टोबो वर्मा (21 वर्ष) ने सुनील को रोक लिया और शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। जब सुनील ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आया। विवाद इतना बढ़ा कि टोबो ने जान से मारने की धमकी देते हुए अपने पास रखे धारदार चाकू से सुनील पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस की त्वरित कार्यवाही घटना की रिपोर्ट दर्ज होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। कोनी थाना पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी चंदर उर्फ टोबो वर्मा को हिरासत में लिया। बरामदगी: पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू को जब्त कर लिया है। कानूनी धाराएं: आरोपी के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(3), और 119(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। कोर्ट ने भेजा जेल बिलासपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाते हुए आज दिनांक 24 फरवरी 2026 को उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की क्षेत्र में सराहना हो रही है। मुख्य बिंदु: आरोपी: चंदर उर्फ टोबो वर्मा (निवासी जलसों)। जुर्म: अवैध वसूली (शराब के लिए पैसे मांगना) और जानलेवा हमला। पुलिस की सीख: सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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