डूमरकछार चौक पर अवैध शराब का कहर: बाहरी दबंगों के चंगुल में फंस रहा आदिवासी समाज
✍️ भागीरथी यादव पाली | डूमरकछार चौक और आसपास का क्षेत्र इन दिनों अवैध गतिविधियों का केंद्र बन गया है, जिससे स्थानीय आदिवासी समुदाय का भविष्य दांव पर लग गया है। उत्तर प्रदेश से आए एक परिवार द्वारा संचालित अवैध शराब के कारोबार ने न केवल गांव की शांति भंग की है, बल्कि युवाओं और बच्चों को भी नशे के अंधेरे में धकेल दिया है। प्रमुख बिंदु: संकट के घेरे में गांव खुलेआम बिक्री: राष्ट्रीय राजमार्ग के ओवरब्रिज के नीचे और सड़क किनारे धड़ल्ले से अवैध शराब बेची जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी शराब भट्टी से स्टॉक लाकर यहाँ ऊंचे दामों और अवैध तरीके से खपाया जाता है। सरकारी जमीन पर कब्जा: अवैध शराब के साथ-साथ संबंधित परिवार पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर मकान बनाने का भी आरोप है। दबंगई और धमकियां: जब स्थानीय आदिवासी ग्रामीण इस अवैध कार्य का विरोध करते हैं, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पक्ष प्रशासन में ऊंची पहुंच का हवाला देकर उन्हें चुप करा देता है। प्रशासनिक मौन पर उठते सवाल इस पूरे मामले में पुलिस और आबकारी विभाग की चुप्पी ने ग्रामीणों के मन में गहरा रोष पैदा कर दिया है। चर्चा है कि इस अवैध कारोबार को कथित तौर पर संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण कार्रवाई फाइलों में ही दबी रह जाती है। ग्रामीणों की चेतावनी: “अगर प्रशासन ने जल्द ही अवैध कब्जे और शराब की बिक्री पर रोक नहीं लगाई, तो यह स्थिति बड़े सामाजिक संघर्ष का रूप ले सकती है। हमारी संस्कृति और बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।”
वायरल वीडियो विवाद: पुलिस के आचरण और नागरिक जिम्मेदारी पर उठे सवाल, थाना प्रभारी लाइन हाजिर
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी (पोड़ी) | 03 फरवरी 2026 पोड़ी थाना क्षेत्र में 31 जनवरी की रात वाहन चेकिंग के दौरान हुई एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस प्रकरण ने जहाँ पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं, वहीं नागरिकों के उत्तरदायित्व और कानून के प्रति उनके रवैये को भी बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। क्या है पूरा मामला? बीती 31 जनवरी की रात लगभग 9:00 बजे वाहन चेकिंग के दौरान पोड़ी पुलिस और एक चारपहिया वाहन चालक के बीच तीखी बहस हुई। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों को आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते देखा जा सकता है। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी पोड़ी, निरीक्षक जवाहर लाल गायकवाड़ को रक्षित केंद्र (लाइन हाजिर) भेज दिया है। मामले की जांच सीएसपी चिरमिरी दीपिका मिंज को सौंपी गई है, जिन्हें तीन दिन में रिपोर्ट पेश करनी है। सिक्के का दूसरा पहलू: नागरिक जिम्मेदारी घटना के विश्लेषण से यह तथ्य भी सामने आ रहा है कि केवल पुलिस का व्यवहार ही विवाद का कारण नहीं था। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदु उभरे हैं: वाहन न रोकना: चेकिंग के दौरान चालक ने शुरुआत में वाहन नहीं रोका, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हुई। नियमों का उल्लंघन: कथित तौर पर निजी वाहन का उपयोग व्यावसायिक (कमर्शियल) कार्य के लिए किया जा रहा था। दबाव की राजनीति: वीडियो में वाहन मालिक द्वारा “मंत्री जी लाइन पर हैं” कहकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश भी दिखाई दे रही है। अधूरी सच्चाई और सोशल मीडिया का प्रभाव इस मामले ने सोशल मीडिया पर सूचनाओं के ‘सिलेक्टिव’ (चुनिंदा) प्रसार पर भी सवाल उठाए हैं। घटना के पूरे संदर्भ को दिखाने के बजाय केवल विवादित अंशों को वायरल करना जनमत को गुमराह करने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकता है। चालान पर भी विवाद इस मामले में चिरमिरी निवासी प्रभात केशरवानी के विरुद्ध 5,500 रुपये का ऑनलाइन चालान काटा गया है, जिसे गलत बताते हुए पीड़ित पक्ष ने आपत्ति जताई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि चालान नियमों के तहत काटा गया या यह प्रशासनिक त्रुटि है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस से संयम और मर्यादा की अपेक्षा की जाती है, लेकिन यह तभी संभव है जब नागरिक भी कानून का सम्मान करें। अनुशासन की नींव पुलिस और जनता, दोनों के सहयोग से ही मजबूत होती है।
‘मनरेगा बचाओ संग्राम’: बैकुंठपुर में कांग्रेस का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट का घेराव कर जताया विरोध
✍️ भागीरथी यादव कोरिया (बैकुंठपुर) | 03 फरवरी 2026 अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आज जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी कोरिया के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने के बाद सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार योजनाबद्ध तरीके से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ ‘मनरेगा’ को खत्म करने की कोशिश कर रही है। नेताओं ने कहा कि बजट में कटौती और नियमों में बदलाव के कारण मजदूरों को न तो समय पर काम मिल रहा है और न ही मजदूरी का भुगतान हो रहा है। दिग्गज नेताओं ने साधा निशाना जेपी श्रीवास्तव (प्रदेश प्रभारी, मनरेगा): उन्होंने कहा कि भाजपा ने सिर्फ मनरेगा का नाम ही नहीं बदला, बल्कि इसका मूल स्वरूप ही बिगाड़ दिया है। अब काम ग्राम सभा के बजाय केंद्र से तय होंगे, जो ग्रामीणों के साथ छल है। गुलाब कमरो (पूर्व विधायक): उन्होंने योजना को गरीबों की जीवन रेखा बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार इसे खत्म करना चाहती है। कांग्रेस इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी और आंदोलन को और उग्र बनाएगी। अंबिका सिंहदेव (पूर्व विधायक): उन्होंने चिंता व्यक्त की कि सरकार की उदासीनता के कारण ग्रामीण मजदूर अब पलायन करने को मजबूर हैं। कांग्रेस सड़क से सदन तक गरीबों की आवाज उठाएगी। नजीर अजहर (पूर्व जिलाध्यक्ष): उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जनता को जाति-धर्म में बांटकर असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन आमसभा के बाद कांग्रेस का विशाल हुजूम नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। यहां घेराव के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें मजदूरों को समय पर रोजगार देने और बकाया मजदूरी के तुरंत भुगतान की मांग की गई। प्रदर्शन में इनकी रही मौजूदगी इस आंदोलन में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ-साथ महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, NSUI और बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूर व आमजन शामिल हुए।
सड़क सुरक्षा पर संकट: बेखौफ दौड़ रहे नियम विरुद्ध वाहन, एमसीबी पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
✍️ भागीरथी यादव मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एमसीबी जिले में यातायात नियमों की सरेआम उड़ती धज्जियां अब आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ने लगी हैं। विशेष रूप से दो पहिया, चार पहिया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों द्वारा किए जा रहे मोटरयान अधिनियम के उल्लंघन ने सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर अब यह मांग तेज हो गई है कि पुलिस प्रशासन इन वाहनों पर सख्ती बढ़ाए और चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करे। इन नियमों की हो रही है अनदेखी सड़कों पर दौड़ते वाहनों में कई ऐसी खामियां पाई जा रही हैं, जो सीधे तौर पर दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं: ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मनमानी: बिना लाइट और रिफ्लेक्टर के रात में सड़कों पर खड़े या चलते ट्रैक्टर बड़े हादसों का कारण बन रहे हैं। दस्तावेजों का अभाव: बिना नंबर प्लेट, बीमा और वैध दस्तावेजों के बड़ी संख्या में वाहन सड़कों पर सक्रिय हैं। नाबालिग चालक: शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन एक गंभीर समस्या बन चुका है। ओवरलोडिंग: क्षमता से अधिक माल और सवारी ढोना अब आम हो गया है। “कानून का भय ही अनुशासन की नींव” सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और नागरिकों का मानना है कि जब तक पुलिस द्वारा प्रभावी चालानी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक सुधार की गुंजाइश कम है। मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत त्वरित कार्रवाई न केवल राजस्व की दृष्टि से, बल्कि लोगों के जीवन की सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है। यातायात पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस छत्तीसगढ़ को सूचना संज्ञान लेकर विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है। कानून का कड़ाई से पालन होने पर ही सड़कें सुरक्षित हो सकेंगी और अव्यवस्थित यातायात को व्यवस्थित किया जा सकेगा। मुख्य मांग: प्रशासन बिना रिफ्लेक्टर वाले ट्रैक्टरों और ओवरलोड वाहनों पर विशेष नजर रखे, ताकि रात के समय होने वाली जानलेवा भिड़ंत को रोका जा सके।
प्रेरणा: शारीरिक बाधाओं को मात देकर मधु साहू बनीं लेखा सेवा अधिकारी, शासन ने किया सम्मानित
✍️ भागीरथी यादव रायपुर | 03 फरवरी 2026 संघर्ष और अटूट संकल्प की प्रतिमूर्ति सुश्री मधु साहू ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो शारीरिक अक्षमता कभी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती। 40 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांगता और सीमित संसाधनों के बावजूद मधु ने छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी (वित्त विभाग) के पद पर चयनित होकर एक नई मिसाल कायम की है। चुनौतियों को बनाया अपनी ताकत रायगढ़ जिले के तमनार ग्राम की रहने वाली मधु साहू के लिए यह सफर आसान नहीं था। शारीरिक कठिनाइयों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी सफलता के पीछे तीन मुख्य स्तंभ रहे: नियमित अध्ययन: बिना किसी नागा के पढ़ाई को समय देना। अनुशासित दिनचर्या: समय प्रबंधन के साथ तैयारी करना। अडिग आत्मविश्वास: खुद पर भरोसा रखना कि वे यह कर सकती हैं। शासन का मिला साथ: ‘क्षितिज अपार संभावनाएं’ मधु की इस असाधारण उपलब्धि पर समाज कल्याण विभाग ने उन्हें प्रोत्साहित किया है। विभाग द्वारा संचालित “क्षितिज अपार संभावनाएं” सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत उन्हें 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में प्रदान की गई। “यह आर्थिक सहयोग केवल एक राशि नहीं है, बल्कि मेरे संघर्ष और मेहनत को मिली सरकारी पहचान और सम्मान है।” — सुश्री मधु साहू सफलता का श्रेय और संदेश भावुक होते हुए मधु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, शिक्षकों, जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को दिया। उन्होंने कहा कि शासन की इस मदद से उनका विश्वास और मजबूत हुआ है कि राज्य सरकार हर कदम पर दिव्यांग युवाओं के साथ खड़ी है। मधु साहू की यह कहानी छत्तीसगढ़ के हजारों युवाओं के लिए संदेश है कि जब कड़ी मेहनत और संवेदनशील सरकारी नीतियों का मेल होता है, तो हर ‘असंभव’ लक्ष्य ‘संभव’ हो जाता है।
CBSE बोर्ड का बड़ा फैसला: अब डिजिटल होगी 12वीं की कॉपियों की जांच, ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ सिस्टम लागू
रायपुर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया को हाई-टेक बनाते हुए कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के लिए On Screen Marking System (OSMS) अपनाने का निर्णय लिया है। अब शिक्षकों को हाथ में पेन लेकर नहीं, बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन पर कॉपियां जांचनी होंगी। कैसे काम करेगा नया सिस्टम? डिजिटल स्कैनिंग: छात्रों की फिजिकल उत्तरपुस्तिकाओं को हाई-क्वालिटी में स्कैन कर सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा। कंप्यूटर पर मार्किंग: परीक्षक लैपटॉप या कंप्यूटर की स्क्रीन पर कॉपियां देखकर वहीं अंक दर्ज करेंगे। मार्किंग स्कीम: जांच पूरी तरह से बोर्ड द्वारा निर्धारित सॉफ्टवेयर आधारित मार्किंग स्कीम पर आधारित होगी। छात्रों और बोर्ड को होने वाले बड़े फायदे त्रुटिहीन परिणाम: डिजिटल सिस्टम से अंकों की गिनती में होने वाली मानवीय भूल (Human Error) की संभावना खत्म हो जाएगी। जल्द आएंगे नतीजे: कॉपियों को एक शहर से दूसरे शहर भेजने का समय बचेगा, जिससे रिजल्ट जल्दी घोषित हो सकेंगे। पारदर्शिता: हर कॉपी का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा, जिससे पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) और क्रॉस-चेकिंग की प्रक्रिया और भी सटीक और आसान हो जाएगी। स्टेप मार्किंग का लाभ: सॉफ्टवेयर यह सुनिश्चित करेगा कि छात्र को उसके द्वारा लिखे गए सही स्टेप्स और लॉजिक के पूरे अंक मिलें। भविष्य की योजना CBSE ने संकेत दिए हैं कि यदि 12वीं कक्षा में यह प्रयोग सफल रहता है, तो आगामी सत्रों में कक्षा 10वीं की कॉपियों की जांच भी इसी आधुनिक ‘ऑन स्क्रीन’ तरीके से की जाएगी।
बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल; रायपुर पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
रायपुर: राजधानी में बढ़ते अपराधों और चरमराती कानून व्यवस्था के खिलाफ शहर एवं ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रमुख मुद्दे: भय का माहौल और अवैध कारोबार कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रायपुर अब हत्या, लूट, चाकूबाजी और बलात्कार जैसी घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया: अपराधों में वृद्धि: खुलेआम चाकूबाजी और मारपीट से व्यापारी, महिलाएं और छात्र असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अवैध गतिविधियां: शहर और ग्रामीण अंचलों में ऑनलाइन जुआ, सट्टा, नशा और अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। पुलिसिंग पर सवाल: थानों में बल की कमी और पुलिस की कथित उदासीनता के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अनावश्यक वसूली: चालान के नाम पर आम जनता से हो रही वसूली को तत्काल रोकने की मांग की गई। उग्र आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन ने अपराधियों पर लगाम नहीं कसी और अवैध अड्डों को बंद नहीं किया, तो पार्टी जनहित में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल इस दौरान रायपुर शहर अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, छाया वर्मा, प्रमोद दुबे, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, एजाज ढेबर और सुबोध हरितवाल सहित कई प्रमुख कांग्रेसी नेता उपस्थित रहे।
बिलासपुर: दूसरी लड़की से संबंध के शक में प्रेमिका ने प्रेमी के सीने में उतारा चाकू, युवक की मौके पर ही मौत
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर: न्यायधानी के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत शुभम विहार शिक्षक कॉलोनी में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। चरित्र शंका और आपसी विवाद के चलते एक युवती ने अपने ही प्रेमी की चाकू मारकर हत्या कर दी। मुख्य घटनाक्रम मृतक की पहचान कांता प्रसाद सूर्यवंशी (निवासी ग्राम कर्रा, रतनपुर) के रूप में हुई है, जो उसलापुर स्थित एक होटल में काम करता था। आरोपी युवती रौशनी सूर्यवंशी (निवासी झालमला, वर्तमान निवास कुदूदंड) मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे कांता प्रसाद के किराए के कमरे पर पहुँची थी। हत्या की वजह: शक और मोबाइल ब्लॉक करना पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे दो मुख्य कारण सामने आए हैं: तीसरी लड़की का दखल: रौशनी को संदेह था कि कांता प्रसाद का किसी अन्य लड़की के साथ प्रेम संबंध चल रहा है। नंबर ब्लॉक करना: युवक ने युवती का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया था, जिससे वह काफी नाराज थी। कमरे के भीतर इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ा कि आवेश में आकर रौशनी ने पास रखे चाकू से कांता के सीने पर घातक वार कर दिया। हमले के कारण अत्यधिक रक्तस्राव होने से युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान स्थिति: आरोपी युवती पुलिस अभिरक्षा में है। पूछताछ के बाद उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस मामले में आगे के साक्ष्य जुटा रही है।
बीजाडांड़ धरना स्थल पर डॉ. मोती रावेन कंगाली की जयंती मनाई गई; कोल ब्लॉक के खिलाफ आंदोलन तेज
सुशील जायसवाल कोरबा (पसान): छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पसान तहसील अंतर्गत ग्राम बीजाडांड़ में पिछले 20 दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब और मुखर होने लगा है। रूंगटा कोल ब्लॉक आवंटन को निरस्त करने की मांग कर रहे ग्रामीणों ने गोंडवाना इतिहासकार, गोंडवाना रत्न पेनवासी डॉ. मोती रावेन कंगाली की जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। बुढ़ादेव पेनठाना की स्थापना और महापूजन आंदोलन स्थल पर ‘बुढ़ादेव पेनठाना स्थापना महागोंगो’ (महापूजन) का आयोजन किया गया। प्रकृति शक्ति की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बुढ़ादेव की स्थापना की गई। इस दौरान उपस्थित आंदोलनकारियों और समाजसेवियों ने डॉ. कंगाली को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके द्वारा बताए गए ‘जल, जंगल और जमीन’ के संरक्षण के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं का संदेश: संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मोती रावेन कंगाली का साहित्य और ऐतिहासिक शोध आने वाली पीढ़ियों के लिए एक धरोहर है। उन्होंने समाज को जागरूक करते हुए कहा: डॉ. कंगाली का जीवन संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक है। हसदेव और तिरिया जंगल जैसे प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना आदिवासियों का संवैधानिक अधिकार है। क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को बचाने के लिए यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक कोल ब्लॉक आवंटन निरस्त नहीं हो जाता। प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश उल्लेखनीय है कि बीजाडांड़ के साथ-साथ ग्राम सासिन और सुखाबहरा में भी अनिश्चितकालीन धरना जारी है। तिरिया जंगल बचाने के समर्थन में अब आसपास के कई गांवों के लोग एकजुट हो रहे हैं। 20 दिन बीत जाने के बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल न किए जाने के कारण ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। आंदोलनकारियों की चेतावनी: ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र ही जनहित में निर्णय लेते हुए कोल ब्लॉक को निरस्त नहीं किया, तो इस आंदोलन को और भी उग्र और व्यापक रूप दिया जाएगा।
महादेव ऐप की तर्ज पर चल रहा था ‘सट्टा सिंडिकेट’, रायपुर पुलिस ने किया भंडाफोड़; 95 लाख का मशरुका जब्त
रायपुर: राजधानी की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) ने ऑनलाइन सट्टे के एक नए और बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। महादेव ऐप की कार्यप्रणाली को कॉपी कर ‘jmdbet777.com’ और ‘Classic777.com’ जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को दांव लगवाने वाले सिंडिकेट के 6 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। करोड़ों का दांव और लाखों की जब्ती पुलिस ने इस कार्रवाई में आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नगदी और सामान बरामद किया है: नगद राशि: 37 लाख 50 हजार रुपये। वाहन: 3 लग्जरी कारें। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: 10 मोबाइल फोन। कुल जब्ती: लगभग 95 लाख रुपये की संपत्ति। गिरफ्तार आरोपियों के नाम: रखब देव पाहुजा (दुर्ग) – मास्टर आईडी होल्डर पीयूष जैन (रायपुर) – मास्टर आईडी होल्डर जितेन्द्र कुमार कृपलानी उर्फ जित्तू (रायपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर कमल राघवानी (रायपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर सचिन जैन (रायपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर दीपक अग्रवाल (बिलासपुर) – लोकल डिस्ट्रीब्यूटर ऐसे फैला था सिंडिकेट का जाल जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। सिंडिकेट के मुख्य सदस्य रवि सोनकर (दुर्ग), नितिन मोटवानी (रायपुर) और अंकित (नागपुर) पैनल को आईडी प्रोवाइड कराते थे। पकड़े गए आरोपी रखब देव और पीयूष मास्टर आईडी को आगे डिस्ट्रीब्यूट करते थे, जबकि अन्य आरोपी स्थानीय स्तर पर लोगों को आईडी बांटकर सट्टा खिलाते थे। फरार आरोपियों की तलाश: सिंडिकेट के तीन मुख्य सदस्य रवि, नितिन और अंकित फिलहाल फरार हैं। पुलिस की विशेष टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। ऐप में थे 40 से ज्यादा गेम्स आरोपी जिन वेबसाइट्स का उपयोग कर रहे थे, उनमें क्रिकेट से लेकर कैसिनो तक 40 से ज्यादा गेम्स उपलब्ध थे। पुलिस अब इन वेबसाइट्स के सर्वर और वित्तीय लेन-देन (Financial Trail) की गहराई से जांच कर रही है ताकि अन्य सफेदपोश चेहरों को बेनकाब किया जा सके।










