विजयपुरम गेट के पास तलवार लेकर घूम रहा युवक गिरफ्तार, सरकंडा पुलिस की कार्रवाई
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। थाना सरकंडा क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को तलवार के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विजयपुरम गेट के पास एक व्यक्ति तलवार लेकर घूम रहा है, जिससे क्षेत्र में अशांति फैलने की आशंका है। सूचना मिलते ही सरकंडा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम कीर्ति कुमार पोर्ते बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक तलवार बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जप्त कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत में सीमा विधानी प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त
तिल्दा-नेवरा। छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा संगठन विस्तार के तहत महत्वपूर्ण नियुक्ति की घोषणा की गई है। अध्यक्ष अमर गिदवानी की अनुशंसा पर महासचिव जितेन्द्र बड़वानी तथा महिला विंग की अध्यक्ष भावना कुकरेजा की सहमति से सीमा विधानी को प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। इस संबंध में महापंचायत के प्रवक्ता दिनेश आठवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। सीमा विधानी को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर समाज के लोगों में हर्ष का माहौल है और उन्हें लगातार शुभकामनाएं मिल रही हैं। तिल्दा-नेवरा में पुंज्या सिंधी पंचायत के अध्यक्ष शमनलाल खूबचंदानी ने सीमा विधानी को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि उनके अनुभव और सक्रियता से समाज को नई दिशा मिलेगी। वहीं छत्तीसगढ़ सिंधी महापंचायत के प्रदेश उपाध्यक्ष विकास सुखवानी ने भी सीमा विधानी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि वे समाज के विकास और संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। समाज के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी सीमा विधानी को नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाæएं दी
CCTV में कैद हुआ दर्दनाक मंजर: हाथी के हमले में फड़ प्रभारी की मौत, पत्नी बाल-बाल बची
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। जिले के कोरकोमा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। उपार्जन केंद्र कुदमुरा समिति कोरकोमा में पदस्थ फड़ प्रभारी राजेश कुमार सिंह (55) की बीती रात जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई। पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसका वीडियो अब सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार घटना रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। राजेश कुमार सिंह मूल रूप से रजगामार के निवासी थे और आवासी सेवा समिति के सदस्य भी थे। घटना के समय उनकी पत्नी भी उनके साथ मौजूद थीं। अचानक हाथी के हमले में जहां राजेश कुमार सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं उनकी पत्नी किसी तरह बचकर निकलने में सफल रहीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक देर रात हाथियों का झुंड इलाके में घुस आया था। इसी दौरान एक हाथी अचानक उनके पास पहुंच गया और हमला कर दिया। लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। CCTV फुटेज में हाथी की आहट, लोगों में मची अफरा-तफरी और हमले का पूरा मंजर साफ दिखाई दे रहा है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से आसपास के जंगलों में हाथियों की लगातार हलचल देखी जा रही थी। सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। वन विभाग ने ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने, अकेले बाहर न निकलने और हाथियों की सूचना तुरंत देने की अपील की है। साथ ही हाथियों की निगरानी के लिए टीम भी तैनात कर दी गई है। एक जिम्मेदार कर्मचारी की इस तरह अचानक हुई मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में हाथियों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
CSPDCL के प्रबंध निदेशक एवं क्रेडा के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने किया जिले का दौरा
खैरागढ़–छुईखदान–गंडई// छत्तीसगढ़ राज्य पावर वितरण कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं छत्तीसगढ़ क्रेडा के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिले का दौरा ग्रामीण विद्युतीकरण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं जन-केंद्रित पहल सिद्ध हुआ। प्रदेश के सभी जिलों में पहुँचकर प्रबंध निदेशक स्वयं प्रत्येक गाँव एवं अंतिम छोर के उन क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं, जहाँ विद्युत लाइन विस्तार एवं विद्युतीकरण में समस्याएँ रही हैं। वे स्थल पर पहुँचकर वास्तविक स्थिति का जायज़ा लेते हुए प्रत्येक गाँव तक बिजली कनेक्शन एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक निर्देश प्रदान कर रहे हैं। इसी क्रम में खैरागढ़ जिले के ग्राम ग्वालाघुंडी जो पूर्व में सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत था, को दिनांक 22 फ़रवरी को परंपरागत स्त्रोत से विद्युतीकृत किया गया। 3 मार्च को विभागीय अमला ग्राम ग्वालाघुंडी पहुँचा तथा विद्युत व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया गया। प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। तत्पश्चात ग्राम में विद्युत आपूर्ति प्रारंभ की गई, जिससे ग्रामवासियों में हर्ष एवं संतोष का वातावरण निर्मित हुआ। इसके पश्चात ग्राम पंचायत कल्लेपानी का निरीक्षण किया गया, जहाँ ग्रामीण लंबे समय से विद्युत समस्याओं का सामना कर रहे हैं। श्री कंवर ने अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण कर वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा की तथा नई विद्युत लाइन के सर्वेक्षण एवं शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि सर्वे कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ की जाए। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामवासियों से भेंट कर उनकी समस्याओं से सीधे अवगत हुए। दौरे के दौरान कंपनी की योजनाओं के अंतर्गत खैरागढ़ जिले के पात्र हितग्राहियों को प्रबंध निदेशक व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मंजुला सिंह कंवर जो कि पावर कंपनी के आदर्शिनी महिला मंडल के अध्यक्षों में से एक है के द्वारा प्रमाण-पत्रों का वितरण किया गया तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ संवाद में ग्रामीण विद्युतीकरण को और अधिक सशक्त एवं स्थायी बनाने हेतु सहयोगात्मक प्रयासों पर सकारात्मक चर्चा हुई। दौरे की विशेषता इसका खुला एवं संवादात्मक वातावरण रहा, जहाँ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं जिले के हितधारक एक मंच पर एकत्र होकर सामूहिक समाधान की दिशा में सक्रिय दिखाई दिए। यह सहभागिता उस विकास मॉडल को प्रतिबिंबित करती है, जिसमें शासन एवं जनता मिलकर क्षेत्र की सतत प्रगति एवं सशक्त विद्युतीकरण सुनिश्चित करते हैं।
रानी अटारी माइंस में SECL स्टाफ बस अनियंत्रित, बड़ा हादसा टला
सुशील जायसवाल कोरबा, रानी अटारी। जिले के रानी अटारी विजय वेस्ट कोल माइंस में कर्मचारियों को लाने-ले जाने वाली SECL की स्टाफ बस बुधवार को अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर गई। बस झाड़ियों में फंस गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी कर्मचारी को चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार चिरमिरी से प्रतिदिन कर्मचारियों को खदान तक लाने-ले जाने के लिए स्टाफ बस चलती है। बताया जा रहा है कि बस पिछले कुछ दिनों से निर्धारित मार्ग कोरबी और सरमा से जाने के बजाय जंगल क्षेत्र तुमा बहरा से शॉर्टकट रास्ते से गुजर रही थी। इसी दौरान चालक का नियंत्रण अचानक वाहन से बिगड़ गया और बस सड़क से नीचे उतरकर किनारे झाड़ियों में जा फंसी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस की रफ्तार ज्यादा नहीं थी, जिसके कारण किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर नुकसान नहीं हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही खदान प्रबंधन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा बस में सवार सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रारंभिक तौर पर घटना का कारण तकनीकी खराबी बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। घटना के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने परिवहन व्यवस्था की नियमित जांच तथा सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।
रेत बनी जिंदगी की आफत: अवैध उत्खनन विवाद में युवक की मौत, दो पुलिस जवान समेत तीन पर हत्या का केस दर्ज
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश सीमा पर स्थित बरने नदी में रेत उत्खनन के विवाद ने एक युवक की जान ले ली। ग्राम पसौरी निवासी सोनू चक्रधारी की कथित मारपीट और बेलचा से सिर पर प्रहार किए जाने के बाद मौत हो गई। इस मामले में मध्यप्रदेश के दो पुलिस जवानों सहित तीन लोगों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। क्या है पूरा मामला एमसीबी जिले के केल्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पसौरी निवासी संतोष पिता धर्मजीत की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट के अनुसार 3 मार्च की सुबह करीब 6 बजे सोनू चक्रधारी अपने ट्रैक्टर से सूरज, गोलू, भारत, महेश, निखिल और रामनाथ सहित अन्य मजदूरों के साथ डूमरघाट (बरने नदी) रेत लेने गया था। परिजनों का कहना है कि सोनू प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए रेत लेने गया था। सुबह लगभग 8 बजे मध्यप्रदेश के दरसिला चौकी से दो पुलिस जवान और एक सिविल व्यक्ति बोलेरो वाहन से मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने रेत परिवहन को लेकर विवाद किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक पुलिस जवान ट्रैक्टर पर चढ़ गया और वाहन स्टार्ट करने की कोशिश की। विरोध करने पर सोनू की डंडे से पिटाई की गई। बेलचा से वार, मौके पर गिरा युवक बताया जा रहा है कि इसी दौरान सरपंच पति विजय मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर को गांव की ओर ले जाने की बात कही। कुछ दूरी पर जाने के बाद आरोप है कि पीछे से आए पुलिसकर्मियों ने सोनू पर बेलचा से सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। बाद में उसकी मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने एक पुलिस वाहन में तोड़फोड़ भी की। वरिष्ठ अधिकारियों का मौके पर पहुंचना घटना की सूचना मिलते ही एमसीबी की पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचीं। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केल्हारी भेजा गया है। केल्हारी पुलिस ने चौकी दरसिला, थाना जैतपुर (जिला शहडोल, मध्यप्रदेश) के पुलिस जवान नितीन शुक्ला, राजू प्रजापति एवं मधु जायसवाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 296, 308(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। सीमा क्षेत्र में पहले भी रहा है विवाद बरने नदी, जो छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा से होकर गुजरती है, लंबे समय से रेत उत्खनन को लेकर विवादों में रही है। अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर समय-समय पर तनाव की स्थिति बनती रही है। इस घटना ने एक बार फिर सीमा क्षेत्र में प्रशासनिक समन्वय और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
होली पर्व पर बिलासपुर पुलिस अलर्ट मोड में, शहरभर में सघन सुरक्षा व्यवस्था
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए बिलासपुर पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर चेकिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं, जहां पर्याप्त पुलिस बल और अधिकारी तैनात हैं। जानकारी के अनुसार, शहर में 78 पेट्रोलिंग वाहन सक्रिय रूप से गश्त कर रहे हैं। प्रत्येक वाहन में एक अधिकारी के साथ छह-छह जवान तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 37 बाइक पेट्रोलिंग टीमें भी मैदान में हैं, जिनमें दो-दो जवान शामिल हैं। सभी जवान मुस्तैदी के साथ ड्यूटी पर तैनात हैं और लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, प्रशिक्षु आईपीएस सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं रात 2 बजे तक शहर के विभिन्न प्वाइंटों का निरीक्षण किया। होलिका दहन के दौरान भी पुलिस की सतर्क निगरानी बनी रही और सभी स्थानों से शांति एवं खैरियत की सूचना प्राप्त हुई। व्यापक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई होली के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है— 128 आदतन निगरानी/गुंडा बदमाशों को धारा 170 BNSS के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। 36 आदतन अपराधियों पर धारा 129 BNSS के तहत सदा आचरण हेतु प्रतिबंधात्मक कार्रवाई। 337 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 126, 135 BNSS के तहत बाउंड ओवर की कार्रवाई। 19 संदिग्ध व्यक्तियों पर धारा 128 BNSS के तहत कार्रवाई। 22 आरोपियों को धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। 64 प्रकरणों में आबकारी अधिनियम के तहत अवैध शराब पर प्रभावी कार्रवाई की गई। पुलिस की अपील बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि होली का त्योहार भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाएं। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, हुड़दंग या कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी और शांति भंग करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
छत्तीसगढ़ से भाजपा ने लक्ष्मी वर्मा को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार देखें लिस्ट
✍️ भागीरथी यादव रायपुर, 3 मार्च Rajya Sabha Election भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस सूची में छत्तीसगढ़ से पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किया है। जैसे ही यह घोषणा हुई, प्रदेश की राजनीति में नई हलचल देखने को मिली। भाजपा नेतृत्व द्वारा लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगाना कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी ने एक बार फिर महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देते हुए महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संदेश दिया है। माना जा रहा है कि संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और अनुभव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों ने निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि लक्ष्मी वर्मा का राज्यसभा में जाना छत्तीसगढ़ की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देगा। पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह का माहौल है और इसे संगठन की रणनीतिक एवं संतुलित पहल के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के मद्देनज़र भाजपा ने सामाजिक समीकरणों और महिला प्रतिनिधित्व दोनों को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है। अब सभी की निगाहें आगामी चुनाव प्रक्रिया और उसके परिणामों पर टिकी हैं।
गजराजों से त्रस्त किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट, मुआवजा न मिलने पर वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
सुशील जायसवाल कोरबा, पोड़ी उपरोड़ा। कोरबा जिले के पसान क्षेत्र में जंगली हाथियों के लगातार उत्पात से परेशान दर्जनों किसान सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जनदर्शन में कलेक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा रखी। किसानों ने आरोप लगाया कि फसल नुकसान और जनहानि के मामलों में वन विभाग द्वारा न तो समय पर सर्वे किया जा रहा है और न ही क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जा रही है। किसानों के अनुसार, पसान क्षेत्र के बर्रा हरदेव गांव सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है। इससे खेतों में लगी धान एवं अन्य फसलें बर्बाद हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित किसानों ने बताया कि फसलों को भारी नुकसान पहुंचने के बाद भी अब तक मुआवजा राशि स्वीकृत नहीं की गई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है। किसानों ने कहा कि “चाहे सरकारी कर्मचारी हो या आम नागरिक, सभी का पेट किसान ही भरता है। ऐसे में किसानों की समस्याओं की अनदेखी करना उचित नहीं है।” कलेक्टर ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही आश्वासन दिया कि पात्र किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि दिलाई जाएगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। इलाके में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
कोरबा में अवैध रेत का काला खेल
नो-एंट्री में दौड़ रहे ट्रैक्टर, हादसे का इंतजार? प्रशासन की चुप्पी पर सवाल कोरबा। जिले में अवैध रेत उत्खनन का खेल खुलेआम जारी है। देर रात और नो-एंट्री के समय रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज रफ्तार से शहर और ग्रामीण सड़कों पर दौड़ रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर हो रहे इस अवैध कारोबार से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली रसूखदार लोगों के संरक्षण में यह धंधा चल रहा है। पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए नदियों से अंधाधुंध रेत निकाली जा रही है, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। नदी तटों का कटाव बढ़ रहा है और आसपास के गांवों में खतरा मंडरा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ट्रैक्टर नो-एंट्री में बेखौफ दौड़ रहे हैं, तो क्या पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं? यदि जानकारी है, तो कार्रवाई क्यों नहीं? प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है और उसकी निष्पक्षता पर उंगली उठ रही है। क्षेत्र के नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन की राह अपनाई जाएगी। Loksadan प्रशासन से मांग करता है कि— • अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल रोक लगे • नो-एंट्री में चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई हो • जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और पुलिस इस गंभीर मामले पर कब तक चुप्पी साधे रहते हैं या फिर ठोस कार्रवाई कर जनता का विश्वास बहाल करते हैं।










