दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मनेन्द्रगढ़ में ‘परीक्षा पर चर्चा’: आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संदेश
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। Delhi World Public School, Manendragarh में विद्यार्थियों के मानसिक सशक्तिकरण और परीक्षा तनाव को कम करने के उद्देश्य से ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम का प्रभावशाली आयोजन किया गया। यह पहल देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा प्रारंभ की गई है, जिसका उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के दबाव से उबारते हुए उन्हें आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण की ओर प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने परीक्षा को भय नहीं, बल्कि सीखने और स्वयं को परखने का अवसर मानने की सीख प्राप्त की। प्रधानमंत्री के संदेशों के माध्यम से समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन, संतुलित दिनचर्या और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल परीक्षा को लेकर व्याप्त अनावश्यक तनाव कम होता है, बल्कि छात्रों में आत्मअनुशासन और लक्ष्य के प्रति स्पष्टता भी विकसित होती है। कार्यक्रम के उपरांत विद्यार्थियों में उत्साह और ऊर्जा स्पष्ट रूप से देखने को मिली। उन्होंने परीक्षा को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ देने और निरंतर प्रयास करते रहने का संकल्प लिया। विद्यालय परिवार ने इस प्रेरणादायक पहल के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे मार्गदर्शी कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता जताई।
जिला अस्पताल मनेन्द्रगढ़: 220 बिस्तरों की इमारत, लेकिन डॉक्टरों का टोटा—मरीजों पर संकट गहराया
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। कागज़ों में 220 बिस्तरीय दर्जा प्राप्त सिविल चिकित्सालय मनेन्द्रगढ़ की जमीनी हकीकत स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही है। अस्पताल में पदस्थ कई अनुबंधित चिकित्सकों की लंबी अनुपस्थिति ने नियमित उपचार सेवाओं से लेकर इमरजेंसी ड्यूटी तक को प्रभावित कर दिया है। परिणामस्वरूप मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा और व्यवस्था सवालों के घेरे में है। अधीक्षक बनाम सीएमएचओ: विरोधाभासी दावे अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी ने डॉक्टरों की कमी और उससे उत्पन्न प्रशासनिक कठिनाइयों को लेकर जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखा है। वहीं, जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, एमसीबी की ओर से स्थिति सामान्य बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सीएमएचओ स्तर पर डॉक्टरों की संख्या को लेकर स्पष्ट जानकारी तक उपलब्ध नहीं है। यह विरोधाभास स्वयं में प्रशासनिक समन्वय की कमी को उजागर करता है। मरीज भुगत रहे अव्यवस्था का खामियाजा डॉक्टरों की कमी का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। ओपीडी सीमित, इमरजेंसी पर दबाव और गंभीर मामलों में रेफरल की संख्या बढ़ना अब सामान्य हो गया है। कई मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। मशीन है, सेवा नहीं: सोनोग्राफी बनी प्रतीक्षा का नाम अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध है, लेकिन नियमित जांच सुविधा नहीं मिल पा रही। सीमित दिनों में ही जांच होने से गर्भवती महिलाओं और दूरदराज से आने वाले मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। अक्सर अगली तारीख देकर मरीजों को लौटा दिया जाता है या निजी केंद्रों का सहारा लेने को मजबूर किया जाता है। यह स्थिति संसाधनों के उपयोग और निगरानी तंत्र पर प्रश्नचिह्न लगाती है। बड़ा दर्जा, कमजोर व्यवस्था नगर अस्पताल से जिला अस्पताल का दर्जा मिलने के बावजूद सुविधाओं का विस्तार अपेक्षित स्तर तक नहीं हो सका। केवल भवन और बिस्तर संख्या बढ़ाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी नहीं होतीं; इसके लिए पर्याप्त डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता अनिवार्य है। जवाबदेही तय करने की मांग एक ओर अधीक्षक द्वारा समस्या उजागर की जा रही है, दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर इनकार—ऐसी स्थिति में आम जनता भ्रमित है। सवाल यह है कि यदि जिला मुख्यालय के अस्पताल का यह हाल है, तो ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति कैसी होगी? अब आवश्यकता केवल आश्वासनों की नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और पारदर्शिता की है। स्वास्थ्य सेवाएं अधिकार हैं, सुविधा नहीं। मनेन्द्रगढ़ के मरीज इंतजार में हैं—क्या व्यवस्था जागेगी या हालात यूं ही कागज़ों तक सीमित रहेंगे?
अधिवक्ताओं की गरिमा पर हमला बर्दाश्त नहीं: जिला अधिवक्ता संघ मनेन्द्रगढ़ ने की एफआईआर की मांग
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। सोशल मीडिया पर अधिवक्ता समुदाय के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणियों को लेकर जिला अधिवक्ता संघ मनेन्द्रगढ़ ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ ने इसे पेशेवर गरिमा पर सीधा प्रहार बताते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। संघ की ओर से 7 फरवरी 2026 को सिटी कोतवाली प्रभारी को सौंपे गए लिखित आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विवेकानंद चौक, मनेन्द्रगढ़ निवासी रघुनाथ पोद्दार उर्फ कल्लू तथा ‘शराफत की दस्तक’ चैनल के संचालक शराफत अली द्वारा एक साक्षात्कार के दौरान अधिवक्ताओं के विरुद्ध अपमानजनक और आधारहीन टिप्पणियां की गईं। यह इंटरव्यू 25 जनवरी 2026 को फेसबुक के माध्यम से प्रसारित किया गया था। संघ के अनुसार करीब 13 मिनट के इस वीडियो में न केवल अधिवक्ताओं, बल्कि राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी बिना प्रमाण गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे समाज में भ्रम और अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हुई। वीडियो को शराफत अली के फेसबुक अकाउंट से साझा किया गया, जिसकी पहुंच लगभग 1570 लोगों तक बताई जा रही है। वीडियो के व्यापक प्रसार से अधिवक्ता समुदाय में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 फरवरी 2026 को जिला अधिवक्ता संघ की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि उक्त कृत्य सुनियोजित प्रतीत होता है और यह इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। संघ ने इसे सामाजिक सौहार्द और संस्थागत प्रतिष्ठा को आहत करने का प्रयास बताया। जिला अधिवक्ता संघ ने मांग की है कि संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधि सम्मत धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में सोशल मीडिया मंचों का उपयोग कर किसी भी सम्मानित पेशे या वर्ग की छवि धूमिल करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
भानुप्रतापपुर–दल्ली राजहरा मार्ग पर भीषण हादसा, ट्रक की चपेट में आने से दो युवकों की मौत
भानुप्रतापपुर–दल्ली राजहरा मार्ग पर ग्राम टेकाढ़ोडा (साल्हे) के पास शनिवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई। दोनों युवक बाइक से भानुप्रतापपुर की ओर जा रहे थे, तभी लौह अयस्क से भरे एक ट्रक ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि एक युवक ट्रक के नीचे फंस गया, जबकि दूसरा पिछले पहियों के नीचे दब गया। बताया जा रहा है कि ट्रक बाइक समेत दोनों युवकों को करीब 50 मीटर तक घसीटता हुआ आगे बढ़ गया। एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे युवक ने अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही कच्चे पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक के नीचे फंसी बाइक व शव को निकालने के लिए जेसीबी मशीन की सहायता ली गई। हादसे के चलते करीब एक घंटे तक मार्ग पर यातायात बाधित रहा। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
बरबसपुर बायपास पर अवैध स्क्रैप यार्ड पर उरगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख का माल जब्त
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। उरगा पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बरबसपुर बायपास रोड स्थित एक स्क्रैप यार्ड पर बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम की दबिश में करीब 30 लाख रुपये मूल्य के लगभग 1200 टन वाहनों के पुर्जे और भारी मात्रा में लोहे का सामान जब्त किया गया। कार्रवाई के बाद नगर निगम की टीम ने यार्ड को सील कर दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम बरबसपुर बायपास मार्ग पर संचालित स्क्रैप यार्ड में चोरी से संबंधित हाइवा, ट्रेलर और ट्रक के पुर्जे अवैध रूप से संग्रहित किए जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना उरगा पुलिस ने संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई और मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान यार्ड संचालक नूर आलम (33) मौके पर मौजूद मिला। पुलिस द्वारा जब्त सामग्री से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह कोई भी अधिकृत कागजात उपलब्ध नहीं करा सका। दस्तावेजों के अभाव में पुलिस ने पूरे माल को संदिग्ध मानते हुए विधि सम्मत जब्ती की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जब्त सामग्री के स्रोत की पड़ताल की जाएगी। यदि चोरी या अन्य आपराधिक कृत्य से जुड़ाव पाया जाता है तो संबंधित धाराओं में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दर्री में नए टीआई का सख़्त एक्शन: पदभार संभालते ही बदमाशों को थाने बुलाकर दी चेतावनी
✍️ भागीरथी यादव दर्री। दर्री थाना में पदभार ग्रहण करते ही टीआई आशीष सिंह ने साफ संकेत दे दिया है कि क्षेत्र में अब कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने गुंडा और बदमाश प्रवृत्ति के लोगों को थाने तलब कर कड़ी चेतावनी दी। टीआई आशीष सिंह ने दो टूक कहा कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, शांति भंग करने की कोशिश या कानून से खिलवाड़ को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में तत्काल और सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी संदिग्ध तत्वों को स्पष्ट शब्दों में समझाइश दी कि वे अपनी गतिविधियों में सुधार लाएं, अन्यथा पुलिस की कार्रवाई के लिए तैयार रहें। पदभार संभालने के पहले ही दिन थाना परिसर में हलचल का माहौल देखने को मिला। कई असामाजिक तत्वों को थाने पहुंचकर हाजिरी देनी पड़ी। कुछ लोगों के देर से पहुंचने पर भी पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया, जिससे साफ जाहिर हुआ कि नए टीआई का संदेश गंभीरता से लिया जा रहा है। टीआई ने यह भी कहा कि अपराध नियंत्रण, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानून का पालन करने वालों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, लेकिन कानून तोड़ने वालों के लिए दर्री थाना अब सख़्त रुख अपनाएगा। दर्री क्षेत्र में अब स्पष्ट संदेश है—कानून के दायरे में रहकर ही गतिविधियां संचालित करनी होंगी, अन्यथा कार्रवाई तय है।
गरियाबंद की पहाड़ियों से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियारों का जखीरा बरामद
✍️ भागीरथी यादव धमतरी/गरियाबंद: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘उन्मूलन अभियान’ के तहत धमतरी पुलिस की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरा पहाड़ पर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों के बड़े भंडार को जब्त किया है। सरेंडर कर चुके नक्सलियों ने खोला राज इस पूरी कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी आत्मसमर्पित नक्सली भूमिका और अमिला रहे। पुलिस की पूछताछ के दौरान इन दोनों ने सेमरा पहाड़ के गुप्त ठिकानों का खुलासा किया, जहाँ नक्सलियों ने भविष्य में बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के लिए हथियारों का स्टॉक जमा कर रखा था। बरामद हथियारों की सूची सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान डीआरजी की टीम ने पहाड़ियों के बीच से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है: 01 बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) राइफल 01 ‘8 MM’ राइफल 03 बीजीएल ग्रेनेड 08 बीजीएल के खाली कार्ट्रिज 25 ग्राम गन पाउडर और सैन्य पोच नक्सल कमर तोड़ने की तैयारी धमतरी और सीमावर्ती जिलों में लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग अभियानों ने नक्सलियों के नेटवर्क को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री से यह स्पष्ट है कि नक्सली किसी बड़ी साजिश की फिराक में थे, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने सभी हथियारों को जब्त कर लिया है और क्षेत्र में वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ सर्चिंग और तेज कर दी गई है। “यह सफलता पुलिस और जनता के बीच बढ़ते विश्वास का परिणाम है। आत्मसमर्पित नक्सलियों का सहयोग यह दर्शाता है कि अब वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं।
राष्ट्रपति के बस्तर आगमन पर 85 लाख के 30 इनामी माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
✍️ भागीरथी यादव बीजापुर: महामहिम राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास के दौरान बीजापुर जिले में माओवाद उन्मूलन की दिशा में प्रशासन को बड़ी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ शासन की ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ (पूना मारगेम) नीति से प्रभावित होकर 30 इनामी माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। मुख्यधारा में लौटे इनामी कैडर आत्मसमर्पण करने वाले इन 30 कैडरों में 20 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। इन सभी पर कुल 85 लाख रुपये का इनाम घोषित था। संगठन के लिए सबसे बड़ा झटका नेशनल पार्क एरिया कमेटी की सचिव मंगी का आत्मसमर्पण माना जा रहा है। पदों का विवरण: कंपनी सदस्य: 03 एरिया कमेटी मेंबर (ACM): 04 पार्टी सदस्य: 17 अन्य: 06 (पीपीसीएम, DAKMS, KAMS और जनताना सरकार अध्यक्ष) हथियार और गोला-बारूद सौंपा आत्मसमर्पण के दौरान कैडरों ने सुरक्षा बलों के समक्ष 50 जिलेटिन स्टिक और कार्डेक्स वायर भी स्वेच्छा से सौंपे। शासन की पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक कैडर को 50,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। बीजापुर में माओवाद विरोधी अभियान के आंकड़े (1 जनवरी 2024 से अब तक) विवरण संख्या मुख्यधारा में लौटे (आत्मसमर्पण) 918 गिरफ्तार माओवादी 1163 मुठभेड़ में मारे गए 232 अधिकारियों का संदेश डॉ. जितेंद्र कुमार यादव (SP, बीजापुर): उन्होंने अपील की कि माओवादी भ्रमित विचारधारा त्यागकर निर्भय होकर लौटें, शासन उनके सुरक्षित भविष्य की पूरी जिम्मेदारी लेगा। सुंदरराज पी. पट्टलिंगम (IG, बस्तर रेंज): उन्होंने कहा कि सुदूर अंचलों में सुरक्षा कैंपों और सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार से माओवादियों का आधार सिमट रहा है। ‘पूना मारगेम’ अभियान शांति और नए जीवन की राह है। इन बलों की रही अहम भूमिका इस सफल अभियान में जिला पुलिस बल, DRG, STF, कोबरा (CoBara) और CRPF की विभिन्न बटालियनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। लगातार बढ़ते दबाव और सुरक्षा बलों के संवेदनशील व्यवहार ने कैडरों को मुख्यधारा में आने के लिए प्रेरित किया।
भागवत कथा जीवन के भय से मुक्ति और मोक्ष का मार्ग: पूज्या हेमलता शर्मा
ज्ञान शंकर तिवारी हरदी बाजार (कोरबा): ग्राम बम्हनीकोन में यादव परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धा और भक्ति की धारा बह रही है। कथा के दौरान राष्ट्रीय भगवताचार्य पूज्या दीदी हेमलता शर्मा ने भक्तों को जीवन के सार और भक्ति की महिमा से अवगत कराया। कथा के मुख्य अंश मृत्यु के भय से मुक्ति: दीदी हेमलता शर्मा ने कहा कि श्रीमद भागवत मात्र एक कहानी नहीं, बल्कि वह महापुराण है जो मनुष्य को मृत्यु के भय से मुक्त कर मोक्ष की ओर ले जाता है। शरणागति का महत्व: उन्होंने बताया कि जो भक्त स्वयं को भगवान के चरणों में समर्पित कर देता है, ईश्वर उसे जन्म-मरण (चौरासी के चक्र) के बंधन से मुक्त कर देते हैं। जीवन दर्शन: कथा के माध्यम से भक्ति, आत्मज्ञान और नैतिक मूल्यों पर चलने का संदेश दिया गया। आकर्षक झांकियां और प्रसंग कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का सजीव वर्णन किया गया, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे: वामन अवतार श्री राम एवं श्री कृष्ण जन्म मनमोहक महारास इन प्रसंगों के दौरान निकाली गई झांकियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आगामी कार्यक्रम यह आयोजन 2 फरवरी से प्रारंभ हुआ है, जिसका विधिवत समापन 10 फरवरी को होगा। समापन के दिन निम्नलिखित विशेष अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे: हवन एवं पूजन गीता पाठ तुलसी वर्षा ब्राह्मण भोजन एवं भंडारा अपील: आयोजक यादव परिवार ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर ताला: कोरबा के ECRP वार्ड से डॉक्टर-स्टाफ नदारद, तड़पते रहे मरीज
कोरबा। (ज्ञान शंकर तिवारी) सरकारी दावों और हकीकत के बीच की खाई शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित 20 बिस्तर ई.सी.आर.पी. (ECRP) वार्ड में साफ नजर आई। जहां सुबह के 9:40 बजने के बाद भी अस्पताल का दरवाजा तो खुला था, लेकिन भीतर की कुर्सियां और मेज खाली पड़ी थीं। न तो कोई डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात था और न ही नर्सिंग स्टाफ का अता-पता था। बेड खाली, उम्मीदें टूटीं शनिवार की सुबह इलाज की आस लेकर कई मरीज और उनके परिजन दूर-दराज से इस वार्ड में पहुंचे थे। वार्ड के भीतर बेड, पर्दे और मशीनें तो अपनी जगह पर दुरुस्त थीं, लेकिन उन्हें संचालित करने वाला कोई ‘जिम्मेदार’ मौजूद नहीं था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब कोई भी स्वास्थ्य कर्मी नजर नहीं आया, तो मरीजों को मजबूरन बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ा। लापरवाही की इंतहा: समय का कोई पाबंद नहीं नियमों के मुताबिक सुबह 8 बजे से ही ओपीडी और वार्डों में हलचल शुरू हो जानी चाहिए, लेकिन 9:40 बजे तक स्टाफ की अनुपस्थिति जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। “हम इलाज के लिए सुबह से खड़े हैं, लेकिन यहां कोई सुनने वाला नहीं है। अगर इमरजेंसी में किसी की जान पर बन आए, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?” — एक पीड़ित परिजन का दर्द कार्रवाई की मांग: क्या जागेगा प्रशासन? स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों ने इस मामले को लेकर भारी आक्रोश जताया है। नागरिकों का कहना है कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस और सख्त नियमों के दावों के बीच कर्मचारी ड्यूटी से गायब रहकर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों और पीड़ितों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि लापरवाह स्टाफ की पहचान कर उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। “अस्पताल खुला, जिम्मेदार नदारद” — शनिवार सुबह 9:40 बजे कोरबा स्थित ई.सी.आर.पी. वार्ड का दृश्य, जहां स्टाफ की गैरमौजूदगी के कारण सन्नाटा पसरा रहा और मरीज भटकते नजर आए।










