राष्ट्रपति के बस्तर आगमन पर 85 लाख के 30 इनामी माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
✍️ भागीरथी यादव बीजापुर: महामहिम राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास के दौरान बीजापुर जिले में माओवाद उन्मूलन की दिशा में प्रशासन को बड़ी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ शासन की ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ (पूना मारगेम) नीति से प्रभावित होकर 30 इनामी माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। मुख्यधारा में लौटे इनामी कैडर आत्मसमर्पण करने वाले इन 30 कैडरों में 20 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं। इन सभी पर कुल 85 लाख रुपये का इनाम घोषित था। संगठन के लिए सबसे बड़ा झटका नेशनल पार्क एरिया कमेटी की सचिव मंगी का आत्मसमर्पण माना जा रहा है। पदों का विवरण: कंपनी सदस्य: 03 एरिया कमेटी मेंबर (ACM): 04 पार्टी सदस्य: 17 अन्य: 06 (पीपीसीएम, DAKMS, KAMS और जनताना सरकार अध्यक्ष) हथियार और गोला-बारूद सौंपा आत्मसमर्पण के दौरान कैडरों ने सुरक्षा बलों के समक्ष 50 जिलेटिन स्टिक और कार्डेक्स वायर भी स्वेच्छा से सौंपे। शासन की पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक कैडर को 50,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। बीजापुर में माओवाद विरोधी अभियान के आंकड़े (1 जनवरी 2024 से अब तक) विवरण संख्या मुख्यधारा में लौटे (आत्मसमर्पण) 918 गिरफ्तार माओवादी 1163 मुठभेड़ में मारे गए 232 अधिकारियों का संदेश डॉ. जितेंद्र कुमार यादव (SP, बीजापुर): उन्होंने अपील की कि माओवादी भ्रमित विचारधारा त्यागकर निर्भय होकर लौटें, शासन उनके सुरक्षित भविष्य की पूरी जिम्मेदारी लेगा। सुंदरराज पी. पट्टलिंगम (IG, बस्तर रेंज): उन्होंने कहा कि सुदूर अंचलों में सुरक्षा कैंपों और सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार से माओवादियों का आधार सिमट रहा है। ‘पूना मारगेम’ अभियान शांति और नए जीवन की राह है। इन बलों की रही अहम भूमिका इस सफल अभियान में जिला पुलिस बल, DRG, STF, कोबरा (CoBara) और CRPF की विभिन्न बटालियनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। लगातार बढ़ते दबाव और सुरक्षा बलों के संवेदनशील व्यवहार ने कैडरों को मुख्यधारा में आने के लिए प्रेरित किया।
भागवत कथा जीवन के भय से मुक्ति और मोक्ष का मार्ग: पूज्या हेमलता शर्मा
ज्ञान शंकर तिवारी हरदी बाजार (कोरबा): ग्राम बम्हनीकोन में यादव परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धा और भक्ति की धारा बह रही है। कथा के दौरान राष्ट्रीय भगवताचार्य पूज्या दीदी हेमलता शर्मा ने भक्तों को जीवन के सार और भक्ति की महिमा से अवगत कराया। कथा के मुख्य अंश मृत्यु के भय से मुक्ति: दीदी हेमलता शर्मा ने कहा कि श्रीमद भागवत मात्र एक कहानी नहीं, बल्कि वह महापुराण है जो मनुष्य को मृत्यु के भय से मुक्त कर मोक्ष की ओर ले जाता है। शरणागति का महत्व: उन्होंने बताया कि जो भक्त स्वयं को भगवान के चरणों में समर्पित कर देता है, ईश्वर उसे जन्म-मरण (चौरासी के चक्र) के बंधन से मुक्त कर देते हैं। जीवन दर्शन: कथा के माध्यम से भक्ति, आत्मज्ञान और नैतिक मूल्यों पर चलने का संदेश दिया गया। आकर्षक झांकियां और प्रसंग कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का सजीव वर्णन किया गया, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे: वामन अवतार श्री राम एवं श्री कृष्ण जन्म मनमोहक महारास इन प्रसंगों के दौरान निकाली गई झांकियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। आगामी कार्यक्रम यह आयोजन 2 फरवरी से प्रारंभ हुआ है, जिसका विधिवत समापन 10 फरवरी को होगा। समापन के दिन निम्नलिखित विशेष अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे: हवन एवं पूजन गीता पाठ तुलसी वर्षा ब्राह्मण भोजन एवं भंडारा अपील: आयोजक यादव परिवार ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर ताला: कोरबा के ECRP वार्ड से डॉक्टर-स्टाफ नदारद, तड़पते रहे मरीज
कोरबा। (ज्ञान शंकर तिवारी) सरकारी दावों और हकीकत के बीच की खाई शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित 20 बिस्तर ई.सी.आर.पी. (ECRP) वार्ड में साफ नजर आई। जहां सुबह के 9:40 बजने के बाद भी अस्पताल का दरवाजा तो खुला था, लेकिन भीतर की कुर्सियां और मेज खाली पड़ी थीं। न तो कोई डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात था और न ही नर्सिंग स्टाफ का अता-पता था। बेड खाली, उम्मीदें टूटीं शनिवार की सुबह इलाज की आस लेकर कई मरीज और उनके परिजन दूर-दराज से इस वार्ड में पहुंचे थे। वार्ड के भीतर बेड, पर्दे और मशीनें तो अपनी जगह पर दुरुस्त थीं, लेकिन उन्हें संचालित करने वाला कोई ‘जिम्मेदार’ मौजूद नहीं था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब कोई भी स्वास्थ्य कर्मी नजर नहीं आया, तो मरीजों को मजबूरन बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ा। लापरवाही की इंतहा: समय का कोई पाबंद नहीं नियमों के मुताबिक सुबह 8 बजे से ही ओपीडी और वार्डों में हलचल शुरू हो जानी चाहिए, लेकिन 9:40 बजे तक स्टाफ की अनुपस्थिति जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। “हम इलाज के लिए सुबह से खड़े हैं, लेकिन यहां कोई सुनने वाला नहीं है। अगर इमरजेंसी में किसी की जान पर बन आए, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?” — एक पीड़ित परिजन का दर्द कार्रवाई की मांग: क्या जागेगा प्रशासन? स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों ने इस मामले को लेकर भारी आक्रोश जताया है। नागरिकों का कहना है कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस और सख्त नियमों के दावों के बीच कर्मचारी ड्यूटी से गायब रहकर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों और पीड़ितों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि लापरवाह स्टाफ की पहचान कर उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। “अस्पताल खुला, जिम्मेदार नदारद” — शनिवार सुबह 9:40 बजे कोरबा स्थित ई.सी.आर.पी. वार्ड का दृश्य, जहां स्टाफ की गैरमौजूदगी के कारण सन्नाटा पसरा रहा और मरीज भटकते नजर आए।
अंबिकापुर में गैंगवार की आहट: होटल कारोबारी और भाजपा नेता के रिश्तेदार के बीच चली गोलियां, इलाके में दहशत
अंबिकापुर (सरगुजा): छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शुक्रवार शाम कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ गईं। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक देवीगंज रोड पर वर्चस्व की लड़ाई को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। इस दौरान हुई फायरिंग ने पूरे इलाके को थर्रा दिया। मामला एक रसूखदार होटल व्यवसायी और भाजपा नेता के रिश्तेदार के बीच विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। सरेराह पीछा और फिर फायरिंग से फैली दहशत जानकारी के अनुसार, विवाद की चिंगारी बनारस रोड से सुलगी थी। आरोप है कि होटल संचालक हनी सिंह का कुछ रसूखदार युवकों ने चार पहिया वाहनों से फिल्मी स्टाइल में पीछा किया। यह पीछा देवीगंज रोड स्थित होटल देव के पास आकर रुका, जहाँ विवाद इतना बढ़ा कि गोलियां चल गईं। चश्मदीदों के मुताबिक, दो राउंड फायरिंग की आवाज सुनी गई, जिसके बाद बाजार में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे। पुलिस की बड़ी कार्रवाई: होटल संचालक के घर से हथियारों का जखीरा बरामद फायरिंग की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी राहुल बंसल और कोतवाली पुलिस की टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल संचालक के घर की तलाशी ली, जहाँ से 6 पिस्टल बरामद होने की खबर ने सबको चौंका दिया है। पुलिस इन हथियारों के लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। जांच के घेरे में आरोपी: ASP ने कहा- CCTV पर नजर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। एडिशनल एसपी ने कहा कि इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गोली किसने और किस तरफ से चलाई। “इलाके में फायरिंग की सूचना पर पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। हालांकि, अभी आधिकारिक तौर पर फायरिंग की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। होटल संचालक के घर से मिले हथियारों के कागजात मंगाए गए हैं। शहर की शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” — अमोलक सिंह ढिल्लो, एडिशनल एसपी (सरगुजा) शहर में हाई अलर्ट, पुलिस की बढ़ी गश्त गैंगवार की इस घटना के बाद अंबिकापुर में पुलिस पेट्रोलिंग को दोगुना कर दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इस घटना ने शहर में सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं ग्रामीणों और स्थानीय व्यवसायियों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है।
भरोसे का कत्ल: बांगो में मासूम से दरिंदगी, लकड़ी बीनने के बहाने पड़ोसी ने बनाया हवस का शिकार
✍️ भागीरथी यादव कोरबा (छत्तीसगढ़): मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना में, बांगो थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ उसके पड़ोसी ने ही दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी, जिस पर परिवार आंख मूंदकर भरोसा करता था, उसी ने मासूम के बचपन को अपनी हवस की आग में झोंक दिया। विश्वासघात की पूरी कहानी मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी पड़ोसी बुधराम मरकाम उर्फ धनरसिया (42) वहां पहुंचा। उसने बच्ची को बहलाया-फुसलाया और सूखी लकड़ियां बीनने के बहाने पास की झाड़ियों में ले गया। वहां आरोपी ने मासूम की चीखों को अनसुना कर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना के बाद लहूलुहान हालत में बच्ची रोती-बिलखती अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों ने बिना देर किए पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और आरोपी बुधराम को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। बच्ची को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। “आरोपी मासूम को लकड़ी बीनने के बहाने सुनसान जगह ले गया था। मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।”
बलरामपुर: अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्यवाही, 4 ट्रैक्टर जब्त
✍️ भागीरथी यादव बलरामपुर | 06 फरवरी 2026 जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने अपनी सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देशानुसार, राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने वाड्रफनगर क्षेत्र में बड़ी कार्यवाही करते हुए अवैध रेत परिवहन में लगे 04 ट्रैक्टरों को जब्त किया है। कार्यवाही का मुख्य विवरण: स्थान: ग्राम कैलाशपुर स्थित मोरान नदी। दोष: नदी से अवैध रूप से रेत का उत्खनन और उसका परिवहन। नेतृत्व: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वाड्रफनगर, श्री नीरनिधि नन्देहा। जब्ती: मौके से 04 ट्रैक्टर वाहन पकड़े गए, जिन्हें कार्यवाही के बाद चौकी वाड्रफनगर की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। कलेक्टर के कड़े निर्देश कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों और खनिज विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खनिजों के अवैध दोहन पर लगाम लगाने के लिए निरंतर निगरानी रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अवैध उत्खनन में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या वाहन मालिक को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। राजस्व विभाग की टीम भविष्य में भी इसी तरह की आकस्मिक जाँच जारी रखेगी ताकि प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट को रोका जा सके।
सूरजपुर में कांग्रेस का हल्ला बोल: ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत कलेक्टोरेट का घेराव
सूरजपुर: छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन और इसके नाम को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच, सूरजपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने साय सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दिग्गजों ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत कलेक्टोरेट का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया और सरकार पर मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाया। रैली और नारेबाजी से गूंजा शहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अग्रसेन चौक से एक विशाल रैली निकाली, जो नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय तक पहुँची। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ता केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश जता रहे थे। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यह प्रदर्शन केवल योजना के नाम को बचाने के लिए नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। ‘मजदूरों की आजीविका पर संकट’ – शशि सिंह प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु रहे: योजना को कमजोर करने की साजिश: शशि सिंह ने आरोप लगाया कि मनरेगा गरीबों के लिए जीवनरेखा है, जिसे वर्तमान सरकार जानबूझकर पंगु बना रही है। भुगतान में देरी: मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल रहा है और किए गए कार्यों का भुगतान भी अटका हुआ है। भेदभाव का आरोप: उन्होंने दावा किया कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के नाम पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के नाम सूची से काटे जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन है। “अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाना और गरीबों का हक मारना लोकतंत्र के खिलाफ है। अगर सरकार ने यह साजिश बंद नहीं की, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर और भी उग्र आंदोलन करेगी।” — शशि सिंह, जिलाध्यक्ष, सूरजपुर कांग्रेस राहुल गांधी की आवाज दबाने का आरोप प्रदर्शन के दौरान स्थानीय नेताओं ने राष्ट्रीय मुद्दों पर भी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सार्वजनिक मंचों पर बोलने से रोका जा रहा है। कांग्रेस ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करार देते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह विरोध प्रदर्शन केवल एक शुरुआत है। यदि सरकार ने मनरेगा के सुचारू संचालन और मजदूरों के हितों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में पूरे जिले में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रायपुर | धान खरीदी केंद्र में बड़ी अनियमितता, सूखत कम दिखाने के लिए बोरों पर डाला गया पानी
रायपुर जिले के मुनरेठी धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां सूखत (वजन में कमी) कम दिखाने के उद्देश्य से धान से भरे सैकड़ों बोरों पर पाइप के माध्यम से पानी डाला गया। यह पूरी घटना वीडियो में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन की नजर में आई। जानकारी के अनुसार खरीदी केंद्र परिसर में करीब आधे घंटे तक लगातार बोरों पर पानी डाला गया। उस समय केंद्र में हजारों क्विंटल धान सैकड़ों बोरों में संग्रहित था। वीडियो वायरल होते ही प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कर दी, जिसमें प्रथम दृष्टया अनियमितता की पुष्टि हुई। जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि वायरल वीडियो प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्रेड़ी से संबंधित है। यह घटना 1 फरवरी 2026 की शाम 6.45 बजे से 7.10 बजे के बीच की है। जांच के दौरान समिति कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, हमालों के बयान और प्रभारी समिति प्रबंधक के स्पष्टीकरण का परीक्षण किया गया। जांच में कुलेश्वर प्रसाद वर्मा (हमाल), महरन राय (रात्रिकालीन चौकीदार/हमाल), योगेश्वर बंजारे (रात्रिकालीन चौकीदार/हमाल) और संजू ढीढ़ी (धान खरीदी दैनिक कर्मचारी) की संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आई है। वहीं, प्रभारी समिति प्रबंधक चंद्रप्रकाश खंडेलवाल घटना के समय मौके पर उपस्थित नहीं थे, लेकिन जांच में यह माना गया कि कर्मचारियों और हमालों पर उनका प्रभावी नियंत्रण नहीं था। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समिति प्रभारी सहित चारों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को तत्काल हटा दिया है। साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेज दी गई है। इस घटना ने धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप, प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
सुशील जायसवाल कोरबा। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का गंभीर मामला सामने आया है। पोड़ीउपरोड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दसमहझुड़ा में आयोजित शासकीय कार्यक्रम के दौरान नियमों के विरुद्ध राष्ट्रीय ध्वज उल्टा फहराए जाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पोड़ीउपरोड़ा को लिखित शिकायत सौंपकर बताया गया कि 26 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत भवन में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ग्राम सरपंच द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का सही प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिससे तिरंगे का अपमान हुआ। शिकायत में इसे गंभीर एवं दंडनीय कृत्य बताते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि घटना से संबंधित फोटो साक्ष्य संलग्न किए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और ऐसे कृत्य पर त्वरित कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो। मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा और नाराजगी का माहौल बना दिया है। अब प्रशासन की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। यह मामला कोरबा जिला में संवेदनशील विषय बन गया है।
गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप, सरपंच पर कार्रवाई की मांग
सुशील जायसवाल कोरबा। जिले के पोड़ीउपरोड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दसमहझुड़ा में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि 26 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सरपंच द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को नियमों के विरुद्ध उल्टा फहराया गया, जिससे देश के सम्मान को ठेस पहुंची। इस संबंध में समस्त ग्रामवासियों ने चौकी कोरबी में लिखित शिकायत सौंपते हुए बताया कि यह कृत्य न केवल संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति असम्मान है, बल्कि दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। शिकायत में कहा गया है कि घटना के फोटो साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है। मामला कोरबा जिला में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।










