SECL के ‘साड़ी और उपहार’ दांव को ग्रामीणों ने नकारा; बीजा डांड में बढ़ा आक्रोश, अब उग्र आंदोलन की तैयारी
सुशील जायसवाल बीजा डांड/पोड़ी उपरोड़ा (28 फरवरी, 2026): पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक और पसान तहसील के अंतर्गत ग्राम बीजा डांड में रुंगटा माइंस के खिलाफ पिछले डेढ़ माह से चल रहा धरना आज एक नया मोड़ ले लिया। शनिवार को एसईसीएल (SECL) रानी अटारी के सब एरिया मैनेजर जादू मनी साहू और महिला मंडल की टीम ग्रामीणों को मनाने और लुभाने के लिए उपहारों के साथ पहुंची थी, जिसे प्रदर्शनकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया। लोकलुभावन उपहारों का विरोध ‘तिरिया जंगल बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले जारी इस अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच एसईसीएल प्रबंधन और चिरमिरी की ‘श्रद्धा एवं संपदा महिला मंडल’ की टीम वहां पहुंची। होली मिलन समारोह के नाम पर ग्रामीणों को आकर्षित करने के लिए साड़ियां, पेटीकोट, बच्चों के लिए फ्रॉक, रंग-गुलाल और स्वल्पाहार वितरण करने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सामग्री लेने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि: एसईसीएल द्वारा गोद लिए गए गांवों में सालों से न सड़क है, न बिजली और न ही स्वच्छ पानी। ग्रामीण आज भी खदानों का ‘काला पानी’ पीने को मजबूर हैं। रोजगार और विकास के नाम पर प्रबंधन ने हमेशा उपेक्षा की है। जब ग्रामीणों ने दबाव के बावजूद सामग्री स्वीकार नहीं की, तो सब एरिया मैनेजर और महिला मंडल की टीम को अपना सामान समेटकर वापस लौटना पड़ा। अब आर-पार की लड़ाई: उग्र आंदोलन का ऐलान इस घटनाक्रम के बाद गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोगपा) के जिला अध्यक्ष और क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य विद्वान सिंह मरकाम तत्काल धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के संकल्प का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि अब यह लड़ाई और तेज होगी। “प्रबंधन उपहारों के जरिए जन भावनाओं को दबाना चाहता है। अब रुंगटा कोल माइंस को निरस्त कराने और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए हम पीछे नहीं हटेंगे। रणनीति तैयार है, अब उग्र आंदोलन होगा।” — विद्वान सिंह मरकाम, जिला अध्यक्ष (गोगपा) बैठक में उपस्थित प्रमुख चेहरा धरना स्थल पर आयोजित बैठक में आंदोलन की अगली रूपरेखा तैयार की गई। इस दौरान मुख्य रूप से उपस्थित थे: संतोष मरावी (जनपद सदस्य) दिनू आयम (जनपद सदस्य एवं गोगपा ब्लॉक अध्यक्ष, पसान) मनोज मरावी, दिनेश केराम, सुरेंद्र कुमार पावले सहित भारी संख्या में ग्रामवासी और पार्टी पदाधिकारी। निष्कर्ष: डेढ़ महीने से जारी यह शांतिपूर्ण हड़ताल अब प्रशासन और प्रबंधन की बेरुखी के चलते बड़े जन-आंदोलन की ओर बढ़ रही है। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि दिखावटी विकास के बजाय उनकी जमीन और जंगल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अवैध शराब के खिलाफ कोनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 15 लीटर महुआ शराब के साथ महिला गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। जिले में अवैध नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोनी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ग्राम घुटकु में दबिश देकर भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब और उसे बनाने के उपकरणों के साथ एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देशानुसार और आला अधिकारियों के मार्गदर्शन में कोनी पुलिस को 28 फरवरी 2026 को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक, ग्राम घुटकु के स्टेशन पारा में रहने वाली केशर लोनिया अपने घर की परछी में अवैध रूप से महुआ शराब का निर्माण और भंडारण कर रही थी। बरामदगी और गिरफ्तारी सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने गवाहों के साथ मौके पर घेराबंदी कर रेड मारी। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की: अवैध शराब: 15 लीटर हाथ भट्टी से निर्मित कच्ची महुआ शराब (दो प्लास्टिक डिब्बों में)। उपकरण: शराब बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली 02 नग एल्युमिनियम डेचकी। कुल मशरुका: जप्त सामान की कुल कीमत लगभग 3000/- रुपये आंकी गई है। शराब रखने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं करने पर पुलिस ने सामग्री जप्त कर आरोपी श्रीमती केशर लोनिया (32 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। कानूनी कार्यवाही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध क्रमांक 81/2026 दर्ज किया है। आरोपी महिला को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया है। कोनी पुलिस की अपील: पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी अवैध गतिविधियों या नशीले पदार्थों के कारोबार में संलिप्त है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय थाने या डायल 112 पर दें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
कोरबा ब्रेकिंग: तौलीपाली कोल ब्लॉक के खिलाफ उग्र हुआ जनआक्रोश, उरगा-हाटी मार्ग पर घंटों चक्काजाम
प्रशासन ने दिया लिखित आश्वासन— “ग्राम सभा की अनुमति के बिना नहीं होगी एक इंच जमीन अधिग्रहित” कोरबा। वनांचल क्षेत्र तौलीपाली में प्रस्तावित कोल ब्लॉक नीलामी के विरोध में गुरुवार, 27 फरवरी को ग्रामीणों का गुस्सा ज्वालामुखी बनकर सड़कों पर फूट पड़ा। हज़ारों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने उरगा–हाटी मुख्य मार्ग के चचिया चौक पर ऐतिहासिक चक्काजाम कर दिया, जिससे घंटों तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि “ग्राम सभा से ऊपर कोई फैसला नहीं होगा।” अस्तित्व की लड़ाई: जल, जंगल और जमीन बचाने की हुंकार सुबह से ही चचिया, तौलीपाली, लुडूकेत, धीरामाठा, कुदमुरा, कलगामार, कटकोना और कोलगा सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीण पारंपरिक नारों के साथ जुटने लगे थे। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि कोल ब्लॉक के नाम पर उनके जल स्रोतों, घने जंगलों और पुश्तैनी जमीनों को उजाड़ने की साजिश रची जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, यह केवल खनन का विरोध नहीं बल्कि उनकी संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व को बचाने का संघर्ष है। प्रशासनिक अमले के फूले हाथ-पांव, मौके पर पहुंचे आला अधिकारी आंदोलन की उग्रता और वाहनों की मीलों लंबी कतारों को देखते हुए प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति को संभालने के लिए अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार और जनपद सीईओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच घंटों तीखी बहस चली। ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे कि जब तक लिखित में आश्वासन नहीं मिलता, सड़क खाली नहीं की जाएगी। बड़ी जीत: लिखित भरोसे के बाद खुला जाम देर शाम प्रशासन को ग्रामीणों की एकजुटता के आगे झुकना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया कि: ग्राम सभा के प्रस्ताव और सहमति के बिना क्षेत्र में किसी भी प्रकार का खनन कार्य नहीं किया जाएगा। बिना ग्रामीणों की मर्जी के कोई विस्थापन प्रक्रिया शुरू नहीं होगी। इस लिखित दस्तावेज़ के मिलते ही ग्रामीणों ने अपनी जीत का जयघोष किया और देर शाम चक्काजाम समाप्त किया। हालांकि, ग्रामीणों ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि भविष्य में ग्राम सभा की अनदेखी की गई, तो आंदोलन इससे भी बड़ा रूप लेगा। वीडियो देखें: ऐसी ही और खबरों के लिए जुड़े रहें हमारे न्यूज़ पोर्टल के साथ।
ऊर्जा नगरी को बड़ी सौगात: कोरबा में 100 बेड के अत्याधुनिक ‘शिवाय हॉस्पिटल’
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। छत्तीसगढ़ की ऊर्जा नगरी कोरबा के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। अंचलवासियों को अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े महानगरों की दौड़ नहीं लगानी होगी। आगामी 07 मार्च 2026, शनिवार को 100 बेड की क्षमता वाले आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त ‘शिवाय हॉस्पिटल’ का विधिवत शुभारंभ किया जा रहा है। शुक्रवार को कोरबा प्रेस क्लब में आयोजित एक पत्रवार्ता के दौरान अस्पताल के संचालक और प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. दिविक एच. मित्तल ने अस्पताल की विशेषताओं और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विश्वस्तरीय तकनीक और अनुभवी चिकित्सकों की टीम डॉ. मित्तल ने बताया कि शिवाय हॉस्पिटल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। यहाँ अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और नवीनतम तकनीक के साथ अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक समर्पित टीम तैनात रहेगी। अस्पताल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के नागरिकों को सुरक्षित, सटीक और समयबद्ध उपचार प्रदान करना है। अस्पताल की प्रमुख विशेषताएँ और विभाग: 24×7 आपातकालीन सेवा: किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ हमेशा उपलब्ध। विशेषज्ञ विभाग: न्यूरो सर्जरी, शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग, जनरल सर्जरी, फिजियोथेरेपी और रेडियोलॉजी। क्रिटिकल केयर: 20 बेड का अत्याधुनिक नवजात शिशु आईसीयू (NICU) और 20 बेड का एडल्ट ICU। मॉड्यूलर ओटी: अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले 4 अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर। डायलिसिस सुविधा: किडनी रोगियों के लिए स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय उपचार। प्रदेश का पहला ‘स्पाइनल मोबाइलाइज ट्रैक्शन यूनिट’ शिवाय हॉस्पिटल में छत्तीसगढ़ का पहला स्पाइनल मोबाइलाइज ट्रैक्शन यूनिट स्थापित किया गया है। यह स्लिप डिस्क, सायटिका और रीढ़ की हड्डी में नस दबने जैसी जटिल समस्याओं के उपचार में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, फिजियोथेरेपी विभाग में एडवांस लेज़र तकनीक और लकवा ग्रसित मरीजों के लिए वैज्ञानिक पद्धति से उपचार की व्यवस्था है। मरीजों और परिजनों की सुविधा का खास ख्याल अस्पताल परिसर में स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। वातानुकूलित वार्ड, प्राइवेट और सेमी-प्राइवेट रूम। परिजनों के ठहरने के लिए सुरक्षित एवं समुचित व्यवस्था। परिसर के भीतर ही हाइजीनिक भोजन कक्ष (कैंटीन) की सुविधा। डायग्नोस्टिक सेंटर: सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, डिजिटल एक्स-रे और C-ARM मशीन जैसी उन्नत सुविधाएँ एक ही छत के नीचे। “हमारा उद्देश्य केवल उपचार प्रदान करना नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। भविष्य में हम कार्डियोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाएँ भी शुरू करेंगे।” > — डॉ. दिविक एच. मित्तल, संचालक पत्रवार्ता में डॉ. आस्था वैष्णव (मैक्सिलोफेसिअल सर्जन), डॉ. अमन श्रीवास्तव (फ़िज़ियोथेरपिस्ट) और डॉ. यशा मित्तल भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने अस्पताल की कार्ययोजना साझा की।
मंत्री का बयान बना संवैधानिक मर्यादा और सादगी का प्रतीक
✍️ भागीरथी यादव रायपुर – लखन लाल देवांगन के हालिया विधानसभा वक्तव्य ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दिया है। सदन में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मंत्री का दायित्व नीतिगत निर्णय लेना है, जबकि उन नीतियों का क्रियान्वयन प्रशासनिक अधिकारियों — कलेक्टर, एसपी, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों — के माध्यम से होता है। उनके इस बयान को प्रशासनिक गरिमा और संवैधानिक समझ का प्रतीक माना जा रहा है। कुछ दिन पूर्व भूपेश बघेल ने सदन में टिप्पणी करते हुए कहा था कि “जो मंत्री अधिकारियों को आदेश नहीं दे सकता, वह किस बात का मंत्री।” इस बयान के जवाब में उद्योग मंत्री का संतुलित दृष्टिकोण राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। नीति और क्रियान्वयन की स्पष्ट रेखा उद्योग मंत्री ने अपने वक्तव्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मंत्री नीतियां तय करते हैं, जबकि जमीनी अमल प्रशासनिक ढांचा सुनिश्चित करता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी कठिन परीक्षा और प्रशिक्षण के बाद शासन व्यवस्था का संचालन करते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधि और अधिकारी आपसी समन्वय और संवाद से जनता के हित में कार्य करते हैं। भाजपा सरकार की कार्यशैली भाजपा सरकार में अधिकारियों के प्रति सम्मान और संवाद की परंपरा को रेखांकित करते हुए मंत्री ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टकराव नहीं, बल्कि तालमेल आवश्यक है। शासन की मंशा आमजन तक तभी पहुंचती है जब राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासनिक अमला एक दिशा में काम करे। राजनीतिक इतिहास के संदर्भ राजनीतिक इतिहास में प्रशासनिक व्यवहार को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के कार्यकाल में उनके पुत्र अमित जोगी से जुड़े कुछ प्रकरणों पर राजनीतिक विवाद खड़े हुए थे। मध्यप्रदेश में अर्जुन सिंह के कार्यकाल के दौरान भी प्रशासनिक निर्णयों को लेकर चर्चाएं हुई थीं। इन उदाहरणों को सामने रखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक संस्कृति का सीधा प्रभाव प्रशासनिक वातावरण पर पड़ता है। जनमत का संदेश हालिया चुनाव परिणामों को भी राजनीतिक संस्कृति से जोड़कर देखा जा रहा है। पूर्व उद्योग मंत्री को लगभग 27 हजार मतों से मिली हार को कई लोग मतदाताओं का स्पष्ट संदेश मान रहे हैं कि जनता संयमित और सम्मानजनक राजनीति को प्राथमिकता देती है। विधानसभा में दिया गया उद्योग मंत्री का वक्तव्य कमजोरी नहीं, बल्कि संवैधानिक मर्यादा और प्रशासनिक गरिमा के सम्मान का संकेत है। लोकतंत्र में मंत्री और अधिकारी आदेशात्मक अहंकार से नहीं, बल्कि नीति, संवाद और समन्वय से कार्य करते हैं — यही स्वस्थ शासन व्यवस्था की आधारशिला है।
समाजसेवा की अमिट पहचान: स्व. श्री गोविंद राम अग्रवाल का जीवन प्रेरणा बना
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी एवं वरिष्ठ व्यवसायी स्वर्गीय श्री गोविंद राम अग्रवाल का संपूर्ण जीवन सेवा, संगठन और शिक्षा के उत्थान को समर्पित रहा। उनका व्यक्तित्व केवल व्यापार तक सीमित नहीं था, बल्कि वे सामाजिक सरोकारों को जीवन का मूल उद्देश्य मानते थे। उनके निधन से कोरबा ही नहीं, पूरे अग्रवाल समाज और व्यापारिक समुदाय को अपूरणीय क्षति हुई है। 30 दिसंबर 1950 को रायगढ़ जिले के खरसिया नगर में जन्मे अग्रवाल जी ने संघर्ष और परिश्रम को अपनी सफलता की नींव बनाया। प्रारंभिक जीवन से ही उन्होंने नैतिक मूल्यों, ईमानदारी और अनुशासन को प्राथमिकता दी। यही कारण रहा कि वे व्यापार और समाज दोनों क्षेत्रों में सम्मानित स्थान प्राप्त कर सके। व्यापार जगत में मजबूत नेतृत्व कोरबा आगमन के बाद उन्होंने अपने व्यवसाय को सुदृढ़ आधार दिया। वे चेंबर ऑफ कॉमर्स, कोरबा के उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते रहे। उनके नेतृत्व में व्यापारिक एकता, संवाद और सहयोग की परंपरा मजबूत हुई। वे मानते थे कि संगठित व्यापारी वर्ग ही क्षेत्रीय विकास की गति को आगे बढ़ा सकता है। सामाजिक संगठन में सक्रिय भूमिका अग्रवाल सभा के उपाध्यक्ष के रूप में उन्होंने समाज में शिक्षा, संस्कार और आपसी सहयोग की भावना को सशक्त किया। समाज के कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति केवल औपचारिक नहीं होती थी, बल्कि वे सक्रिय मार्गदर्शक की भूमिका निभाते थे। उनके प्रयासों से संगठन में समन्वय और सहभागिता का वातावरण बना। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान कोरबा में अग्रसेन कन्या महाविद्यालय के निर्माण और संचालन में उनका आर्थिक एवं नैतिक सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उनका स्पष्ट मत था कि बेटियों की शिक्षा ही समाज को सशक्त और प्रगतिशील बनाती है। महाविद्यालय के शीघ्र निर्माण और सुचारू प्रारंभ में उनकी भूमिका को समाज आज भी सम्मान के साथ याद करता है। सरलता और संवेदनशीलता का प्रतीक स्व. अग्रवाल जी का जीवन सादगी, विनम्रता और सहयोग की भावना का उदाहरण था। वे पद और प्रतिष्ठा के बावजूद व्यवहार में अत्यंत सहज और आत्मीय थे। समाज के हर वर्ग के लोगों के साथ उनका सम्मानजनक और संवेदनशील संबंध था। आज उनके बारहवें एवं पगड़ी रस्म के अवसर पर पूरा समाज भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। उनका जीवन संदेश देता है कि सच्ची उपलब्धि वही है, जो समाज को सशक्त करे और आने वाली पीढ़ियों को दिशा दे। स्व. श्री गोविंद राम अग्रवाल सदैव समाज सेवा की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में स्मरण किए जाते रहेंगे।
सोशल मीडिया में वायरल वीडियो–फोटो से मचा हड़कंप, छात्रावास की छात्राएं करती दिखीं रंगाई–पुताई
रायगढ़ जिले के लैलूंगा ब्लॉक स्थित कोड़सिया के प्री-मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास से जुड़ा एक वीडियो और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। वायरल वीडियो–फोटो में छात्रावास की छात्राएं खुद दीवारों पर रंगाई–पुताई करती और सफाई कार्य में जुटी दिखाई दे रही हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कुछ छात्राएं बाल्टी में रंग घोल रही हैं, जबकि अन्य छात्राएं कमरे की दीवारों पर चढ़कर पेंट कर रही हैं। इस दौरान मौके पर किसी कर्मचारी या अधिकारी की मौजूदगी स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश और सवाल दोनों उठने लगे है मिली जानकारी के अनुसार, इस छात्रावास में कक्षा 6वीं से 10वीं तक की लगभग 35–40 छात्राएं रहती हैं। हर साल छात्रावास के रखरखाव के लिए राशि स्वीकृत होती है। ऐसे में छात्राओं से रंगाई–पुताई कराए जाने की घटना ने व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होते ही आदिवासी विकास विभाग हरकत में आया है। अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि यदि छात्राओं से जबरन काम कराया गया पाया गया, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं छात्रावास प्रबंधन की ओर से सफाई दी गई है कि रंगाई–पुताई के लिए मजदूर लगाए गए थे और उनकी गैरमौजूदगी में छात्राओं ने स्वयं कार्य करना शुरू कर दिया। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी, लेकिन फिलहाल वायरल वीडियो–फोटो ने छात्रावासों की व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
सोशल मीडिया में वायरल हुई अखबार की कटिंग, 2047 तक भाजपा की जीत के दावे पर छिड़ी बहस
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बयान से जुड़ी एक अखबार की कटिंग इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल हो रही कटिंग में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी वर्ष 2047 तक लगातार चुनाव जीतती रहेगी। बताया जा रहा है कि यह बयान बजट सत्र के दौरान पत्रकारों से चर्चा में दिया गया था, जिसमें सरकार की दीर्घकालिक विकास योजनाओं और संकल्प आधारित बजट का उल्लेख किया गया। कटिंग में प्रकाशित बयान को लेकर फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर्स के बीच जमकर चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर जहां कुछ लोगों ने इसे आत्मविश्वास से भरा राजनीतिक बयान बताया है, वहीं कई यूजर्स ने इस पर तंज कसते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ टिप्पणियों में चुनावी प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट पर सैकड़ों लाइक, कमेंट और शेयर देखे जा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है। हालांकि, वायरल हो रही अखबार की कटिंग की सत्यता को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चुनावी राजनीति में इस तरह के दीर्घकालिक दावे आम हैं, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा मतदाताओं के हाथ में होता है। फिलहाल, यह वायरल कटिंग प्रदेश की राजनीति में नई बहस का कारण बन गई है और सियासी हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है।
छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
✍️ भागीरथी यादव आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां, दीपक सोनी केंद्र प्रतिनियुक्ति पर नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को राज्य प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के कई अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया है। जारी आदेश के अनुसार कई जिलों और विभागों में नई पदस्थापनाएं की गई हैं, वहीं कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी डॉ. सी.आर. प्रसन्ना (IAS 2006) को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ आयुक्त, सहकारिता एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। कुलदीप शर्मा (IAS 2014) को अस्थायी रूप से कलेक्टर, बलौदाबाजार-भाटापारा नियुक्त किया गया है। तीर्थराज अग्रवाल को उप सचिव (योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी) पदस्थ करते हुए धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सुश्री लीना कोसम को परीक्षा नियंत्रक, लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर के पद पर यथावत पदस्थ किया गया है। सौरभ रंजन चौबे को उप सचिव, कृषि विभाग में यथावत जिम्मेदारी दी गई है। वीरेंद्र बहादुर पंचभाई को अपर कलेक्टर, नारायणपुर के पद पर यथावत रखा गया है। सुमित अग्रवाल को आयुक्त, नगर पालिक निगम, दुर्ग के पद पर यथावत पदस्थ किया गया है। संदीप कुमार अग्रवाल को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बिलासपुर के पद पर यथावत जिम्मेदारी दी गई है। आशीष कुमार टिग्गा को प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन का प्रभार सौंपा गया है। रजत कुमार पराशर को उप सचिव, वित्त विभाग में यथावत पदस्थ किया गया है। तरुण कुमार कर्ण को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, कलेक्टर कार्यालय कोरबा नियुक्त किया गया है। दीपक सोनी पांच वर्ष के लिए केंद्र में इसके अलावा एक महत्वपूर्ण आदेश में दीपक सोनी (IAS 2011), कलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में Director, Department of Health & Family Welfare, New Delhi के पद पर पांच वर्ष की प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। उनकी यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में कदम शासन के इस फैसले को प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई पदस्थापनाओं से विभागीय समन्वय और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। राज्यपाल के नाम से जारी आदेश पर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं।
चाकू लहराने वाले दो युवक गिरफ्तार, 11 पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। सिविल लाईन थाना क्षेत्र में गुरुवार, 27 फरवरी 2026 को पुलिस ने आर्म्स एक्ट और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया, जबकि अलग-अलग स्थानों पर अशांति फैलाने वाले 11 लोगों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई पुलिस के अनुसार उस्लापुर ओवरब्रिज के नीचे एक युवक राहगीरों को चाकू दिखाकर भयभीत कर रहा था। वहीं मिनीमाता नगर स्थित साईं मंदिर के पास दूसरा युवक चाकू लहराकर आने-जाने वालों में दहशत फैला रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी: यश छाबड़ा (25 वर्ष), निवासी महामाया पार्क मंगला, थाना सिविल लाईन राहुल पुरी गोस्वामी (25 वर्ष), निवासी मिनीमाता नगर, थाना सिविल लाईन दोनों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। 11 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई इसी दिन सरप्राइज चेकिंग अभियान के दौरान कुदुदंड, उस्लापुर और चाटापारा क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्व अशांति फैलाते पाए गए। शांति भंग की आशंका को देखते हुए पुलिस ने 11 व्यक्तियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। कार्रवाई के दायरे में आए व्यक्ति: दीपक सूर्यवंशी (28), मंगला आजाद चौक राज सूर्यवंशी (24), आजाद चौक मंगला राजेश सूर्यवंशी (18), आजाद चौक मंगला मोह. हसन (25), मसानगंज सोमेश सारथी (26), ईमलीभाठा मोह. कमाल (29), लोफंदी आशिष सोनी (18), उस्लापुर डेनिश भार्गव (18), अटल आवास शिब्बु केंवट (20), उस्लापुर आदित्य लहरे (18), विनोबा कॉलोनी मुलायम यादव (30), तालापारा पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित चेकिंग और निगरानी अभियान जारी रहेगा। आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।










