सेमीकंडक्टर बने ‘आत्मनिर्भर भारत’ का नया प्रतीक : ज्योतिरादित्य सिंधिया

✍️ भागीरथी यादव

नई दिल्ली।

 

केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि सेमीकंडक्टर भारत के भविष्य का वही प्रतीक बनेंगे, जो आज़ादी की लड़ाई में ‘चरखा’ था। उन्होंने इसे आधुनिक युग में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश की प्रगति का प्रतीक बताया।

 

सिंधिया इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “आज सेमीकंडक्टर वही भावना दर्शाते हैं जो पहले चरखा दर्शाता था – स्वदेशी और आत्मनिर्भरता।”

 

मंत्री ने बताया कि भारत इस समय स्टार्टअप वर्ल्ड कप की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें 500 कंपनियाँ फंडिंग के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। उन्होंने कहा कि देश तेजी से “डिज़ाइन इन इंडिया, सॉल्व फॉर इंडिया और स्केल फ्रॉम इंडिया” की दिशा में बढ़ रहा है।

 

सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक नई तकनीकी क्रांति की ओर अग्रसर है, जिसे उन्होंने “4D सिस्टम” – Democracy (लोकतंत्र), Demography (जनसांख्यिकी), Digital-first approach (डिजिटल प्राथमिकता), और Delivery (कार्यक्षमता) – के रूप में परिभाषित किया।

 

उन्होंने बताया कि PLI योजना के तहत सेमीकंडक्टर उत्पादन ₹91,000 करोड़ तक पहुँच चुका है, जो आत्मनिर्भर भारत के प्रयासों में एक बड़ा मील का पत्थर है।

 

मंत्री ने आगे कहा कि भारत की महत्वाकांक्षा केवल 5G तक सीमित नहीं, बल्कि देश 6G एलायंस के ज़रिए वैश्विक पेटेंट में 10% योगदान देने की दिशा में कार्यरत है।

 

उन्होंने बताया कि भारत का टेलीकॉम और डिजिटल नेटवर्क अब विश्व के लिए मिसाल बन चुका है। देश के 99.9% जिलों में 5G कनेक्टिविटी पहुँच चुकी है और डेटा की कीमत मात्र ₹9.11 प्रति GB है, जो दुनिया में सबसे कम है।

 

सिंधिया ने बताया कि आज भारत में 1.2 अरब मोबाइल ग्राहक हैं, जो विश्व की कुल मोबाइल आबादी का 20% हैं। वहीं, ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ता 60 मिलियन से बढ़कर 944 मिलियन तक पहुँच चुके हैं।

 

अंत में उन्होंने कहा कि भारत आज केवल तकनीक अपनाने वाला देश नहीं, बल्कि नवाचार, किफ़ायत और समावेशिता के बल पर वैश्विक डिजिटल परिवर्तन का नेतृत्व कर रहा है।

 

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