दुर्ग में क्रिप्टो निवेश के नाम पर 3.08 करोड़ की ठगी, 76 निवेशक बने शिकार

✍️ भागीरथी यादव

 

 

दुर्ग/भिलाई।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पैसा दोगुना करने और हर महीने 6 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर 76 निवेशकों से 3 करोड़ 8 लाख रुपए की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोपी ने फाइनेंस अप इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी के नाम से संस्था संचालित कर निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में निवेश कराने का लालच दिया। शुरुआत में ब्याज देकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में आरोपी ऑफिस में ताला लगाकर फरार हो गया।

निवेशकों की शिकायत पर सुपेला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हार्दिक कुदेषिया (22), निवासी शांति नगर भिलाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से आईफोन 16 प्रो, लैपटॉप, रुपए गिनने की मशीन, निवेशकों के इकरारनामे समेत कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।

20 लाख लगाकर भी ठगे गए निवेशक

पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर 2025 को एक पीड़ित ने सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि मार्च 2025 में उसकी पहचान हार्दिक कुदेषिया से हुई थी। आरोपी ने खुद को क्रिप्टो ट्रेडिंग का विशेषज्ञ बताते हुए हर महीने 6 प्रतिशत मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने अपने और अपने पिता अनुराग के खातों से ऑनलाइन व नकद माध्यम से कुल 20 लाख रुपए निवेश कर दिए।

शुरुआत में दिया मुनाफा, फिर हुआ खेल खत्म

शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने शुरुआती कुछ महीनों तक नियमित ब्याज दिया, जिससे निवेशकों का भरोसा और गहरा हो गया। इसी तरह अन्य निवेशकों को भी जोड़ा गया। एक अन्य पीड़ित भुषण लाल साहू ने भी 4 लाख रुपए निवेश किए। देखते ही देखते 76 लोग इस जाल में फंस गए।

अक्टूबर 2025 तक निवेशकों को मुनाफा मिलता रहा, लेकिन नवंबर आते-आते भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। जब निवेशक अग्रसेन चौक, नेहरू नगर सुपेला स्थित ऑफिस पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। आसपास पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपी निवेशकों का पैसा लेकर फरार हो चुका है।

कई बैंकों में जमा कराई रकम, क्रिप्टो ट्रेडिंग का दावा

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने वर्ष 2024 में फाइनेंस अप इन्वेस्टर एंड कंसल्टेंसी के नाम से कार्यालय खोला था। निवेशकों से बाकायदा इकरारनामे बनवाए जाते थे। रकम बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और इंडसइंड बैंक के खातों में जमा कराई जाती थी।

इसके बाद मोबाइल में बाइनेस एप डाउनलोड कर भारतीय रुपए को डॉलर में बदलकर क्रिप्टो ट्रेडिंग करने का दावा किया जाता था। आरोपी मुनाफे का 6 प्रतिशत निवेशकों को और 3 प्रतिशत अपने एजेंटों को देता था, जबकि शेष राशि खुद रख लेता था।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने आरोपी हार्दिक कुदेषिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 318(2), 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।

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