
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा।
जमनीपाली स्थित अग्रसेन भवन में 11 जनवरी 2026 को एक दिवसीय विशाल सत्संग एवं किसान संत गरीबदास गरिमा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोरबा जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, किसान एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। शांत, अनुशासित और आध्यात्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं ने लाइव सत्संग का श्रवण किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन जिला संयोजक अजय कुर्रे, हरवंश गवेल, गोपाल केंवट, गयादास, होरीलाल, चेतनदास, अवध बिहारी, पांचराम पाटिल एवं उमाशंकर पटेल के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। समारोह के दौरान तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को किसान एवं समाज हित में उनके निरंतर योगदान के लिए “किसान संत गरीबदास गरिमा सम्मान” से सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह में वक्ताओं ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित अन्नपूर्णा अभियान की विशेष रूप से सराहना की। बताया गया कि हरियाणा, पंजाब, राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश में आई भीषण बाढ़ के समय संत जी के ट्रस्ट द्वारा त्वरित राहत पहुंचाई गई। किसानों के खेतों से पानी निकासी हेतु मोटर एवं पाइप की व्यवस्था की गई, जिससे फसलों को बचाने में बड़ी सहायता मिली और अगली फसल की बुवाई संभव हो सकी।
कार्यक्रम में मौजूद किसान नेताओं एवं सरपंचों ने कहा कि संत रामपाल जी महाराज के आध्यात्मिक विचारों और सामाजिक अभियानों से समाज में नशाखोरी, दहेज प्रथा एवं अन्य कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने संत जी को किसानों और कमजोर वर्गों का सच्चा मार्गदर्शक बताते हुए उनके कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
अन्नपूर्णा अभियान के अंतर्गत ऐसे जरूरतमंद परिवारों को चिन्हित किया जाता है, जिनके सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया हो। इन परिवारों को निःशुल्क अनाज, वस्त्र, बच्चों की शिक्षा, बीमार सदस्यों के उपचार तथा आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। यह समस्त सेवाएं समाज उत्थान के उद्देश्य से संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही हैं।
सामाजिक सुधार की दिशा में निरंतर पहल
संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में दहेज-मुक्त विवाह सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही निःशुल्क रक्तदान शिविर, देहदान जागरूकता, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान एवं नशामुक्ति जैसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर चलाए जा रहे हैं। समाज से कुरीतियों के उन्मूलन हेतु जनजागरूकता पर विशेष बल दिया जा रहा है।






