
✍️ भागीरथी यादव
नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के गीदम प्रदाय केंद्र में चावल भंडारण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। एरिया ऑफिसर द्वारा 2 जनवरी 2026 को संचालनालय खाद्य के खाद्य निरीक्षक के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया था, जिसकी जांच रिपोर्ट 5 जनवरी 2026 को प्रस्तुत की गई।
जांच में गोदाम क्रमांक 6 और 7 में भौतिक रूप से पाए गए कुल 20 स्टेकों में से 18 स्टेकों के चावल के नमूनों में जाले के लट्ठे पाए गए। इस कारण संबंधित स्टेकों का चावल उचित मूल्य दुकानों तक परिवहन के लिए अनुपयुक्त पाया गया। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान स्टेक क्रमांक 6/1, 6/6, 6/12, 7/5, 7/6 एवं 7/8 को ऑनलाइन रिकॉर्ड में ‘किल’ बताया गया, जबकि स्टेक क्रमांक 7/11 ए भौतिक रूप से निरीक्षण के समय मौजूद नहीं था, परंतु ऑनलाइन जानकारी में उसमें 1740 बोरी चावल दर्ज पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि गोदाम में चावल वितरण में फर्स्ट इन फर्स्ट आउट (FIFO) नियमों का पालन नहीं किया गया। इन गंभीर लापरवाहियों के लिए गीदम प्रदाय केंद्र के गोदाम प्रभारी श्री लिलेन्द्र पाणीग्राही, वरिष्ठ सहायक, को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार ठहराया गया है।
कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने श्री पाणीग्राही द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, कर्तव्य में शिथिलता एवं आदेशों की अवहेलना को गंभीर मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला कार्यालय कांकेर निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इस कार्रवाई के बाद खाद्य आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर विभागीय सख्ती के संकेत मिले हैं।





