
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर। राजधानी रायपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि वे पुलिस की मौजूदगी और निगरानी को खुली चुनौती दे रहे हैं। बीते 24 घंटे के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों में उठाईगिरी की दो बड़ी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहली घटना गंज थाना क्षेत्र की है, जहां बदमाशों ने एक कार का शीशा तोड़कर करीब 10 लाख रुपये नकद और कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान पर हाथ साफ कर दिया। वहीं दूसरी वारदात देवेंद्र नगर इलाके में सिटी सेंटर मॉल के पास हुई, जहां कपड़ा व्यापारी की कार से साढ़े तीन लाख रुपये चोरी कर लिए गए। दोनों ही मामलों में चोरी की करतूत सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार महासमुंद निवासी प्रदीप चोपड़ा रायपुर के डूबरतराई, सदाराम मार्केट में “अरिहंत मार्केटिंग” के नाम से प्लास्टिक मटेरियल का व्यवसाय करते हैं, जबकि पंडरी महालक्ष्मी कपड़ा मार्केट में उनकी “पास लिविंग” नाम से फर्नीचर की दुकान है। उनके भांजे सागर जैन की आगामी शादी के चलते खरीदारी के लिए वे 3 लाख रुपये एक नीले रंग के ऑफिस बैग में रखकर दोपहर करीब 11.30 बजे अपनी होंडा सिटी कार (CG 04 LM 1004) से रायपुर पहुंचे थे।
शाम लगभग 5.30 बजे उन्होंने महालक्ष्मी कपड़ा मार्केट के पास महाराजा फुटवेयर के सामने निर्माणाधीन मॉल के किनारे कार खड़ी की। बैग को जांचने के बाद उन्होंने उसे कार की पिछली सीट पर रखा, वाहन लॉक किया और दुकान चले गए। रात करीब 8 बजे जब वे पैसे लेने वापस लौटे तो देखा कि कार के पीछे बाईं ओर के दरवाजे का कांच टूटा हुआ था। अंदर रखा नीले रंग का बैग, जिसमें पूरे 3 लाख रुपये थे, गायब था।
अज्ञात चोरों द्वारा की गई इस उठाईगिरी की शिकायत पीड़ित ने थाने में दर्ज कराई है। लगातार हो रही ऐसी वारदातों से शहरवासियों में भय का माहौल है और पुलिस की गश्त व सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।








