
राजधानी रायपुर में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई सामने आई है। विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत की एनडीपीएस कोर्ट ने गांजा तस्करी के एक गंभीर मामले में हिस्ट्रीशीटर रवि साहू उर्फ रवि बाबा और उसके पांच साथियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कोतवाली थाना क्षेत्र का मामला
यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां लंबे समय से गांजा तस्करी का नेटवर्क सक्रिय था। न्यायालय के इस फैसले को राजधानी में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
सजा पाने वाले आरोपी
सजा पाए आरोपियों में—
रवि साहू उर्फ रवि बाबा, निवासी कोतवाली
अनील उर्फ अली जुल्फेकार
संजय उर्फ लेंडी जुल्फेकार
गणेश बागर्ती, निवासी बलांगीर, ओडिशा
विक्रम शाह, निवासी बलांगीर, ओडिशा
प्रियवंत कुम्हार, निवासी बलांगीर, ओडिशा
गांजा बेचते रंगे हाथों पकड़े गए थे आरोपी
विशेष लोक अभियोजक भुवन लाल साहू ने बताया कि पुलिस ने 4 फरवरी 2025 को गांजा तस्करी की पुख्ता सूचना मिलने पर कार्रवाई की थी। कालीबाड़ी चौक में दबिश देकर आरोपियों को मादक पदार्थ के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ था, जिसे वे बैग में रखकर छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर ग्राहकों को बेच रहे थे।
रवि साहू के इशारे पर चल रहा था नेटवर्क
पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश केस डायरी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे हिस्ट्रीशीटर रवि साहू के निर्देश पर गांजा की बिक्री कर रहे थे। रवि साहू पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था और उसके गुर्गे शहर में गांजा खपाने का काम करते थे।
कोर्ट ने मानी अभियोजन की दलीलें
एनडीपीएस कोर्ट ने सभी साक्ष्यों, गवाहों और अभियोजन पक्ष की दलीलों को सही मानते हुए आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई।
यह फैसला राजधानी में नशे के अवैध कारोबार में लिप्त तत्वों के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं होगा।






