
राजिम पुलिस ने 19.696 किलो गांजा के साथ दो तस्कर दबोचे, ₹11.63 लाख की संपत्ति जब्त
गरियाबंद | अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ रायपुर रेंज पुलिस द्वारा चलाए जा रहे रेंज स्तरीय “ऑपरेशन निश्चय” के तहत गरियाबंद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना राजिम क्षेत्र में पुलिस ने करीब 20 किलो अवैध गांजा के साथ दो अंतरजिला तस्करों को गिरफ्तार करते हुए ₹11 लाख 63 हजार 450 रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुरूप अवैध गांजा, हीरा एवं वन्यजीव तस्करी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में 19 जनवरी 2026 को थाना राजिम पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बिना नंबर प्लेट की बजाज पल्सर एनएस 400 मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक गांधीनगर की ओर राजिम पुल के रास्ते आ रहे हैं और उनके पास अवैध गांजा है।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजिम के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर घेराबंदी की गई। संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोककर पूछताछ करने पर चालक ने अपना नाम राकेश सिंह (21) तथा पीछे बैठे युवक ने डोमेश्वर सिंह (22) बताया। दोनों आरोपी ग्राम सलोनी, वार्ड क्रमांक 12, भाठापारा, थाना जालबांधा, जिला खैरागढ़ के निवासी हैं।
तलाशी के दौरान बाइक पर रखे काले रंग के बैग से गांजा के दो पैकेट बरामद किए गए। गवाहों के समक्ष तौल कराने पर गांजा का कुल वजन 19.696 किलोग्राम (12.46 किग्रा एवं 7.230 किग्रा) पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹9,98,450 आंकी गई।
इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की बजाज पल्सर एनएस 400 मोटरसाइकिल (₹1.50 लाख) तथा 2 मोबाइल फोन (₹15 हजार) भी जब्त किए गए। इस प्रकार कुल ₹11,63,450 की संपत्ति पुलिस ने कब्जे में ली।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना राजिम में अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार करते हुए माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया है। पुलिस अब गांजा तस्करी के नेटवर्क और स्रोत की भी गहन जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी
राकेश सिंह पिता परमेश्वर सिंह, उम्र 21 वर्ष
डोमेश्वर सिंह पिता पवन सिंह, उम्र 22 वर्ष
(दोनों निवासी ग्राम सलोनी, वार्ड नं. 12, भाठापारा, थाना जालबांधा, जिला खैरागढ़, छत्तीसगढ़)
जप्त सामग्री
• 19.696 किलोग्राम अवैध गांजा – ₹9,98,450
• बजाज पल्सर एनएस 400 मोटरसाइकिल – ₹1,50,000
• 2 मोबाइल फोन – ₹15,000
👉 गरियाबंद पुलिस की इस कार्रवाई को “ऑपरेशन निश्चय” के तहत मादक पदार्थ तस्करी पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है।






