
✍️ भागीरथी यादव
कार्रवाई के साथ समझाइश, नशामुक्त समाज की ओर बड़ा कदम
एमसीबी | मनेंद्रगढ़
जिले में बढ़ते नशे के जाल को तोड़ने के लिए पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के निर्देश पर मनेंद्रगढ़ पुलिस ने नशे के खिलाफ व्यापक और निर्णायक अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य केवल अवैध गांजा, नशीले इंजेक्शन और टैबलेट जैसे मादक पदार्थों पर रोक लगाना नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को सही दिशा दिखाकर उनका भविष्य संवारना भी है।
सिटी कोतवाली प्रभारी दीपेश सैनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस की भूमिका केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं की ऊर्जा और संभावनाओं को नष्ट कर देता है, इसलिए पुलिस युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने आम नागरिकों से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की।
बीती रात सिटी कोतवाली पुलिस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चिन्हित नशे के अड्डों पर दबिश दी। इस दौरान मौके पर नशीले पदार्थों का सेवन करते पाए गए युवाओं को पकड़ा गया। पुलिस ने सख्त लहजे में समझाइश देते हुए उन्हें उठक-बैठक कराई, नशे से दूर रहने की चेतावनी दी और भविष्य में दोबारा इस तरह की गतिविधियों में शामिल न होने का संकल्प दिलाकर छोड़ा।
अभियान के तहत दर्जनों नशेड़ियों की पहचान की गई है, जिन पर आगे भी पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर उनके परिजनों को भी काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा।
मनेंद्रगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी युवा नशीले पदार्थों का सेवन करते नजर आएं या अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले, तो तत्काल सिटी कोतवाली मनेंद्रगढ़ को सूचित करें, ताकि समय रहते उन्हें नशे के अंधकार से बाहर निकाला जा सके।
पुलिस का साफ संदेश है—
“कार्रवाई के साथ समझाइश, और समाज के सहयोग से ही नशामुक्त मनेंद्रगढ़ संभव है।”






