
सुशील जायसवाल
पोड़ी उपरोड़ा | 26 जनवरी
जहां एक ओर पूरा देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मना रहा था, वहीं कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत दम्हामुड़ा में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का गंभीर मामला सामने आया है। पंचायत भवन में ध्वजारोहण के दौरान तिरंगा झंडा उल्टा फहराया गया, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गणतंत्र दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत दम्हामुड़ा के सरपंच मटुक लाल ओडे द्वारा ध्वजारोहण किया गया। सरपंच दिनभर तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल थे। इसी दौरान पंचायत भवन में राष्ट्रीय ध्वज उल्टा फहरा दिया गया, जो लगभग दो से तीन घंटे तक उसी स्थिति में रहा।
जानकारी मिलने पर सुधारा गया झंडा
बताया गया कि ध्वजारोहण के समय पंचायत सचिव मोहन कौशिक मौके पर उपस्थित नहीं थे। झंडा लगाने की जिम्मेदारी एक कर्मचारी संतोष कुमार को दी गई थी, जिनकी जानकारी के अभाव में तिरंगा उल्टा लगा दिया गया। उसी अवस्था में सरपंच द्वारा ध्वजारोहण भी कर दिया गया।
बाद में जब ग्रामीणों एवं पंचों द्वारा इस गंभीर त्रुटि की जानकारी दी गई, तब सरपंच ने स्वयं झंडे को सही करवाया।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बताया राष्ट्रध्वज का अपमान
इस घटना को लेकर ग्रामवासियों में तीव्र रोष व्याप्त है। ग्राम पंचायत दम्हामुड़ा निवासी एवं गो.ग.पा. के युवा नेता कांति कुमार ने कहा कि
“राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा फहराना घोर लापरवाही ही नहीं, बल्कि राष्ट्रध्वज का अपमान है। यह मामला अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है।”
वहीं स्थानीय निवासी एवं अधिवक्ता अरविंद राज ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि
“ऐसे गैर-जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के खिलाफ शासन को तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। इतनी बड़ी चूक अक्षम्य है।”
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने एक स्वर में इस पूरे मामले की शासन स्तर पर जांच कराए जाने और संबंधित सरपंच के विरुद्ध विधिवत कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।





