
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के दुर्लभ पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इसी कड़ी में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक रोमांचित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ दुनिया के सबसे तेज उड़ने वाले पक्षी, पेरेग्रीन फाल्कन (स्थानीय नाम: शाहीन बाज), को एक बार फिर देखा गया है।
कैमरे में कैद हुआ ‘आसमान का चीता’
इस दुर्लभ पक्षी की मौजूदगी को वन रक्षक ओमप्रकाश राव ने अपने कैमरे में कैद किया है। इससे पहले भी इस बाज़ को आमामोरा ओड़ क्षेत्र के ‘शेष पगार जलप्रपात’ के पास ड्रोन कैमरों में देखा गया था। बार-बार इसकी उपस्थिति दर्ज होना यह सिद्ध करता है कि छत्तीसगढ़ का वातावरण इन विदेशी और दुर्लभ प्रजातियों के लिए अनुकूल हो चुका है।
320 किमी/घंटा की रफ्तार से करता है शिकार
पेरेग्रीन फाल्कन अपनी अविश्वसनीय गति के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है:
गोता लगाने की गति: शिकार पर झपट्टा मारते समय इसकी रफ्तार 320 किमी प्रति घंटा तक पहुँच जाती है।
सामान्य उड़ान: उड़ते समय भी यह करीब 300 किमी प्रति घंटा की गति बनाए रख सकता है।
प्रमुख विशेषता: इसके मजबूत और नुकीले पीले पंजे उड़ते हुए पक्षियों (जैसे कबूतर और तोते) को पकड़ने में माहिर होते हैं।
वन विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि
वन अधिकारियों के अनुसार, पेरेग्रीन फाल्कन का इस क्षेत्र में दिखना टाइगर रिजर्व के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का संकेत है। अपनी सटीक शिकार तकनीक और ऊँचाई से गोता लगाने की कला के कारण इसे ‘आसमान का चीता’ भी कहा जाता है।






