भोरमदेव के जंगलों में फिर लौटे बाघ: कैमरे में शावकों के साथ दिखे टाइगर, अप्रैल-मई से शुरू होगी सफारी

✍️ भागीरथी यादव

 

कवर्धा (कबीरधाम): वन्यजीव प्रेमियों के लिए कबीरधाम जिले से एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। भोरमदेव की सुरम्य पहाड़ियों और सघन जंगलों में एक बार फिर बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई है। वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप कैमरों में बाघ और उनके शावकों की विचरण करती तस्वीरें कैद हुई हैं, जो यह प्रमाणित करती हैं कि भोरमदेव अभ्यारण्य अब बाघों के संरक्षण के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन चुका है।

कुनबा बढ़ने के संकेत, विभाग अलर्ट

जंगल में बाघों का शावकों के साथ दिखना इस बात का संकेत है कि यहाँ वन्यजीवों के लिए भोजन और प्राकृतिक वातावरण पूरी तरह अनुकूल है।

पगमार्क: प्रभूझोल से लेकर जामुनपानी मार्ग तक बाघों के पैरों के निशान मिले हैं।

सुरक्षा: वन्यजीवों के संरक्षण को देखते हुए विभाग ने गश्त बढ़ा दी है, हालांकि उनकी सटीक लोकेशन को सुरक्षा कारणों से गोपनीय रखा गया है।

पर्यटकों के लिए खुशखबरी: जल्द शुरू होगी सफारी

बाघों की बढ़ती संख्या और अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए वन विभाग अब यहाँ जंगल सफारी शुरू करने की तैयारी में है।

संभावित समय: अप्रैल या मई के महीने से इसे आम पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है।

ऑनलाइन बुकिंग: सफारी के लिए टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

संचालन: इसका जिम्मा गुजरात की एक अनुभवी प्रोफेशनल कंपनी को सौंपा गया है।

इको-टूरिज्म और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

भोरमदेव में बाघों की वापसी छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। इस सफारी के शुरू होने से न केवल प्रदेश में इको-टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह वन विभाग के संरक्षण प्रयासों की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

  • Related Posts

    मनेद्रगढ़: अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से सड़कें बेहाल, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

    ✍️ भागीरथी यादव     एमसीबी | मनेद्रगढ़ मनेद्रगढ़ शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मुख्य सड़कों पर चार पहिया वाहनों की अवैध पार्किंग और दुकानों के बाहर पसरे अतिक्रमण ने आम नागरिकों का पैदल चलना भी दूभर कर दिया है। प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह समस्या अब स्थायी रूप लेती जा रही है। प्रमुख समस्याएँ और हॉटस्पॉट अवैध पार्किंग: स्टेशन रोड से गांधी चौक और राम मंदिर से भगत सिंह तिराहा तक संकरी सड़कों पर चार पहिया वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े किए जा रहे हैं। स्थायी अतिक्रमण: नियमों को ताक पर रखकर सड़कों से सटकर दुकानें और मकान बना लिए गए हैं, जिन पर निर्माण के समय कोई कार्रवाई नहीं की गई। दिखावटी कार्रवाई: पुलिस की चालानी कार्रवाई अभियान थमते ही बंद हो जाती है, जिससे स्थिति जस की तस बनी रहती है। कार्रवाई में बाधा बनता ‘सिफारिश’ का खेल स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब भी व्यापारियों या रसूखदारों पर कार्रवाई शुरू होती है, तो राजनीतिक सिफारिशों का दौर शुरू हो जाता है। नागरिकों ने सुझाव दिया है कि पारदर्शिता लाने के लिए कार्रवाई के दौरान पत्रकारों को साथ रखा जाए और बिना किसी भेदभाव के कठोर कदम उठाए जाएं। केवल समझाइश से बात नहीं बनेगी पुलिस की बार-बार दी गई समझाइश और चेतावनी का वाहन मालिकों पर कोई असर नहीं हो रहा है। लोग जानबूझकर मुख्य मार्गों पर गाड़ियाँ खड़ी कर रहे हैं। अब शहरवासी मांग कर रहे हैं कि केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि निरंतर और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि सार्वजनिक सड़कें निजी संपत्ति बनने से बच सकें।

    जांजगीर-चांपा मार्ग पर चक्काजाम पड़ा भारी: मछुआ समिति के 20 सदस्यों समेत अन्य पर FIR दर्ज

        जांजगीर-चांपा। मत्स्य विभाग कार्यालय के सामने सड़क जाम कर आम जनता को परेशान करने वाले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने मछुआ समिति के 20 नामजद सदस्यों और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। 3 घंटे तक बाधित रहा मार्ग, कर्मचारियों से की अभद्रता मत्स्य विभाग के सहायक संचालक सीताराम अहिरवार की शिकायत के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने करीब तीन घंटे तक जांजगीर-चांपा मुख्य मार्ग को पूरी तरह बाधित रखा। जब विभागीय कर्मचारी उन्हें समझाने पहुंचे, तो उनके साथ गाली-गलौच और अभद्रता की गई, जिससे शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। इन प्रमुख लोगों पर हुई एफआईआर (नामजद आरोपी): पुलिस ने कुल 20 लोगों को नामजद किया है, जिनमें मुख्य रूप से नवीन धीवर, गायत्री गायग्वाल, ओम प्रकाश, बुधराम, भोजराम, दामोदर, राकेश महंत (कुलीपोटा), शिवकुमार (गोधना), करन, विजय, सरिता, मीना, मोनू (कोसा), अहिल्या, सविता (बलौदा), सरिता (घडोला), रामकुमार, गोवर्धन (लछनपुर), सहसराम और धनबाई (भोजपुर) शामिल हैं। इनके अलावा अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर भी केस दर्ज है। कानूनी कार्रवाई और धाराएं पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है: धारा 126(2): गलत तरीके से रास्ता रोकना। धारा 221: लोक सेवक के आदेश की अवहेलना और शासकीय कार्य में बाधा। प्रशासन की चेतावनी: पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर सार्वजनिक मार्ग रोकना और अधिकारियों से बदतमीजी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में भविष्य में भी कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

    अन्य खबरे

    मनेद्रगढ़: अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से सड़कें बेहाल, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

    मनेद्रगढ़: अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग से सड़कें बेहाल, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

    कटघोरा-जेंजरा बायपास: बनने से पहले ही उखड़ने की कगार पर नई सड़क, ठेकेदार की मनमानी से गुणवत्ता पर उठे सवाल

    कटघोरा-जेंजरा बायपास: बनने से पहले ही उखड़ने की कगार पर नई सड़क, ठेकेदार की मनमानी से गुणवत्ता पर उठे सवाल

    भाजपा दर्री मंडल में भुवनेश्वर दुबे को मिली मीडिया की कमान, कार्यकर्ताओं और नेताओं में हर्ष की लहर

    भाजपा दर्री मंडल में भुवनेश्वर दुबे को मिली मीडिया की कमान, कार्यकर्ताओं और नेताओं में हर्ष की लहर

    जांजगीर-चांपा मार्ग पर चक्काजाम पड़ा भारी: मछुआ समिति के 20 सदस्यों समेत अन्य पर FIR दर्ज

    जांजगीर-चांपा मार्ग पर चक्काजाम पड़ा भारी: मछुआ समिति के 20 सदस्यों समेत अन्य पर FIR दर्ज

    शिवा नगर में देह व्यापार का भंडाफोड़, पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा

    शिवा नगर में देह व्यापार का भंडाफोड़, पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथों दबोचा

    नाबालिग का अपहरण कर राजस्थान ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार, दर्री पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    नाबालिग का अपहरण कर राजस्थान ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार, दर्री पुलिस की बड़ी कार्रवाई