
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सोमवार को किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने कवर्धा-पंडरिया मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़े हैं किसान:
गन्ने के दामों में वृद्धि: किसानों का कहना है कि पिछले 5 वर्षों से शक्कर कारखानों ने गन्ने की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। निजी मिलों में गन्ना ₹500 प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, जबकि स्थानीय स्तर पर किसानों को पुरानी दरों पर ही भुगतान किया जा रहा है।
धान खरीदी की तारीख बढ़ाना: जिले के लगभग एक हजार से अधिक किसान अब भी अपना धान नहीं बेच पाए हैं। खरीदी की समयसीमा समाप्त होने से किसान संकट में हैं, इसलिए पोर्टल फिर से खोलने की मांग की जा रही है।
बकाया भुगतान: शुगर मिलों द्वारा गन्ने का भुगतान समय पर नहीं किए जाने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासनिक दखल और चेतावनी
आंदोलन की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया।
किसान संघ की चेतावनी: “यह तो केवल सांकेतिक प्रदर्शन है। अगर सरकार ने जल्द ही गन्ने की कीमतें नहीं बढ़ाईं और धान खरीदी की तारीख आगे नहीं बढ़ाई, तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।”
आम जनता को हुई परेशानी
अचानक हुए इस चक्काजाम के कारण यात्रियों और मालवाहक वाहनों को घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ा। किसानों की नारेबाजी और सड़क पर धरने के कारण पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।






