
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा। केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ और मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी कानूनों के अस्तित्व को बचाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल एवं कार्यक्रम प्रभारी श्री विजय केशरवानी की विशेष उपस्थिति में टीपी नगर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में एक उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक संपन्न हुई।
रणनीति और संकल्प
बैठक में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा और SIR (विशेष निवेश क्षेत्र) को लेकर अपनाई जा रही नीतियों पर तीखा प्रहार किया गया। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा गरीबों के हक का कानून है, जिसे कांग्रेस ने कड़ी मेहनत से बनाया था, लेकिन वर्तमान में इसे कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस अब चुप नहीं बैठेगी।
बैठक की मुख्य बातें:
एकजुट संघर्ष: प्रभारी विजय केशरवानी ने आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संघर्ष को ब्लॉक और ग्राम स्तर तक ले जाने का आह्वान किया।
दिखी एकजुटता: बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्र के पार्षदगण, वरिष्ठ पदाधिकारी और सक्रिय सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर निर्णायक आंदोलन का संकल्प लिया।
जनविरोधी नीतियों पर वार: वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए आम जनता के रोजगार के अधिकारों में कटौती कर रही है।
“मनरेगा और SIR जैसे प्रावधानों से खिलवाड़ करना आम जनता के पेट पर लात मारने जैसा है। जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में कोरबा जिला कांग्रेस इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाएगी।”
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर कोरबा के निर्वाचित पार्षद, जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने आगामी विरोध प्रदर्शनों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही।







