गरियाबंद की पहाड़ियों से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियारों का जखीरा बरामद

✍️ भागीरथी यादव

 

 

धमतरी/गरियाबंद: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘उन्मूलन अभियान’ के तहत धमतरी पुलिस की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरा पहाड़ पर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों के बड़े भंडार को जब्त किया है।

सरेंडर कर चुके नक्सलियों ने खोला राज

इस पूरी कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी आत्मसमर्पित नक्सली भूमिका और अमिला रहे। पुलिस की पूछताछ के दौरान इन दोनों ने सेमरा पहाड़ के गुप्त ठिकानों का खुलासा किया, जहाँ नक्सलियों ने भविष्य में बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के लिए हथियारों का स्टॉक जमा कर रखा था।

बरामद हथियारों की सूची

सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान डीआरजी की टीम ने पहाड़ियों के बीच से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:

01 बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) राइफल

01 ‘8 MM’ राइफल

03 बीजीएल ग्रेनेड

08 बीजीएल के खाली कार्ट्रिज

25 ग्राम गन पाउडर और सैन्य पोच

नक्सल कमर तोड़ने की तैयारी

धमतरी और सीमावर्ती जिलों में लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग अभियानों ने नक्सलियों के नेटवर्क को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री से यह स्पष्ट है कि नक्सली किसी बड़ी साजिश की फिराक में थे, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने सभी हथियारों को जब्त कर लिया है और क्षेत्र में वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ सर्चिंग और तेज कर दी गई है।

“यह सफलता पुलिस और जनता के बीच बढ़ते विश्वास का परिणाम है। आत्मसमर्पित नक्सलियों का सहयोग यह दर्शाता है कि अब वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं।