
✍️ भागीरथी यादव
एमसीबी/रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर जारी विवाद के बीच आम आदमी पार्टी ने 10 फरवरी 2026 को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश के करीब तीन लाख किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए हैं।
पार्टी नेताओं ने मांग की कि धान खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाई जाए और किसानों को उनकी उपज का भुगतान एकमुश्त किया जाए।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने कहा कि बुवाई से लेकर खरीदी तक किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा। बीज और खाद की उपलब्धता से लेकर टोकन व्यवस्था तक अव्यवस्था रही। उनका दावा है कि बड़ी संख्या में किसान अब भी धान बेचने से वंचित हैं और कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खरीदी अवधि नहीं बढ़ाई गई तो पार्टी किसानों के साथ मिलकर आंदोलन तेज करेगी।
भुगतान प्रक्रिया पर सवाल
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि जिन किसानों ने धान बेच दिया है, उन्हें भी भुगतान में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सहकारी बैंकों में किसानों को एक बार में सीमित राशि ही दी जा रही है, जिससे उन्हें बार-बार चक्कर लगाना पड़ रहा है।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि खरीदी केंद्रों की दैनिक सीमा घटाने और टोकन प्रणाली में गड़बड़ी के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।
खरीदी अवधि बढ़ाने की मांग
कोरबा लोकसभा अध्यक्ष रमाशंकर मिश्रा ने कहा कि धान खरीदी 6 फरवरी को बंद कर दी गई है, जबकि अभी भी कई किसानों का धान शेष है। उन्होंने मांग की कि खरीदी तब तक जारी रखी जाए जब तक हर किसान का पूरा धान नहीं खरीद लिया जाता।
घेराव कार्यक्रम में पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।






