शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर अतिक्रमण, बालको-वेदांता क्षेत्र की स्थिति पर भी उठे सवाल, अधिवक्ता ने दी अनशन की चेतावनी

✍️ भागीरथी यादव

 

कोरबा/स्थानीय संवाददाता:

शहर में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के आसपास फैले अतिक्रमण और अव्यवस्था के खिलाफ अब आवाज तेज हो गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता अब्दुल नफीस खान ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही उन्होंने बालको क्षेत्र में स्थित Vedanta Limited के प्लांट के आसपास की स्थिति को लेकर भी कड़ी नाराजगी जताई है।

 

अब्दुल नफीस खान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से कहा कि शहीद की प्रतिमा, जो सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक है, उसके आसपास अतिक्रमण फैला हुआ है और भारी वाहनों की तेज आवाजाही से धूल का गुबार उड़ रहा है। यह स्थिति न केवल शहीद के सम्मान के विपरीत है, बल्कि आम जनता के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है।

 

उन्होंने कहा कि कई बार शिकायतों और सूचनाओं के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक संवेदनहीनता को दर्शाता है।

 

अधिवक्ता खान ने बालको क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि जहां Vedanta Limited का प्लांट संचालित है, वहां भी अव्यवस्था, प्रदूषण और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही से स्थानीय लोग परेशान हैं। उन्होंने इस स्थिति को लेकर कंपनी प्रबंधन और प्रशासन दोनों को जिम्मेदार ठहराते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो जनआंदोलन की स्थिति बन सकती है।

 

उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों से अपील की है कि इस विषय को राजनीति से ऊपर उठकर गंभीरता से लें। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई, तो वे एक दिन का शांतिपूर्ण अनशन करेंगे, ताकि प्रशासन को “कुंभकर्णीय नींद” से जगाया जा सके।

 

इस बयान के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है और अब निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।