5 दिनों में स्थायी समाधान नहीं हुआ तो स्टेट हाईवे चोटिया चिरीमिरी मार्ग पर होगा शांतिपूर्ण चक्काजाम, कलेक्टर, एसपी और विद्युत विभाग को सौंपा गया ज्ञापन!
कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा।
विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पोड़ी खुर्द ( कोरबी ) स्थित विद्युत उपकेंद्र (सब स्टेशन) की लगातार बिगड़ती व्यवस्था को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। वर्षों से विद्युत आपूर्ति की समस्या झेल रहे लगभग 70 से 100 गांवों के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग को ज्ञापन सौंपकर तत्काल स्थायी समाधान की मांग की है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी पांच दिनों के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो क्षेत्र के हजारों ग्रामीण लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से कोरबी स्थित स्टेट हाईवे (चोटिया-चिरमिरी मार्ग) पर चक्काजाम आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और विद्युत विभाग की होगी।
सात दिनों से अंधेरे में डूबे गांव, जनजीवन पूरी तरह प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि पोड़ी खुर्द सब स्टेशन से जुड़े गांवों में पिछले लगभग सात दिनों से बिजली की आंख मिचौली और हल्की फुल्की बारिश व बिजली चमकने से विद्युत आपूर्ति पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है , लगातार बिजली गुल रहने से पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है। घरों में दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है तथा किसानों और छोटे व्यवसायियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों एवं उपभोक्ताओं का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। वर्षों से पोड़ी खुर्द,सब स्टेशन की लचर व्यवस्था के कारण क्षेत्र में बार-बार बिजली बाधित होती रहती है, लेकिन विभाग द्वारा स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। हर बार अस्थायी मरम्मत कर समस्या को टाल दिया जाता है, जिससे लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा असर, जीवनरक्षक दवाइयों के खराब होने का खतरा
बिजली नहीं रहने का सबसे अधिक असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों में रखी जीवनरक्षक दवाइयों और वैक्सीन के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। बिजली के अभाव में आवश्यक चिकित्सा उपकरण भी संचालित नहीं हो पा रहे हैं, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा पेयजल आपूर्ति भी गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। कई गांवों में मोटर पंप बंद होने से लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
मोबाइल बंद, आपातकालीन सेवाओं से संपर्क टूटा
लगातार बिजली नहीं रहने के कारण मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इससे डायल 112, महतारी एक्सप्रेस, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करने में भारी कठिनाई हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि आज के डिजिटल युग में बिजली नहीं होने से ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग सेवाएं, सरकारी योजनाओं की जानकारी, ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल भुगतान सहित सभी आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों का रोजगार भी प्रभावित हुआ है।
रात में बढ़ा जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार अंधेरा रहने से रात के समय जहरीले सांप, बिच्छू एवं अन्य विषैले जीव-जंतु घरों और आंगनों तक पहुंच रहे हैं। इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। बरसात के मौसम में यह खतरा और अधिक बढ़ गया है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ज्ञापन में ग्रामीणों ने प्रशासन एवं विद्युत विभाग से मांग की है कि—
पोड़ी खुर्द,सब स्टेशन से जुड़े सभी गांवों में तत्काल नियमित विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए।
वर्षों से चली आ रही बिजली समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
सब स्टेशन में पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
आवश्यक संसाधन एवं उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।
विद्युत लाइन एवं उपकरणों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
5 दिन का अल्टीमेटम, फिर होगा आंदोलन
ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि पांच दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 70 से 100, गांवों के हजारों ग्रामीण एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से स्टेट हाईवे मार्ग पर चक्काजाम करेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक होगा और इसका उद्देश्य केवल वर्षों से चली आ रही बिजली समस्या का स्थायी समाधान कराना है।
क्षेत्रवासियों की उम्मीदें प्रशासन से
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे हैं और अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि स्थायी समाधान चाहते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग से संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है ताकि हजारों लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके और क्षेत्र में सामान्य जनजीवन फिर से पटरी पर लौट सके।
