कोरबा : शिक्षक भर्ती परीक्षा स्थगित, अभ्यर्थियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन……

✍️ भागीरथी यादव

 

सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा स्थगित, हाईकोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारी चयन मंडल ने जारी किए निर्देश; कोरबा में अभ्यर्थियों ने परीक्षा तिथि घोषित करने की मांग उठाई

 

कोरबा। छत्तीसगढ़ में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल, रायपुर ने सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा (LSAT26) और शिक्षक भर्ती परीक्षा (LST26) को निर्धारित तिथियों पर आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जारी आदेशों के बाद भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है।

कर्मचारी चयन मंडल के जारी पत्र के अनुसार, सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित होनी थी, जबकि शिक्षक भर्ती परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित थी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में प्रकरण क्रमांक WPS No. 6783/2026 में 9 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश के पालन में दोनों परीक्षाओं को स्थगित किया गया है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि आगामी आदेश तक निर्धारित तिथियों पर परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी।

लगातार दो भर्ती परीक्षाओं के स्थगित होने से डीएलएड और बीएड प्रशिक्षित बेरोजगार अभ्यर्थियों में निराशा है। इसी मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ प्रशिक्षण डीएलएड एवं बीएड संघ, जिला कोरबा ने 13 अक्टूबर को जिला प्रशासन के माध्यम से संबंधित विभागों को संयुक्त ज्ञापन सौंपा है।

संघ ने मांग की है कि हाईकोर्ट में लंबित मामले से जुड़ी तकनीकी बाधाओं का जल्द समाधान किया जाए और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। साथ ही, दोनों परीक्षाओं की नई तिथियां शीघ्र घोषित करने तथा परीक्षा परिणाम, दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सारिणी जारी करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में यह भी सुझाव दिया गया है कि यदि संभव हो तो 22 नवंबर 2026 को शिक्षक और सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षाएं अलग-अलग पालियों में आयोजित की जाएं। यदि यह संभव नहीं हो, तो 6 दिसंबर 2026 को वैकल्पिक तिथि के रूप में निर्धारित करने पर विचार किया जाए।

संघ पदाधिकारियों का कहना है कि परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल से हस्तक्षेप कर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने तथा अभ्यर्थियों को जल्द राहत देने की मांग की है।