लोकसदन कोरबा। सोशल मीडिया पर एक बार फिर अफवाहों का ‘सुपरहिट सीजन’ लौट आया है। इस बार शिकार बने हैं वे लोग, जिन्हें लोग आमतौर पर पढ़ा-लिखा, जागरूक और समझदार मानते हैं। फेसबुक पर पिछले दो दिनों से एक लंबा-चौड़ा संदेश घूम रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि “कल से फेसबुक के नए नियम लागू होंगे” और “जो लोग यह पोस्ट कॉपी-पेस्ट नहीं करेंगे, वे अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों के उपयोग की अनुमति दे देंगे।”
हकीकत यह है कि न तो फेसबुक (अब मेटा) ने ऐसे कोई नियम लागू किए हैं और न ही 9:20 बजे रात को कोई ‘आधिकारिक मुहर’ लगी है। फिर भी, कई समझदार और शिक्षित यूज़र इस मैसेज को बड़े गर्व से कॉपी-पेस्ट कर अपने प्रोफाइल पर चिपका रहे हैं, मानो इससे उनकी प्राइवेसी दीवार ईंट से ईंट जोड़कर और मजबूत हो जाएगी।
टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स आपकी पोस्ट से नहीं, बल्कि आपके अकाउंट के सेटिंग्स पैनल से नियंत्रित होती हैं। लेकिन ‘फॉरवर्ड-फ्रीडम’ के दौर में तथ्य किसे याद रहते हैं?
लोगों के बीच इस ‘वर्चुअल हलफनामे’ को लेकर खूब मज़ाक भी हो रहा है। कई यूज़र ने लिखा—“फेसबुक से अपनी फोटो बचानी है तो उसे पोस्ट ही मत करो!”

लोकसदन कोरबा। सोशल मीडिया पर एक बार फिर अफवाहों का ‘सुपरहिट सीजन’ लौट आया है। इस बार शिकार बने हैं वे लोग, जिन्हें लोग आमतौर पर पढ़ा-लिखा, जागरूक और समझदार मानते हैं। फेसबुक पर पिछले दो दिनों से एक लंबा-चौड़ा संदेश घूम रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि “कल से फेसबुक के नए नियम लागू होंगे” और “जो लोग यह पोस्ट कॉपी-पेस्ट नहीं करेंगे, वे अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों के उपयोग की अनुमति दे देंगे।”




