पाली कोरबा नोनबिर्रा*÷गोड़ी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति के तत्वाधान में 9 अगस्त को राजधानी रायपुर में सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम मे विश्व आदिवासी दिवस एवं राष्ट्रीय भोजली महोत्सव के कार्यक्रम में आयोजन किया गया जिसका मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ शासन,( वर्तमान विधायक पाटन ) विशिष्टअतिथि कमलेश्वर पटेल अखिल भारतीय कांग्रेस राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य, विकास उपाध्याय,उपस्थित थे वही कार्यक्रम के अध्यक्षता कोरबा जिला के दुलेश्वरी सिदार पूर्व अध्यक्ष जनपद पंचायत पाली,दुर्गे भगत सिंह सिदार उपस्थित थे इस अवसर पर गोड़ी धर्म के हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने आदिवासी समाज की पारंपरिक संस्कृति, संगीत और नृत्य का आनंद उठाया।
महोत्सव के दौरान आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की गई। लोक कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर लोक नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया। कार्यक्रम में महिलाएं सिर पर भोजली की टोकरी रख भोजली माता की उपासना करते हुए मंच तक पहुंचीं, जिससे पूरे वातावरण में आस्था और उत्सव का रंग घुल गया। श्री बघेल ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा,भोजली महोत्सव हमारी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति श्रद्धा को दर्शाता है। जब हमारी संगीत, वाद्य और नृत्य हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं, तो वह केवल मनोरंजन नहीं बल्कि हमारी अस्मिता की पहचान बन जाते हैं। उन्होंने इस आयोजन को पारंपरिक विरासत को संजोने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया और आयोजकों को बधाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति अत्यंत समृद्ध है, और भोजली जैसे पर्व जनमानस को न केवल जोड़ते हैं, बल्कि युवाओं को भी अपनी परंपरा से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक संरक्षण का माध्यम हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सौहार्द्र को भी मजबूत करते हैं ।






