BREAKING: एक करोड़ 16 लाख के इनामी दो बड़े नक्सली ढेर, नक्सल संगठन को बड़ा झटका

मोहला-मानपुर: छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले में बुधवार की देर शाम हुई एक बड़ी मुठभेड़ में पुलिस और केंद्रीय बलों ने नक्सल संगठन के दो बड़े नेताओं को ढेर कर दिया। यह मुठभेड़ मदनवाड़ा थाना क्षेत्र के बंडा पहाड़ इलाके में हुई, जिसमें कुल एक करोड़ 16 लाख के इनामी माओवादी मारे गए। पुलिस के मुताबिक, मारे गए नक्सली दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य विजय रेड्डी और डिविजनल कमेटी सचिव लोकेश सलामे थे।

इनामी नक्सली और अपराधों का लंबा रिकॉर्ड

पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने बताया कि विजय रेड्डी पर छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सरकार ने 25-25 लाख रुपये तथा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकार ने 20-20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, जो कुल 90 लाख रुपये होता है। वहीं, लोकेश सलामे पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख और महाराष्ट्र में 16 लाख रुपये का इनाम था, जो कुल 26 लाख रुपये है। इस तरह, दोनों नक्सलियों पर कुल इनाम राशि 1 करोड़ 16 लाख रुपये थी। विजय रेड्डी के खिलाफ 42 और लोकेश सलामे के खिलाफ 37 गंभीर अपराधों के मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं, जिनमें हत्या, अपहरण, विस्फोट और पुलिस पार्टी पर हमले जैसे अपराध शामिल हैं।

संयुक्त ऑपरेशन और मुठभेड़ की कहानी

पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि बंडा पहाड़ और उसके आसपास के इलाके में भारी संख्या में माओवादी मौजूद हैं। इसके बाद मानपुर क्षेत्र से जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और केंद्रीय अर्धसैनिक बल इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) की टीम को ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया। साथ ही, पहाड़ के उस पार से कांकेर जिले की पुलिस पार्टी भी आगे बढ़ी। दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जब पुलिस बल बंडा पहाड़ के नजदीक पहुंचा, तो घात लगाकर बैठे माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला। दोनों ओर से घंटों तक गोलीबारी चली। अंततः माओवादियों को पीछे हटना पड़ा और गोलीबारी थमने के बाद इलाके की सघन तलाशी ली गई।

मौके से बरामद हथियार और सामान

तलाशी के दौरान पुलिस ने दो नक्सलियों विजय रेड्डी और लोकेश सलामे के शव बरामद किए। मौके से एक इंसास रायफल, एक .303 रायफल, भारी मात्रा में कारतूस, कार्डेक्स वायर, रेडियो, वॉकी-टॉकी, कपड़े, दवाइयां और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं जब्त की गईं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन हथियारों और सामग्रियों का इस्तेमाल नक्सली सुरक्षा बलों पर हमले की योजना में करते थे।

नक्सल संगठन को बड़ा झटका

मारे गए दोनों नक्सली राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिविजन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल थे और मोहला-मानपुर, कांकेर व राजनांदगांव जिलों में सक्रिय थे। विजय रेड्डी, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का वरिष्ठ सदस्य था, जबकि लोकेश सलामे डिविजनल कमेटी सचिव के पद पर था। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों नेताओं की मौत से आरकेबी (राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर) डिविजन को बड़ा नुकसान हुआ है और इसका सीधा असर माओवादी गतिविधियों पर पड़ेगा। पुलिस का दावा है कि इस मुठभेड़ से मोहला-मानपुर क्षेत्र के नक्सल मुक्त होने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं।

स्थानीय लोगों में राहत की भावना

इस एनकाउंटर की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों में राहत की भावना देखी गई। लंबे समय से इस क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी से लोगों में भय का माहौल था। कई बार ग्रामीणों को नक्सली जनअदालत में पेश कर सजा देते थे। अब, बड़े नेताओं के मारे जाने से लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सुरक्षा बलों की लगातार मौजूदगी से उनका इलाका शांतिपूर्ण होगा।

सरकार और पुलिस का बयान

पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह ने कहा, “यह मुठभेड़ हमारी संयुक्त रणनीति और खुफिया इनपुट के सही उपयोग का परिणाम है। हमने नक्सल संगठन के शीर्ष नेतृत्व को समाप्त किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा ताकि बचे हुए नक्सलियों को भी पकड़ा या खत्म किया जा सके। वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार ने इस ऑपरेशन में शामिल डीआरजी, आईटीबीपी और जिला पुलिस बल के जवानों की सराहना की है और इसे माओवादी हिंसा के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है।

आगे की रणनीति

सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि मोहला-मानपुर और आसपास के इलाकों में अब ऑपरेशन तेज किया जाएगा। जंगलों में छिपे बाकी नक्सली कैडरों को खत्म करने के लिए लगातार दबाव बनाया जाएगा। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में विश्वास बहाली के लिए विकास कार्यों और सामाजिक योजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यह मुठभेड़ न केवल नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका है, बल्कि इसने सुरक्षा बलों के मनोबल को भी ऊंचा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह के सटीक और संयुक्त ऑपरेशन जारी रहे, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के कई नक्सल प्रभावित जिलों को पूरी तरह माओवादी आतंक से मुक्त किया जा सकता है।

  • Related Posts

    डोंगरगढ़: मड़ई मेले में खूनी संघर्ष, आयोजन समिति के सदस्य पर जानलेवा हमला; ‘आदिवासी नेता’ समेत 7 गिरफ्तार

      बोरतलाव | 25 जनवरी, 2026 डोंगरगढ़ के बोरतलाव थाना क्षेत्र में पारंपरिक ‘मड़ई मेले‘ का उल्लास उस वक्त मातम और दहशत में बदल गया, जब एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति के सदस्य पर धारदार हथियार से प्राणघातक हमला कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और कथित आदिवासी नेता उदय नेताम समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विवाद की जड़: मंच पर हुल्लड़बाजी और समझाइश घटना रविवार रात की है। ग्राम बोरतलाव में वार्षिक मड़ई के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां चल रही थीं। चश्मदीदों के मुताबिक, ग्राम बुढ़ानछापर निवासी उदय नेताम अपने पुत्र के साथ मंच पर चढ़कर शोर-शराबा करने लगा। जब आयोजन समिति के सदस्य बशीर मोहम्मद और अन्य साथियों ने उसे अनुशासन बनाए रखने और मंच से उतरने की समझाइश दी, तो विवाद बढ़ गया। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद उदय वहां से चला तो गया, लेकिन यह शांति महज एक बड़े तूफान से पहले की खामोशी थी। योजनाबद्ध हमला और अफरा-तफरी कुछ ही देर बाद उदय नेताम अपने बेटे मनीष और अन्य साथियों (पंकज साहू, योगेश कोर्राम, बंटी साहू, जाफर खान, विकास गोंडाने और हर्षित निषाद) के साथ वैगनआर कार में सवार होकर वापस लौटा। आरोप है कि इन सभी ने एकजुट होकर बशीर मोहम्मद को घेर लिया और जान से मारने की नीयत से उनके पेट पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के बाद लहूलुहान बशीर को गिरते देख मेले में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और उत्सव का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सभी आरोपी सलाखों के पीछे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बोरतलाव पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस ने दबिश देकर सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जब्ती: पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार, धारदार हथियार और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। धाराएं: आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। चिंता का विषय: मुख्य आरोपी उदय नेताम की पहचान क्षेत्र में एक सक्रिय आदिवासी नेता के रूप में है। एक सार्वजनिक मंच और सांस्कृतिक आयोजन में एक ‘नेता’ की इस तरह की हिंसक संलिप्तता ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा पर सवाल मड़ई जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने स्थिति को और बिगड़ने से रोक लिया, लेकिन इस घटना ने पारंपरिक उत्सवों में बढ़ती गुंडागर्दी और हथियारों के बढ़ते चलन की ओर इशारा किया है।

    चिरमिरी में कानून तोड़ने वालों पर सख्ती, थाना प्रभारी विजय सिंह की पैनी निगरानी

      ✍️ भागीरथी यादव    ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ पर पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, 23 दिनों में 50 हजार का जुर्माना एमसीबी/चिरमिरी। चिरमिरी शहर में अब कानून से खिलवाड़ करना आसान नहीं रहा। थाना प्रभारी विजय सिंह ने साफ शब्दों में संदेश दे दिया है कि पुलिस की कार्रवाई महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखने वाला सख्त अभियान है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस की टीमें ब्रेथ एनालाइज़र के साथ लगातार तैनात हैं और हर संदिग्ध वाहन चालक पर कड़ी नजर रखी जा रही है। थाना प्रभारी विजय सिंह ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया गया या नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़ा गया, तो उसे कानून के शिकंजे से कोई नहीं बचा सकता। शराब पीकर स्टेयरिंग संभालने वालों को सीधे कोर्ट का रास्ता दिखाया जाएगा, जहां सजा के साथ भारी जुर्माना भी तय है। इन दिनों चिरमिरी पुलिस नशे के सौदागरों और नशे में धुत होकर सड़कों पर दूसरों की जान खतरे में डालने वालों के खिलाफ पूरी तरह “फुल फॉर्म” में नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (IPS) के सख्त निर्देशों और सीएसपी चिरमिरी के कुशल मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान ने शराबियों में हड़कंप मचा दिया है। 23 दिनों में 5 केस, 50 हजार रुपए का जुर्माना थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में 1 जनवरी से शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत अब तक मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के अंतर्गत 5 बड़े प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों को जब न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, तो कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों पर कुल 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया। चिरमिरी पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि अब शहर में पहले जैसा नहीं चलेगा। सड़क सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि कानून सबके लिए बराबर है। चिरमिरी में इन दिनों “सिंघम” अंदाज़ में पुलिस प्रशासन गद्दी संभाले हुए है और हर नागरिक को कानून के दायरे में रहना ही होगा।

    अन्य खबरे

    डोंगरगढ़: मड़ई मेले में खूनी संघर्ष, आयोजन समिति के सदस्य पर जानलेवा हमला; ‘आदिवासी नेता’ समेत 7 गिरफ्तार

    डोंगरगढ़: मड़ई मेले में खूनी संघर्ष, आयोजन समिति के सदस्य पर जानलेवा हमला; ‘आदिवासी नेता’ समेत 7 गिरफ्तार

    कोरबा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, मकान से 5 युवतियां और 3 युवक गिरफ्तार, मकान मालकिन भी हिरासत में

    कोरबा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, मकान से 5 युवतियां और 3 युवक गिरफ्तार, मकान मालकिन भी हिरासत में

    चिरमिरी में कानून तोड़ने वालों पर सख्ती, थाना प्रभारी विजय सिंह की पैनी निगरानी

    चिरमिरी में कानून तोड़ने वालों पर सख्ती, थाना प्रभारी विजय सिंह की पैनी निगरानी

    वर्ष 2026 की शुरुआत में ही चोरों का आतंक, 24 जनवरी को दर्री थाना क्षेत्र में तीन स्थानों पर चोरी

    वर्ष 2026 की शुरुआत में ही चोरों का आतंक, 24 जनवरी को दर्री थाना क्षेत्र में तीन स्थानों पर चोरी

    दर्री एनटीपीसी मेन रोड पर चोरी, टीन शेड काटकर उड़ा ले गए गल्ला

    दर्री एनटीपीसी मेन रोड पर चोरी, टीन शेड काटकर उड़ा ले गए गल्ला

    अयोध्यापुरी दुर्गा चौक से बाइक चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात देखे वीडियो

    अयोध्यापुरी दुर्गा चौक से बाइक चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात देखे वीडियो