संकुल नुनेरा के अंतर्गत पूर्वमाध्यमिक शाला रंगोले में 79वे स्वतंत्रता दिवस की पावन बेला पर ग्राम पंचायत रंगोले के जनप्रतिनिधि गण, एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में प्रभात फेरी निकाल कर देश के वीर सपूतों की गौरव गाथा को जनमानस में नारे एवं ओजस्वी पूर्ण गायन से देश भक्ति की भावना पूरा गांव गली मोहल्ला मे जय कारे से गुंजित हो उठा प्रत्येक घर से उत्साह पूर्वक मातृशक्तियों द्वारा भारत माता एवं वीर शहीदों की तेल चित्र की पूजन कर श्रद्धा पूर्वक श्रद्धांजलि दी गई हाथों में ध्वज लेकर छोटे-छोटे उत्साहित बच्चों का पैदल मार्च आकर्षण का केंद्र बना रहा ग्राम पंचायत रंगोले के सरपंच श्री शिव सिंह मरावी एवं जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 8 से श्रीमती माया रूपेश कंवर की गरिमामयी उपस्थिति में ध्वजारोहण का कार्यक्रम मे तिरंगे झंडे को सलामी देकर सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाकर देश भक्ति से भाव विभोर हो गए बच्चों के द्वारा सामूहिक नृत्य,नाटक, कविता, भाषण से मंत्र मुग्ध होकर तालियों की गड़गड़ाहट से प्रोत्साहित किया गया मंचस्थ अतिथियों के द्वारा सभी प्रतिभागियों को उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर संप्रेम राशि भेंट कर उनकी खुशियों भरी उत्साह को उत्साहित करते रहे मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा अपने उद्बोधन में संबोधन करते हुए कहां की यह दिन सिर्फ झंडा रोहण ही नहीं बल्कि उन वीर सपूतों की बलिदान,त्याग, और संघर्षों की दास्तान को जीवन पर्यंत याद करते रहना एवं देश के प्रति सच्ची श्रद्धा,भाईचारा,प्रेम पूर्वक देश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाने की अपील की गई
स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में सम्माननीय श्रीमती माया रूपेश कंवर जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र 08 विशिष्ट अतिथि सरपंच ग्राम पंचायत रंगोले श्री शिव सिंह मरावी, श्री एस के गुप्ता प्रधान पाठक माध्यमिक शाला रंगोले की अध्यक्षता में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्री रुपेश कंवर श्रीमती ज्योति चौहान, श्री सहारे लाल कंवर, पंच श्रीमती सीमा कंवर, श्रीमती पुष्पा चौहान,, श्रीमती संतोषी महंत, श्री फिरन सिंह, श्री माखन सिंह, शिक्षक श्री सुबन सिंह पैकरा, श्री विजय तंवर प्रधान पाठक, अतिथि शिक्षक ज्योति महंत, श्रीमती अन्नुलता कंवर, श्री विजय देवांगन, श्री संत लाल यादव, श्री चरण दास महंत, एमडीएम समूह के श्रीमती सावित्री कंवर, श्रीमती सूरज बाई एवं गणमान्य नागरिकों ने हर्षोल्लास से स्वतंत्रता दिवस मनाया गया
डोंगरगढ़: मड़ई मेले में खूनी संघर्ष, आयोजन समिति के सदस्य पर जानलेवा हमला; ‘आदिवासी नेता’ समेत 7 गिरफ्तार
बोरतलाव | 25 जनवरी, 2026 डोंगरगढ़ के बोरतलाव थाना क्षेत्र में पारंपरिक ‘मड़ई मेले‘ का उल्लास उस वक्त मातम और दहशत में बदल गया, जब एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति के सदस्य पर धारदार हथियार से प्राणघातक हमला कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और कथित आदिवासी नेता उदय नेताम समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विवाद की जड़: मंच पर हुल्लड़बाजी और समझाइश घटना रविवार रात की है। ग्राम बोरतलाव में वार्षिक मड़ई के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां चल रही थीं। चश्मदीदों के मुताबिक, ग्राम बुढ़ानछापर निवासी उदय नेताम अपने पुत्र के साथ मंच पर चढ़कर शोर-शराबा करने लगा। जब आयोजन समिति के सदस्य बशीर मोहम्मद और अन्य साथियों ने उसे अनुशासन बनाए रखने और मंच से उतरने की समझाइश दी, तो विवाद बढ़ गया। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद उदय वहां से चला तो गया, लेकिन यह शांति महज एक बड़े तूफान से पहले की खामोशी थी। योजनाबद्ध हमला और अफरा-तफरी कुछ ही देर बाद उदय नेताम अपने बेटे मनीष और अन्य साथियों (पंकज साहू, योगेश कोर्राम, बंटी साहू, जाफर खान, विकास गोंडाने और हर्षित निषाद) के साथ वैगनआर कार में सवार होकर वापस लौटा। आरोप है कि इन सभी ने एकजुट होकर बशीर मोहम्मद को घेर लिया और जान से मारने की नीयत से उनके पेट पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के बाद लहूलुहान बशीर को गिरते देख मेले में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और उत्सव का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सभी आरोपी सलाखों के पीछे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बोरतलाव पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस ने दबिश देकर सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जब्ती: पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार, धारदार हथियार और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। धाराएं: आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। चिंता का विषय: मुख्य आरोपी उदय नेताम की पहचान क्षेत्र में एक सक्रिय आदिवासी नेता के रूप में है। एक सार्वजनिक मंच और सांस्कृतिक आयोजन में एक ‘नेता’ की इस तरह की हिंसक संलिप्तता ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा पर सवाल मड़ई जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने स्थिति को और बिगड़ने से रोक लिया, लेकिन इस घटना ने पारंपरिक उत्सवों में बढ़ती गुंडागर्दी और हथियारों के बढ़ते चलन की ओर इशारा किया है।






