मुख्यधारा में लौटे कदम, आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पहली बार मनाया आज़ादी का पर्व।

नारायणपुर – नक्सल हिंसा की राह छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों ने इस बार स्वतंत्रता दिवस को एक नए अंदाज़ में महसूस किया। वर्षों तक हथियार और भय के साये में जीने के बाद जब उन्होंने तिरंगे को सलामी दी और देशभक्ति गीतों पर कदमताल किया तो उनकी आँखों में उम्मीद और चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था।

 

लाईवलीहुड कॉलेज गरांजी के पुनर्वास केंद्र में रह रहे 11 पुरुष और 19 महिला आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पहली बार स्वतंत्रता दिवस का जश्न करीब से देखा और पूरे मनोभाव से हिस्सा लिया। कभी आज़ादी के जश्न से दूरी बनाने वाले इन लोगों ने कहा कि “आज हमें महसूस हुआ कि असली सुख और सम्मान देश के साथ खड़े होने में है।”

 

सरकार द्वारा चलाए जा रहे पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यक्रम का यह प्रभावशाली नतीजा है कि अब तक बंदूक थामने वाले हाथ तिरंगे को सलामी दे रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने इसे अपनी ज़िंदगी का अविस्मरणीय पल बताते हुए कहा कि यह उनके लिए एक नई शुरुआत है।

 

यह आयोजन उनके लिए केवल एक उत्सव नहीं बल्कि उस नए सफर की शुरुआत है जिसमें वे भय और हिंसा से निकलकर शिक्षा, सम्मान और रोजगार की राह पकड़ रहे हैं।

  • Related Posts

    गणतंत्र दिवस के अवसर पर गांधी चौक में सांसद प्रतिनिधि राम पंजवानी ने फहराया तिरंगा

    तिल्दा नेवरा। नगर के ऐतिहासिक गांधी चौक में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर गरिमामय ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। रायपुर लोकसभा के सांसद प्रतिनिधि राम पंजवानी ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान के साथ उपस्थित नागरिकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। ध्वजारोहण के पश्चात सांसद प्रतिनिधि राम पंजवानी ने “गणतंत्र दिवस अमर रहे”, “भारत माता की जय” एवं “वंदे मातरम्” के नारों के साथ पूरे गांधी चौक को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। उपस्थित नागरिकों, बच्चों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उत्साहपूर्वक नारों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान तिरंगे के सम्मान में परेड का आयोजन किया गया तथा बच्चों द्वारा संक्षिप्त सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। बड़ी संख्या में नगरवासियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। गणतंत्र दिवस का यह आयोजन हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी उल्लास, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ संपन्न हुआ।

    डोंगरगढ़: मड़ई मेले में खूनी संघर्ष, आयोजन समिति के सदस्य पर जानलेवा हमला; ‘आदिवासी नेता’ समेत 7 गिरफ्तार

      बोरतलाव | 25 जनवरी, 2026 डोंगरगढ़ के बोरतलाव थाना क्षेत्र में पारंपरिक ‘मड़ई मेले‘ का उल्लास उस वक्त मातम और दहशत में बदल गया, जब एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति के सदस्य पर धारदार हथियार से प्राणघातक हमला कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और कथित आदिवासी नेता उदय नेताम समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विवाद की जड़: मंच पर हुल्लड़बाजी और समझाइश घटना रविवार रात की है। ग्राम बोरतलाव में वार्षिक मड़ई के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां चल रही थीं। चश्मदीदों के मुताबिक, ग्राम बुढ़ानछापर निवासी उदय नेताम अपने पुत्र के साथ मंच पर चढ़कर शोर-शराबा करने लगा। जब आयोजन समिति के सदस्य बशीर मोहम्मद और अन्य साथियों ने उसे अनुशासन बनाए रखने और मंच से उतरने की समझाइश दी, तो विवाद बढ़ गया। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद उदय वहां से चला तो गया, लेकिन यह शांति महज एक बड़े तूफान से पहले की खामोशी थी। योजनाबद्ध हमला और अफरा-तफरी कुछ ही देर बाद उदय नेताम अपने बेटे मनीष और अन्य साथियों (पंकज साहू, योगेश कोर्राम, बंटी साहू, जाफर खान, विकास गोंडाने और हर्षित निषाद) के साथ वैगनआर कार में सवार होकर वापस लौटा। आरोप है कि इन सभी ने एकजुट होकर बशीर मोहम्मद को घेर लिया और जान से मारने की नीयत से उनके पेट पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के बाद लहूलुहान बशीर को गिरते देख मेले में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और उत्सव का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सभी आरोपी सलाखों के पीछे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बोरतलाव पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस ने दबिश देकर सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जब्ती: पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार, धारदार हथियार और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। धाराएं: आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। चिंता का विषय: मुख्य आरोपी उदय नेताम की पहचान क्षेत्र में एक सक्रिय आदिवासी नेता के रूप में है। एक सार्वजनिक मंच और सांस्कृतिक आयोजन में एक ‘नेता’ की इस तरह की हिंसक संलिप्तता ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा पर सवाल मड़ई जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने स्थिति को और बिगड़ने से रोक लिया, लेकिन इस घटना ने पारंपरिक उत्सवों में बढ़ती गुंडागर्दी और हथियारों के बढ़ते चलन की ओर इशारा किया है।

    अन्य खबरे

    गणतंत्र दिवस के अवसर पर गांधी चौक में सांसद प्रतिनिधि राम पंजवानी ने फहराया तिरंगा

    गणतंत्र दिवस के अवसर पर गांधी चौक में सांसद प्रतिनिधि राम पंजवानी ने फहराया तिरंगा

    दर्री प्रेस क्लब में धूमधाम के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

    दर्री प्रेस क्लब में धूमधाम के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

    डोंगरगढ़: मड़ई मेले में खूनी संघर्ष, आयोजन समिति के सदस्य पर जानलेवा हमला; ‘आदिवासी नेता’ समेत 7 गिरफ्तार

    डोंगरगढ़: मड़ई मेले में खूनी संघर्ष, आयोजन समिति के सदस्य पर जानलेवा हमला; ‘आदिवासी नेता’ समेत 7 गिरफ्तार

    कोरबा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, मकान से 5 युवतियां और 3 युवक गिरफ्तार, मकान मालकिन भी हिरासत में

    कोरबा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, मकान से 5 युवतियां और 3 युवक गिरफ्तार, मकान मालकिन भी हिरासत में

    चिरमिरी में कानून तोड़ने वालों पर सख्ती, थाना प्रभारी विजय सिंह की पैनी निगरानी

    चिरमिरी में कानून तोड़ने वालों पर सख्ती, थाना प्रभारी विजय सिंह की पैनी निगरानी

    वर्ष 2026 की शुरुआत में ही चोरों का आतंक, 24 जनवरी को दर्री थाना क्षेत्र में तीन स्थानों पर चोरी

    वर्ष 2026 की शुरुआत में ही चोरों का आतंक, 24 जनवरी को दर्री थाना क्षेत्र में तीन स्थानों पर चोरी