धतुरा से रामभक्तों की टोली अयोध्या और कांशी विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए मां महामाया की पूजन करके अमरनाथ कौशिक भाजपा महामंत्री के साथ सपरिवार रवाना हुए।
अमरनाथ कौशिक भाजपा महामंत्री जी ने बताया की अयोध्या में जब राम मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ तब घर घर धन संग्रह करने का पुण्य कार्य हो या राम मंदिर से आये अक्षत कलश को हमारे धतुरा में स्थापित कर क्षेत्र के अन्य 10 गांवों में अक्षत कलश पहुंचाना और उस अक्षत को आमंत्रण के रूप में घर घर पहुंचाना । 22 जनवरी 2024 की रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की कार्यक्रम को गांव में भव्य रूप में आयोजित करना । ऐसे राम काज की करते वाले हमारे रामभक्तों को सपरिवार भगवान राम के आशीर्वाद से रामलला दर्शन योजना के तहत भगवान राम का दर्शन प्राप्त होगा साथ में देवों के देव महादेव भगवान कांशी विश्वानाथ जी का की दर्शन प्राप्त होगा। भगवान का दर्शन करवाने के लिए सभी ने मोदी जी और विष्णुदेव साय जी का आभार व्यक्त किया है ।
इस अवसर पर भाजपा पि. वर्ग महामंत्री सुरेश कौशिक, सरोज कश्यप, केशुभाई, कमल किशोर, सागर राम, अरविंद कौशिक और सरपंच पुत्र विजेंद्र मरकाम उपस्थित रहे
चिरमिरी के जंगलों में आगजनी, वन संपदा पर मंडराया खतरा; संसाधनों की कमी से जूझ रहा वन विभाग
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। मार्च महीने में बढ़ते तापमान और हल्की गर्मी के बीच जिले के चिरमिरी क्षेत्र के जंगलों में शुक्रवार को आग लगने की घटना सामने आई। आग चिरमिरी के पोड़ी पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक के समीप मुख्य सड़क के आसपास लगी, जहां एक ओर बैकुंठपुर वन विभाग और दूसरी ओर चिरमिरी वन विभाग का क्षेत्र लगता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ नशेड़ियों ने नशे की हालत में सूखे पत्तों में आग लगा दी, जो तेज हवा के कारण तेजी से फैलकर विकराल रूप ले गई। आग से उठ रहे घने धुएं के कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को रास्ता देखने में भी काफी परेशानी हुई। घटना की सूचना वन विभाग को दिए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन मौके पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिलने से विभाग की तत्परता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वन विभाग की प्रतिक्रिया चिरमिरी वन रेंजर सूर्य देव सिंह ने कहा कि जंगल में आग लगाना दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा आग पर नियंत्रण के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की भी बात कही गई है। संसाधनों की कमी बनी चुनौती चिरमिरी रेंज में जंगल की आग रोकने के लिए संसाधनों की कमी भी सामने आ रही है। इतने बड़े वन क्षेत्र के लिए विभाग के पास केवल चार ब्लोअर मशीनें हैं, जो आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही हैं। कई बार वनकर्मियों को पेड़ों की टहनियों और झाड़ियों से आग बुझाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ जंगलों में आग लगने की घटनाएं और बढ़ सकती हैं, इसलिए वन विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ-साथ संसाधनों को मजबूत करने की जरूरत है।






