कोरबा। कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कद बढ़ाते हुए आबकारी और सार्वजनिक उपक्रम विभाग का भी अतिरिक्त दायित्व सौंपा है।
वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बीते 19 महीने में नई औदौगिक नीति लॉन्च की। नए रिफ़्रॉम के साथसिंगल विंडो सिस्टम, 6 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, डाटा सेंटर, सेमीकन्डक्टर प्लांट सहित 1700 छोटे बड़े प्लांट स्थापित हो चुके हैं।
उद्योग विभाग में एक नई जान डाली, उद्योगपतियों के साथ नियमित तौर पर संवाद स्थापित कर सभी विसंगतियों को दुर किया। पिछली सरकार में उद्योगों के सब्सिडी का रुके 600 करोड़ से ज्यादा की राशि का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पहली बार अस्पताल सेक्टर को उद्योग का दर्जा दिया गया।
इतने सारे रिफार्म करने की वजह से आज विभाग की छवि प्रदेश के साथ साथ महानगरों में भी बहुत अच्छी बन गई है।
इसी तरह श्रम विभाग में डीबीटी के माध्यम से 600 करोड़ से अधिक की राशि श्रमवीरों को वितरण की जा चुकी है। बंद पड़ी दाल भात केंद्र, निशुल्क कोचिंग सहित कई बड़ी योजनाओं को पुनः प्रारम्भ किया गया
चिरमिरी के जंगलों में आगजनी, वन संपदा पर मंडराया खतरा; संसाधनों की कमी से जूझ रहा वन विभाग
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। मार्च महीने में बढ़ते तापमान और हल्की गर्मी के बीच जिले के चिरमिरी क्षेत्र के जंगलों में शुक्रवार को आग लगने की घटना सामने आई। आग चिरमिरी के पोड़ी पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक के समीप मुख्य सड़क के आसपास लगी, जहां एक ओर बैकुंठपुर वन विभाग और दूसरी ओर चिरमिरी वन विभाग का क्षेत्र लगता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ नशेड़ियों ने नशे की हालत में सूखे पत्तों में आग लगा दी, जो तेज हवा के कारण तेजी से फैलकर विकराल रूप ले गई। आग से उठ रहे घने धुएं के कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को रास्ता देखने में भी काफी परेशानी हुई। घटना की सूचना वन विभाग को दिए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन मौके पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिलने से विभाग की तत्परता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वन विभाग की प्रतिक्रिया चिरमिरी वन रेंजर सूर्य देव सिंह ने कहा कि जंगल में आग लगाना दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा आग पर नियंत्रण के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की भी बात कही गई है। संसाधनों की कमी बनी चुनौती चिरमिरी रेंज में जंगल की आग रोकने के लिए संसाधनों की कमी भी सामने आ रही है। इतने बड़े वन क्षेत्र के लिए विभाग के पास केवल चार ब्लोअर मशीनें हैं, जो आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही हैं। कई बार वनकर्मियों को पेड़ों की टहनियों और झाड़ियों से आग बुझाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ जंगलों में आग लगने की घटनाएं और बढ़ सकती हैं, इसलिए वन विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के साथ-साथ संसाधनों को मजबूत करने की जरूरत है।






