

Loksadan। ग्वालियर, मध्य प्रदेश के रहने वाले जितेंद्र झा इन दिनों एक विशेष और प्रेरणादायक अभियान पर हैं। उन्होंने “अखंड भारत अभियान” की शुरुआत 29 फरवरी 2024 को की, जिसके माध्यम से वे मनुष्य और प्रगति के बीच के अदृश्य लेकिन अटूट संबंध को समाज के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं।
अब तक वे सात राज्यों की यात्रा कर चुके हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ में हैं, जहां उन्हें आए 15 दिन हो चुके हैं। इस समय वे अंबिकापुर होते हुए पश्चिम बंगाल, उसके बाद दक्षिण अफ्रीका और अंततः अरुणाचल प्रदेश तक की लंबी यात्रा पर निकलने वाले हैं।
अभियान का उद्देश्य:
प्रगति की रक्षा करना
प्रगति से जुड़े सभी जीवों को उनका हक दिलाना
प्रकृति के अधिकारों की रक्षा करना
जितेंद्र झा का मानना है कि प्रगति हमें बहुत कुछ देती है, लेकिन बदले में हमसे कुछ नहीं मांगती। उनका स्पष्ट संदेश है कि प्रगति के बिना जीवन अस्त-व्यस्त है, और इसी कारण इसकी रक्षा करना आज के युग की अनिवार्यता बन गई है।
कठिन साधना, प्रेरणादायक जीवनशैली
सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि जितेंद्र झा इस पूरे अभियान में अकेले यात्रा कर रहे हैं। वे दिन में केवल एक बार भोजन करते हैं और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हैं। उनका यह साहस, त्याग और संकल्प न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि पूरे समाज को जागरूक करने का संदेश भी देता है।






