“सितंबर में 75 वर्ष के होंगे भागवत और मोदी, रिटायरमेंट को लेकर संघ प्रमुख के बयान पर उठे सवाल”

लोकसदन।   नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने 75 साल की उम्र में रिटायरमेंट को लेकर अपने पहले के बयान पर स्पष्टीकरण देकर बहुतों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और साथ ही बीजेपी की बहुत बड़ी दुविधा दूर कर दी है। दरअसल, भागवत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ही अगले महीने 75 साल के होने वाले हैं। उन्होंने अब जो कुछ कहा है, उससे खासकर विपक्षी इंडिया ब्लॉक को बहुत बड़ा झटका लग सकता है। क्योंकि, पहले उनकी बातों का यह अर्थ निकाला जा रहा था कि शायद संघ चाहता है कि पीएम मोदी अब दूसरे नेता को उत्तरदायित्व सौंप दें। लेकिन, अब भागवत ने जो कुछ कहा है उसका मतलब स्पष्ट है कि संघ ने 2029 के लिए भी पीएम मोदी के नेतृत्व को हरी झंडी दे दी है।

भागवत का रिटायरमेंट पर स्पष्टीकरण

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को एक लंबे प्रेस कांफ्रेंस में साफ किया कि उन्होंने कही नहीं कहा कि उन्हें या किसी और को 75 साल की उम्र में रिटायरमेंट ले लेना चाहिए। उनके मुताबिक संघ में जो कहा जाता है वही करना होता है। उनके मुताबिक वे तो एक वरिष्ठ स्वयंसेवक मोरोपंत पिंगले की कही गई बातों का जिक्र भर किया था, जो बहुत ही मजाकिया थे। मोहन भागवत ने कहा, ‘..जहां तक 75 साल की बात है तो मैंने मोरोपंत जी को कोट किया वो बड़े मजाकिया आदमी थे। उनके 75 साल के होने पर हमारा एक कार्यक्रम था…वे ऐसा कुछ कह देते थे कि लोग कुर्सियों पर हंसते-हंसते लोटपोट हो जाते थे…हमारे सहकार्यवाह शेषाद्रि जी ने उन्हें एक शॉल दिया और उनसे कुछ कहने को कहा तो वे बोले कि अब शॉल दे दिया गया है, इसका मतलब है कि आप 75 के हो गए हैं और दूसरे के लिए रास्ता छोड़ दीजिए….।’

‘जब तक संघ चाहता है..कार्य के लिए तैयार’

इसके साथ ही संघ प्रमुख ने जो कुछ कहा है, वह बीजेपी और विपक्ष के लिए भी बहुत बड़ा संदेश हो सकता है। वे बोले,’मैंने कभी नहीं कहा कि मैं रिटायर हो जाऊंगा या किसी को रिटायर हो जाना चाहिए। संघ में हम स्वयंसेवकों को कार्य सौंपा जाता है…चाहे हमारी इच्छा हो या न हो…अगर मैं 80 साल का हो जाता हूं और संघ कहता है कि जाइए और शाखा लगाइए…मुझे जाना होगा, मैं नहीं कह सकता कि मैं 75 साल का हो चुका हूं…मैं रिटायरमेंट बेनिफिट का आनंद लेना चाहता हूं…कोई रिटायरमेंट बेनिफिट नहीं है…हम वह करते हैं, जो संघ हमसे कहता है…हम नहीं कह सकते मैं ये करूंगा, ये नहीं करूंगा…इसलिए यह किसी के रिटायरमेंट की बात नहीं है, या मेरी बात नहीं है…हम किसी भी समय रिटायरमेंट के लिए तैयार हैं..और जब तक संघ चाहता है हम कार्य करने के लिए तैयार हैं।’

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