
लोक सदन
भागीरथी यादव
बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गतौरी निवासी मनहरण लाल खरे ने अपनी नाबालिग पुत्री की बरामदगी को लेकर जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बेटी के अपहरण को चार माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस की ढिलाई और निष्क्रियता के कारण अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
नाबालिग बेटी 6 मई से लापता
मनहरण लाल खरे ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय पुत्री दीपाली खरे, जो कक्षा आठवीं उत्तीर्ण कर चुकी है, 6 मई 2025 को दोपहर लगभग दो बजे अचानक घर से लापता हो गई। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला।
अगले दिन गांव के ही राजाराम गढ़ेवाल ने जानकारी दी कि उसका बेटा नंदूकुमार गढ़ेवाल (21 वर्ष) दीपाली को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
पिता का आरोप – पुलिस ने एफआईआर में दर्ज किया अज्ञात आरोपी
पीड़ित पिता का कहना है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद थाना कोनी में रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने एफआईआर में अज्ञात आरोपी दर्ज कर केवल खानापूर्ति कर दी। परिवार का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
मनहरण लाल खरे ने बताया कि उन्होंने 30 मई और 13 जून को पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को भी आवेदन दिया, लेकिन पुलिस ने बेटी की तलाश तेज करने के बजाय मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। उनका यह भी आरोप है कि थाना स्तर पर अधिकारी परिवार पर समझौते का दबाव बना रहे हैं।
परिवार सदमे में, ग्रामीणों ने भी उठाए सवाल
चार माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बेटी की कोई खबर न मिलने से परिवार गहरे सदमे में है। पिता का कहना है कि अब उन्हें अपनी बेटी की जान को गंभीर खतरा महसूस हो रहा है।
गांव के लोग भी इस घटना से आक्रोशित हैं और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई की जाती तो बच्ची को अब तक वापस लाया जा सकता था।
कलेक्टर से न्याय की उम्मीद
अब पूरे गांव और पीड़ित परिवार की उम्मीदें जिला कलेक्टर से जुड़ी हैं। पिता ने लिखित आवेदन सौंपकर प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी नाबालिग बेटी को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए और आरोपी युवक पर सख्त कार्रवाई की जाए।
