
कोरबा/कटघोरा, 15 सितंबर 2025।
सरकारी कार्यालयों में समय पर हाज़िरी और जनता को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना हर अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी होती है। लेकिन कटघोरा स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) के सबडिवीजन कार्यालय की तस्वीर इससे बिल्कुल उलट दिखी।

रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को जब लोग अपने कार्य लेकर दफ्तर पहुँचे तो यहां सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर 12 बजे तक न तो कोई अधिकारी दफ्तर पहुँचा और न ही कर्मचारी। कार्यालय का गेट खुला जरूर था, लेकिन कामकाज पूरी तरह ठप।
काम से पहुँचे आमजन यह देख हैरान रह गए कि आखिर यह दफ्तर कितने घंटे चलता है और यहां का स्टाफ अपनी जिम्मेदारी कितनी गंभीरता से निभाता है, जबकि इन्हें सरकार से मोटा वेतन मिलता है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केवल PWD ही नहीं बल्कि क्षेत्र के कुछ अन्य सरकारी दफ्तरों का भी यही हाल है। स्टाफ की इस लापरवाही ने सामान्य कामकाज को तो बाधित किया ही है, साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यही है जनता की सेवा करने का सरकारी तरीका?






