
✍️ अतुल श्रीवास्तव
जिला – मुंगेली, छत्तीसगढ़
मुंगेली।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारी लगातार 31वें दिन भी हड़ताल पर डटे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए पोस्टकार्ड भेजकर ग्रेड पे लागू करने और नियमितीकरण जैसी प्रमुख मांगों को पूरा करने की अपील की। कर्मचारियों ने लिखा कि प्रधानमंत्री उन्हें “मोदी की गारंटी” के तहत इन मांगों को लागू कर जन्मदिन का तोहफा दें।

📌 हड़ताल का पृष्ठभूमि:
यह आंदोलन 14 सितंबर से 10 सूत्रीय मांगों के समर्थन में जारी है। इसमें –
नियमितीकरण
स्थायी पदोन्नति
ग्रेड पे लागू करना
बेहतर कार्य परिस्थितियाँ
जैसी माँगें प्रमुख हैं।

राज्य सरकार ने अल्टीमेटम जारी करते हुए चेतावनी दी थी कि यदि कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो उन्हें एक महीने का नोटिस देकर बर्खास्त किया जाएगा। लेकिन एनएचएम कर्मचारियों ने इस चेतावनी को सख्ती से ठुकरा दिया।
📌 कर्मचारी नेताओं के बयान:
पवन निर्मलकर (जिला अध्यक्ष, एनएचएम संघ): “हम मध्यप्रदेश की तर्ज पर नियमितीकरण को लागू करने को तैयार हैं, लेकिन ग्रेड पे तुरंत लागू होना चाहिए।”
अमिताभ तिवारी: “20 वर्षों से केवल आश्वासन और कमेटियाँ बनी हैं, ठोस आदेश आज तक नहीं आया।”
📌 आंदोलन का स्वरूप:
पूरे राज्य में 16,000 से अधिक एनएचएम कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंपा।
कई कर्मचारियों ने यहाँ तक कहा है कि वे मनरेगा में मजदूरी करेंगे लेकिन बिना माँग पूरी किए काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
आंदोलन में डॉ. शशांक उपाध्याय, डॉ. अखिलेश बंजारे, डॉ. मीनाक्षी बंजारे सहित कई अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय हैं।
यह हड़ताल अब केवल रोजगार सुरक्षा का ही नहीं बल्कि न्याय और गरिमा की लड़ाई बन चुकी है। कर्मचारी चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में स्थिरता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।






