
छत्तीसगढ़
रिटायर्ड IAS और पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गुरुवार को EOW ने हिरासत में लिया।
जांच में सामने आया है कि निरंजन दास ने अधिकारियों और कारोबारियों के साथ मिलकर सरकारी शराब दुकानों से अवैध आपूर्ति का नेटवर्क तैयार किया। फर्जी टेंडर और डुप्लीकेट होलोग्राम के जरिए अवैध बिक्री को वैध दिखाया गया, जिससे राज्य को लगभग 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
जांच में यह भी पता चला कि छत्तीसगढ़ का मॉडल झारखंड में भी लागू किया गया, और 2022 में नीति बदलाव के जरिए अवैध लाभ उठाया गया।
इस मामले में ED, STF, ACB और झारखंड एसीबी सक्रिय रही हैं। करोड़ों की संपत्ति जब्त की जा चुकी है, और 5000 पन्नों के चालान में दर्जनों अधिकारियों की भूमिका सामने आई है।
निरंजन दास की कई जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं और अब उन्हें EOW ने रिमांड पर लिया है। पूछताछ में और बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।






