
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल को छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (गैर-राजनीतिक संगठन) ने पूर्ण समर्थन दिया है। संगठन ने इस संबंध में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ को कोरबा कलेक्टर के माध्यम से समर्थन पत्र सौंपा।
संगठन ने बताया कि लगभग 16,000 संविदा कर्मचारी, जिनमें डॉक्टर, नर्स, एएनएम, लैब टेक्नीशियन और अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं, 31 दिनों से अपनी जायज मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। इस कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर स्वास्थ्य संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

क्रांति सेना ने कर्मचारियों की 10 प्रमुख मांगों को तुरंत मानने की अपील की है। इन मांगों में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, नौकरी सुरक्षा, ग्रेड पे, वेतन वृद्धि, स्थानांतरण नीति का निर्धारण और न्यूनतम 10 लाख रुपये का कैशलेस चिकित्सा बीमा शामिल हैं।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं, तो 18 सितंबर 2025 को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन को मजबूरी में अंजाम देना पड़ेगा। संगठन ने कहा कि यह संघर्ष केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को बचाने और मजबूत करने का प्रयास है।
प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता दिलीप मिरी ने कहा, “शासन को चाहिए कि हड़ताली कर्मचारियों की मांगों पर तुरंत आदेश जारी करे, बर्खास्तगी और इस्तीफों को रद्द करे तथा वार्ता के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान निकाले।”
अंत में संगठन ने “क्रांतिकारी जोहार” के नारे के साथ कर्मचारियों के संघर्ष को मजबूती प्रदान करने का संकल्प दोहराया।






