
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा – सोमवार 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र का पावन पर्व आरंभ हो गया है। इस दिन से नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है। सूर्योदय से पहले ही घर-घर में कलश स्थापना और अखंड ज्योति प्रज्वलन कर भक्तों ने नवरात्र की शुरुआत की। सुबह से ही मंदिरों की घंटियां गूंजने लगीं और “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
✨ पहला दिन — मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना की गई। श्रद्धालुओं ने दूध, दही और शुद्ध जल से स्नान कर देवी का पूजन-अर्चन किया। अनेक भक्तों ने व्रत रखकर पूरे नौ दिनों तक उपवास और नियम-संयम का संकल्प लिया।
🌸 मंदिरों में उमड़ी भीड़, पंडालों में भव्य सजावट
नगर सहित ग्रामीण अंचलों के मंदिरों में विशेष सजावट की गई है। दुर्गा पंडालों में आकर्षक रोशनी और रंग-बिरंगे फूलों से माता की प्रतिमाएं अलंकृत की गई हैं। भक्तों की लंबी कतारें सुबह से ही दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचीं। महिलाएं चुनरी, नारियल और पूजा की थाल लेकर मां के चरणों में अर्पित कर रही हैं।
🙏 भक्ति और आस्था का पर्व
भक्तों का कहना है कि नवरात्रि आत्मशुद्धि और शक्ति साधना का पर्व है। इन नौ दिनों में लोग न केवल उपवास और भक्ति करते हैं, बल्कि अपने जीवन में अनुशासन और संयम को भी अपनाते हैं। जगह-जगह मां दुर्गा के भजन, जागरण और आरती से वातावरण गूंज रहा है।
🌺 प्रशासन भी सतर्क
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बिजली, पानी और सफाई के विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
🪔 आशा और आशीर्वाद
भक्तों ने मां दुर्गा से प्रार्थना की है कि वे सभी के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और शक्ति प्रदान करें। पूरे प्रदेश में नवरात्र का पर्व उत्साह, श्रद्धा और उमंग के साथ मनाया जा रहा है।
—






