
सुशील जायसवाल की रिपोर्ट
कोरबी चोटिया के ग्राम तनेरा में हाथियों के आतंक ने फिर ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। बीते रविवार की रात, रमेशकुमार (पिता: जयकरण सिंह गोड़) का जवान बैल हाथियों के झुंड द्वारा लहू लुहान कर मार डाला गया। रमेशकुमार अपनी जान बचाकर मोहल्ले के एक पक्के मकान में छिपे। मौके पर पहुंची वन टीम ने हाथियों को जंगल की ओर खदेड़कर राहत की सांस दिलाई।

21 सितंबर की दोपहर, इसी क्षेत्र में घन सिंह (पिता: मोहन सिंह) पर हाथियों का हमला हुआ, जिससे पूरे गांव में शोक और दहशत फैल गई। ग्रामीण अपने बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर महसूस कर रहे हैं। रातभर लोग अलाव जलाकर हाथियों को खदेड़ने की कोशिश में जुटे हैं।
पसान रेंज के वनकर्मियों और गजराज दल की टीम द्वारा हाथियों की निगरानी की जा रही है। जलके सर्किल के कोरबी चोटिया क्षेत्र में लगभग 54 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है, जिससे ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा पर्याप्त रोशनी, टॉर्च या लाउडस्पीकर जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएँ उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। अधिकारियों की अनुपस्थिति और हाथियों के प्रकोप की लगातार बढ़ती घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।






