
सुशील जायसवाल
कोरबा/कोरबी चोटिया: जिले के सरहदी क्षेत्र और पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तनेरा में पिछले लगभग दो सप्ताह से हाथियों का विचरण जारी है। ग्रामीणों का जीवन मुश्किल हो गया है और स्कूली बच्चों में भी भय व्याप्त है।
इस दौरान एक व्यक्ति की हाथियों द्वारा हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। तनेरा हाई स्कूल और मिडिल स्कूल के लगभग 156 बच्चे 4-5 किलोमीटर दूर के गांवों—सरमा, हरदेवा, सुखरी ताल आदि—से विद्यालय आते हैं। बच्चे हाथियों के डर से शाम ढलने से पहले ही घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।

हाई स्कूल तनेरा के प्राचार्य एम. एस. राज ने बताया, “हमारी तिमाही परीक्षाएं 2 बजे खत्म होने के बाद ही बच्चों को घर भेजते हैं, क्योंकि बच्चे हाथियों के डर से स्कूल में रुकना नहीं चाहते। स्कूल के सामने हाथियों का झुंड अक्सर देखा जाता है, जिससे भय और बढ़ जाता है।”
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वन विभाग ने उठाए कदम
25 सितंबर को पसान रेंजर मनीष सिंग विद्यालय पहुंचे और बच्चों की सुरक्षा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि कल (26 सितंबर) से स्कूली बच्चों के आने-जाने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो।

वन विभाग ने यह भी कहा कि हाथियों की निगरानी गजराज दल और वन कर्मचारियों द्वारा लगातार की जा रही है।
हालांकि, आज तक हाथी प्रभावित ग्राम—तनेरा, सरमा और अन्य दूरदराज़ के गांवों—में कोई जनप्रतिनिधि या उच्च अधिकारी नहीं पहुंचे हैं, जिससे स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है।






