
सुकमा, 29 सितंबर।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित जल जीवन मिशन ने सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी नई उम्मीद जगाई है। इसी कड़ी में सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कामाराम के अचकट गांव में अब हर घर को शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है।
लगभग 95 किलोमीटर दूर बसे इस गांव के 40 घरों में रहने वाले करीब 120 ग्रामीण अब तक हैंडपंप और कुओं के पानी पर निर्भर थे। गर्मी के दिनों में पानी की भारी किल्लत से उनका जीवन बेहद कठिन हो जाता था। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए जिला प्रशासन ने यहां 2 सोलर टैंक और 38 स्टैंड पोस्ट स्थापित किए हैं।
कार्यपालन अभियंता श्री विनोद कुमार राम ने बताया कि अब प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन के जरिए स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीणों को सुविधा और राहत मिली है।
ग्रामीणों ने इस योजना पर खुशी जाहिर की।
श्रीमती सुकमती सोड़ी ने कहा कि पहले पानी लाने में काफी परेशानी होती थी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती थीं, लेकिन अब नल से साफ पानी मिलने लगा है।
इसी तरह श्री सोड़ी मुकेश, श्री विजय सोड़ी और श्री गणेश सोड़ी ने भी योजना की सराहना करते हुए इसे अपने जीवन स्तर में बड़ा बदलाव बताया।
ग्रामीणों ने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
👉 नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की यह पहल ‘नियद नेल्लानार योजना’ (जनता के लिए पानी) को एक मिसाल बना रही है, जो विकास और विश्वास की नई तस्वीर पेश करती है।






