
✍️ भागीरथी यादव
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत की विकास रणनीति तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है – आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा। यह बातें उन्होंने 30वें सीआईआई (भारतीय उद्योग परिसंघ) पार्टनरशिप समिट के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में कहीं।
गोयल ने बताया कि आत्मनिर्भरता का अर्थ है ऐसी आपूर्ति और मूल्य श्रृंखला बनाना जो वैश्विक झटकों से प्रभावित न हो। आत्मविश्वास का मतलब है कि भारत पूरी दुनिया से समान भागीदारी के साथ जुड़ा रहे। वहीं, आत्मरक्षा का उद्देश्य राष्ट्रीय और वैश्विक हितों की रक्षा करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण जी20 थीम “वसुधैव कुटुंबकम – एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य” से मेल खाता है।
मंत्री ने कहा कि मजबूत साझेदारियां तकनीक, विश्वास, व्यापार, प्रतिभा और परंपरा पर आधारित होती हैं। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बताते हुए कहा कि देश आज एक “ओएसिस” की तरह उभर रहा है।
गोयल ने दुर्गाष्टमी के दिन होने का जिक्र करते हुए इसे शक्ति और दृढ़ता का प्रतीक बताया। उन्होंने आंध्र प्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दिया, हैदराबाद को आईटी हब बनाया और अमरावती को आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित किया। मंत्री ने बताया कि आंध्र प्रदेश में तीन औद्योगिक कॉरिडोर – कृष्णपट्टनम, ओर्वकल और कोप्पारथी विकसित हो रहे हैं।
गोयल ने कहा कि जीएसटी सुधार से उपभोक्ताओं पर कर का बोझ घटेगा, प्रक्रियाएं सरल होंगी और खपत आधारित विकास को गति मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवंबर में विशाखापट्टनम में होने वाला 30वां सीआईआई पार्टनरशिप समिट भारत और उसके साझेदारों के बीच वैश्विक सहयोग को और मजबूत करेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायडू ने भी निवेशकों को आमंत्रित किया और कहा कि वे समिट में शामिल होकर राज्य में नई निवेश संभावनाओं की तलाश करें।








