
कोरबा। जिले में कलेक्टर के नियंत्रण में संचालित महिला बाल विकास विभाग इन दिनों गंभीर विवादों में फंसा हुआ है। मामला जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) और कोरबा ग्रामीण परियोजना अधिकारी ममता तुली के बीच उभरकर सामने आया है। दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामला मुख्यमंत्री तथा महिला बाल विकास मंत्री तक पहुँच गया है।
ममता तुली ने आरोप लगाया कि डीपीओ ने उन्हें समीक्षा बैठक के लिए दोपहर में बुलाया और रात तक परेशान किया। उन्होंने यह भी कहा कि डीपीओ ने बजट के नाम पर 50 हजार रुपए की मांग की और फील्ड विजिट के लिए गाड़ी की व्यवस्था करने को कहा। परियोजना अधिकारी ने यह भी दावा किया कि दीर्घ अवकाश की स्वीकृति में डीपीओ ने रुचि नहीं दिखाई और उन्हें विभिन्न तरीकों से परेशान किया, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था।
Oplus_16908288इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा कि समीक्षा बैठक में कुल 10 परियोजना अधिकारी मौजूद थे और किसी ने भी 50 हजार रुपए की मांग जैसी कोई बात नहीं सुनी। उन्होंने बताया कि बैठक में केवल नोनी बाबू जतन योजना के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछड़ने और लक्ष्य पूरे न न होने को लेकर सवाल उठाए गए थे। डीपीओ ने परियोजना अधिकारी के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया।
विशेष जानकारी यह है कि प्रदेश सरकार ने कुछ महीने पहले रेणु प्रकाश का बीजापुर स्थानांतरण किया था, लेकिन उन्हें अभी तक कोरबा से रिलीज़ नहीं किया गया है। अब देखना होगा कि नए विवाद के बाद आगे क्या स्थिति बनती है।






