
✍️ भागीरथी यादव
नई दिल्ली। नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने भारत की सरकारी स्वामित्व वाली क्षेत्रीय एयरलाइन एलायंस एयर की ऐतिहासिक पहल ‘फेयर से फुर्सत’ का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को उतार-चढ़ाव वाले हवाई किरायों से राहत दिलाना और देश में हवाई यात्रा को और आसान बनाना है।
इस पहल के तहत एलायंस एयर निश्चित किराये पर हवाई सुविधा प्रदान करेगी, जो बुकिंग की तिथि पर विचार किए बिना — यहाँ तक कि प्रस्थान के दिन भी स्थिर रहेगा। योजना को 13 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक चुनिंदा मार्गों पर प्रायोगिक रूप से लागू किया जाएगा, ताकि यात्रियों की प्रतिक्रिया और परिचालन व्यवहार्यता का मूल्यांकन किया जा सके।
केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने कहा, “‘फेयर से फुर्सत’ योजना उड़ान योजना के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है। आज एलायंस एयर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमानन को लोकतांत्रिक बनाने और इसे मध्यम व निम्न-मध्यम वर्ग के लिए किफायती बनाने के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है।” उन्होंने कहा कि यह प्रणाली हवाई किरायों की अनिश्चितता और तनाव को खत्म करेगी तथा यात्रियों को अंतिम समय की बुकिंग पर भी किफायती दरों की गारंटी देगी।
मंत्री ने आगे कहा कि मंत्रालय विमानन क्षेत्र को और अधिक जन-केंद्रित बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। “प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, हमने हवाई अड्डों पर ₹10 में चाय, ₹20 में कॉफी और ₹20 में नाश्ता उपलब्ध कराने वाले उड़ान यात्री कैफ़े शुरू किए हैं। अब हम एक कदम और आगे बढ़कर यात्रियों की सबसे बड़ी चिंता — हवाई किराए — का समाधान कर रहे हैं,” उन्होंने जोड़ा।
क्षेत्रीय संपर्क पर बल देते हुए मंत्री ने एलायंस एयर को सरकार की ‘उड़ान योजना’ की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा, “एलायंस एयर ने ‘एक मार्ग, एक किराया’ की अवधारणा के साथ साहसिक कदम उठाया है। यह वास्तव में ‘नए भारत की उड़ान’ है, जो मुनाफे से आगे बढ़कर सार्वजनिक सेवा पर केंद्रित है।”
भारत का विमानन बाजार अब तक गतिशील मूल्य निर्धारण प्रणाली पर आधारित रहा है, जिसमें टिकट की कीमतें मांग, मौसम और प्रतिस्पर्धा के अनुसार बदलती रहती हैं। इससे अंतिम समय पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों को अक्सर अधिक किराया देना पड़ता है। ‘फेयर से फुर्सत’ योजना इसी समस्या का समाधान प्रस्तुत करती है, जिससे मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता और स्थिरता आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से छोटे शहरों और पहली बार उड़ान भरने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न को सशक्त बनाएगा, जिसके तहत हर भारतीय को “उड़े देश का आम नागरिक” के संकल्प के अनुरूप हवाई यात्रा का अवसर मिल सके।








