
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा – छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती के अवसर पर कोरबा के कृषि विभाग ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में अपने योगदान और उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। महिला स्व-सहायता समूहों ने जैविक खाद निर्माण, सब्जी उत्पादन और बीज प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ी और कृषि क्षेत्र में नवाचार को गति मिली।

युवाओं ने कृषि आधारित स्टार्टअप, ड्रिप सिंचाई, फसल प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से नई संभावनाएँ खोली हैं। इनके प्रयासों ने न केवल उत्पादन में वृद्धि की है, बल्कि ग्रामीण रोजगार और आय के स्रोतों में भी सुधार किया है।

कृषि विभाग का कहना है कि यह सफलता केवल सरकारी योजनाओं का परिणाम नहीं है, बल्कि किसानों की मेहनत, तकनीकी जागरूकता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता की साझा उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने के लिए उठाए गए ठोस कदमों का असर कोरबा की धरती पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
कृषि विभाग ने यह भी कहा कि यह यात्रा केवल खेतों की हरियाली तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के चेहरों पर आई मुस्कान, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है।






