✍️ भागीरथी यादव
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही,
कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में पशुधन विकास विभाग एवं मछली पालन विभाग के जिला और मैदानी अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभिन्न योजनाओं के तहत पशु संगणना के अनुसार जिले को मिले लक्ष्यों के मुकाबले प्राप्त उपलब्धियों की विकासखण्डवार जानकारी ली।
समीक्षा के दौरान संभाग स्तर पर जीपीएम जिले का प्रदर्शन अन्य जिलों की तुलना में कमजोर पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक माह की कार्ययोजना तैयार कर पशु उपचार, बधियाकरण, नमूना जांच, टीकाकरण, गर्भाधान तथा मछली पालन गतिविधियों में बेहतर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, किए गए कार्यों की जानकारी विभागीय पोर्टल में समय पर दर्ज करने को कहा।
कलेक्टर ने जिले में संचालित पशु औषधालयों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी औषधालय नियमित रूप से खुले रहें तथा उनके खुलने और बंद होने के समय की जानकारी हेतु परिसर में स्पष्ट बोर्ड प्रदर्शित किया जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, झींगा पालन योजना और किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी) की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए पंचायतों, स्वसहायता समूहों और मछुआरा समितियों को नियमों के अनुरूप तालाब आबंटन करने कहा। इसके लिए जनपद सीईओ के समन्वय से तालाब आबंटन की प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु सहायक संचालक मछली पालन को निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि लक्ष्य प्राप्ति में किसी प्रकार की कठिनाई हो तो शासन को प्रस्ताव भेजकर संशोधित लक्ष्य प्राप्त किया जाए। केसीसी योजना के अंतर्गत बैंकों को भेजे गए प्रकरणों का सतत फॉलोअप करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी प्रकरण लंबित न रहे।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. वी. के. पटेल, सहायक संचालक मछली पालन देवेन्द्र वर्मा सहित दोनों विभागों के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।






