
✍️ भागीरथी यादव
जशपुरनगर,
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जशपुर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आगामी 6 से 9 नवम्बर तक “जशपुर जम्बुरी” का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में कुनकुरी क्षेत्र का मयाली नेचर कैम्प इन दिनों पर्यटकों के लिए रोमांच और प्राकृतिक सौंदर्य का नया केंद्र बनकर उभरा है।
हरे-भरे जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित मयाली जलाशय अब सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का स्थल नहीं, बल्कि जल क्रीड़ाओं का नया एडवेंचर जोन बन चुका है। यहां आने वाले पर्यटक स्पीड बोटिंग, कयाकिंग, एक्वा साइक्लिंग और बाउंस बोट जैसी गतिविधियों का आनंद ले रहे हैं। सुबह के समय झील पर दौड़ती स्पीड बोट्स और शाम को पानी पर झिलमिलाती रोशनी, मयाली कैम्प को एक अलग ही आकर्षण प्रदान करती हैं।
कयाकिंग और एक्वा साइक्लिंग युवाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हो रही हैं, जबकि बाउंस बोट राइड बच्चों और परिवारों के लिए मनोरंजन का नया साधन बनी है। प्रत्येक गतिविधि को प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में और पूर्ण सुरक्षा मानकों के साथ संचालित किया जा रहा है। पर्यटकों के लिए लाइफ जैकेट और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की गई है।
इस पहल में स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिले हैं। वे प्रशिक्षित गाइड और सहायक स्टाफ के रूप में योगदान दे रहे हैं, जिससे पर्यटन के साथ स्थानीय आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग का लक्ष्य मयाली नेचर कैम्प को छत्तीसगढ़ के प्रमुख इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। यहाँ प्रकृति की शांति, पानी का रोमांच और स्थानीय संस्कृति का संगम पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव प्रस्तुत कर रहा है।
अब मयाली नेचर कैम्प केवल एक पिकनिक स्थल नहीं, बल्कि “अनुभव का ठिकाना” बन चुका है — जहाँ हर आगंतुक रोमांच, सुकून और सौंदर्य का अनोखा मेल महसूस करता है।






