
पाली से ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट
कोरबा। भूविस्थापित कोयला कर्मचारी एसोसिएशन ने दीपका क्षेत्र में चल रहे कथित फर्जीवाड़े को लेकर बड़ा कदम उठाया है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संतोष पटेल ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और महाप्रबंधक एसईसीएल दीपका को ज्ञापन सौंपते हुए शेख मसीह के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
संतोष पटेल ने आरोप लगाया कि शेख मसीह न तो दर्राखांचा, अमगांव, हरदीबाजार और न ही दीपका का मूल निवासी है, इसके बावजूद उसने खुद को ‘मूल निवासी’ बताकर एसईसीएल दीपका खदान में फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से पीईपी एफएस का प्रमाणपत्र हासिल किया। इसके सहारे वह ठेकेदारी कार्यों में करोड़ों-अरबों रुपये का बंदरबांट कर रहा है, जबकि असली भूविस्थापित अपने हक से वंचित हैं।
एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि शेख मसीह कोरबा सांसद से निकटता का हवाला देकर अधिकारियों पर दबाव बनाता है और अपने पक्ष में फैसले करवाता है। यह पूरे क्षेत्र में भ्रष्टाचार और प्रभावशाली नेटवर्क के दुरुपयोग का उदाहरण बन गया है।

भूविस्थापित कोयला कर्मचारी एसोसिएशन ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा भूविस्थापितों के अधिकारों पर इस तरह का अतिक्रमण न हो।
ज्ञापन की प्रतियां कलेक्टर कोरबा, पुलिस अधीक्षक कोरबा और महाप्रबंधक एसईसीएल दीपका को सौंपी गई हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो भूविस्थापित समुदाय आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
“यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सैकड़ों असली भूविस्थापितों के भविष्य से जुड़ा है,” — संतोष पटेल, जिलाध्यक्ष, भूविस्थापित कोयला कर्मचारीएसोसिएशन






