
✍️ भागीरथी यादव
बिहार में चुनावी सरगर्मी चरम पर है। छह नवंबर को पहले चरण की 121 सीटों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान पूरा होने के बाद अब सभी राजनीतिक दल 11 नवंबर को होने वाले दूसरे और अंतिम चरण के चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। यह चरण कई दलों के लिए निर्णायक साबित होने वाला है, खासकर महागठबंधन के सबसे बड़े घटक राजद के लिए।
राजद की प्रतिष्ठा दांव पर
दूसरे चरण में राजद के 70 उम्मीदवार मैदान में हैं। पहले चरण में उसके 73 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। कुल 143 सीटों के साथ इस चुनाव में राजद सबसे बड़े दावेदार के तौर पर नजर आ रहा है। ऐसे में दूसरे चरण के ये परिणाम पार्टी की प्रतिष्ठा तय करेंगे।
एनडीए भी पूरी ताकत में
दूसरे चरण में भाजपा के 53 उम्मीदवार और जदयू के 44 उम्मीदवार मैदान में हैं। पहले चरण में भाजपा के 48 और जदयू के 43 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है। लोजपा (रामविलास) के भी 29 में से 15 उम्मीदवार इस चरण में किस्मत आजमा रहे हैं।
अन्य दलों की स्थिति
कांग्रेस : 37 उम्मीदवार
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) : 10 उम्मीदवार
राष्ट्रीय लोक मोर्चा : 4 उम्मीदवार
इन सभी दलों के उम्मीदवारों का भविष्य भी इसी चरण में तय होना है।
122 सीटों पर 1302 उम्मीदवारों की जंग
दूसरे चरण में कुल 1302 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। नौ नवंबर की शाम को चुनाव प्रचार थम जाएगा, उसके बाद 11 नवंबर को मतदान होगा। पहले चरण में बंपर वोटिंग के बाद चुनाव आयोग को उम्मीद है कि दूसरे चरण में भी जनता बढ़-चढ़कर मतदान करेगी।
मतगणना 14 नवंबर को
दोनों चरणों के मतदान खत्म होने के बाद 14 नवंबर को मतगणना होगी और तभी तय होगा कि बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी।
यह चुनावी मुकाबला न सिर्फ राजनीतिक दलों की रणनीति बल्कि जनता के रुझान को भी नए सिरे से परिभाषित करने वाला है।








