
रायपुर। राजधानी रायपुर की पुरानी बस्ती पुलिस और क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। बीते 2 जून से फरार चल रहा कुख्यात सूदखोर और हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर को मध्यप्रदेश के ग्वालियर के विंडसर हिल्स सोसायटी से दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, वह किराए के फ्लैट में फर्जी नाम से छिपकर रह रहा था।
गिरफ्तारी के बाद रायपुर में जुलूस, बेहोश होकर गिरा आरोपी

पकड़े जाने के बाद पुलिस उसे रायपुर लाई और भाठागांव क्षेत्र में उसका जुलूस निकालकर अपराधियों को संदेश देने की कोशिश की। मठपारा मार्ग पर जुलूस के दौरान वीरेंद्र की तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे संभाला और वाहन में बैठाकर आगे ले जाया गया।
पुलिस जल्द ही पूरे मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी देगी।
कई गंभीर मामलों में वांछित था तोमर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीरेंद्र तोमर पर
मारपीट
हत्या का प्रयास
जबरन वसूली
सूदखोरी
ब्लैकमेलिंग

जैसे कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। रायपुर लाए जाने के बाद उसे क्राइम ब्रांच कार्यालय में पूछताछ के लिए रखा गया है, जिसके बाद अवकाशकालीन कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लेगी।
हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, बढ़ा दबाव
वीरेंद्र और उसके भाई रोहित तोमर के खिलाफ तेलीबांधा क्षेत्र में एक व्यापारी से मारपीट और धमकी देने का मामला दर्ज था। हाईकोर्ट ने हाल ही में दोनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने तलाशी अभियान तेज कर दिया था।
फरारी में कई राज्यों में घूमता रहा आरोपी
जांच में पता चला कि फरारी के दौरान आरोपी ने राजस्थान और उत्तरप्रदेश के कई शहरों में ठिकाने बदले। पहचान छिपाने के लिए लगातार सिम कार्ड और लोकेशन बदलता रहा। इसी बीच तकनीकी निगरानी से पुलिस को ग्वालियर में उसके होने की पुष्टि मिली और उसे वहीं से दबोच लिया गया।
भाई रोहित अब भी फरार
पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र का भाई रोहित तोमर अभी भी फरार है। उसकी तलाश में टीमों की तैनाती जारी है। दोनों भाइयों पर सूदखोरी, वसूली और धमकी देकर जमीन हड़पने जैसे संगीन आरोप दर्ज हैं।
इस गिरफ्तारी को पुलिस राजधानी में बड़ी कामयाबी मान रही है, जिसे संगठित अपराध के खिलाफ अहम कदम बताया जा रहा है।






