
✍️ भागीरथी यादव
कश्मीर घाटी में ठंड ने दस्तक और तेज कर दी है। सोमवार को श्रीनगर में इस मौसम का पहला माइनस तापमान दर्ज किया गया। शहर में न्यूनतम तापमान माइनस 0.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस सीजन में पहली बार पारा शून्य से नीचे जाने का संकेत है।
अन्य इलाकों में भी ठंड चरम पर है। गुलमर्ग में माइनस 0.2 डिग्री, जबकि पहलगाम में सबसे कम माइनस 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 10 से 15 दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा और रात के साफ आसमान के चलते तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

जम्मू संभाग के तापमान में भी गिरावट देखी गई। जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री, कटरा में 11 डिग्री, बटोटे में 4.6 डिग्री, तथा भद्रवाह में 2.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जनता विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचने की सलाह दी है। प्रसिद्ध पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. नवीद नजीर शाह ने कहा कि अत्यधिक ठंड में बाहर निकलने से सीने में जकड़न और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
कश्मीर में सर्दियों का पारंपरिक ‘फेरन’ और ‘कांगड़ी’ अभी से लोगों की पहली पसंद बन गए हैं। सबसे कड़ाके की ठंड वाला दौर ‘चिल्लई कलां’ 21 दिसंबर से शुरू होकर 30 जनवरी तक चलता है, जिसमें घाटी की झीलें, नदियां और तालाब तक जम जाते हैं।
ठंडी हवाओं के चलते घाटी के लोगों ने भारी ऊनी कपड़े पहनना शुरू कर दिया है और सुबह-शाम की ठिठुरन लगातार बढ़ रही है।








