
✍️ भागीरथी यादव
नई दिल्ली। देश के बैंकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव होने वाला है। केंद्र सरकार छोटे-छोटे सरकारी बैंकों का विलय (Mega Merger) कर एक मजबूत और विश्वस्तरीय बैंकिंग संरचना तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खुद इस योजना की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत को अब ऐसे बड़े बैंक चाहिए जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बीच इस मर्जर प्लान पर लगातार बातचीत चल रही है। सूत्रों के अनुसार, मौजूदा समय में देश में मौजूद 12 सरकारी बैंकों को घटाकर सिर्फ 4 बड़े बैंक बनाए जा सकते हैं।
मौजूदा योजना के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा को छोड़कर बाकी सभी छोटे सरकारी बैंकों का इन चार बड़े बैंकों में चरणबद्ध तरीके से विलय किया जा सकता है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि छोटे बैंकों का मर्जर करने से देश के पास ऐसे मजबूत बैंक होंगे जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान और प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी। इससे बैंकिंग सेवा में सुधार, तकनीकी निवेश और वित्तीय स्थिरता को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार जल्द ही इस मेगा मर्जर योजना पर अंतिम निर्णय लेने की तैयारी में है।








