
✍️ भागीरथी यादव
जगदलपुर से 30 किमी दूर बस्तर के कोलावाड़ा गांव में शिक्षा को लेकर अनोखी पहल शुरू हुई है। पेसा कानून के तहत बनी ग्राम स्तरीय शिक्षा समिति ने गांव की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी है। सरपंच, पंच, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिलाएं और युवा—all एक टीम बनकर बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटे हैं।
समिति के सदस्य घर-घर जाकर शिक्षा का संदेश दे रहे हैं, नशा मुक्ति और स्वच्छता पर भी जागरूकता फैला रहे हैं। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर 6,050 रुपये जुटाकर बच्चों के लिए कॉपी, पेन, चार्ट और व्हाइट बोर्ड खरीदे हैं। गांव के ही युवा अब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दे रहे हैं।
स्कूल से अनुपस्थित बच्चों के घर जाकर समिति खुद कारण जानती है और उन्हें दोबारा स्कूल भेजती है। अब कोलावाड़ा शिक्षा सुधार की एक ऐसी कहानी बन गया है, जो पूरे बस्तर ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन रही है।






