
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर, 12 नवंबर 2025
एलडब्ल्यूई (वामपंथी उग्रवाद प्रभावित) जिलों में विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए बुधवार को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव (गृह) श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने की।

बैठक में एनसीएईआर सर्वे के आधार पर बस्तर संभाग के जिलों के बुनियादी ढांचे में मौजूद अंतरालों की समीक्षा की गई। इसमें सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण, मोबाइल टावर की आवश्यकता, विद्युत आपूर्ति, प्राथमिक विद्यालय भवनों की स्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मिड-डे मील व्यवस्था, स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी, पीएचसी, सीएससी) की उपलब्धता, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति और आजीविका साधनों के विकास जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
संयुक्त सचिव (एलडब्ल्यूई) श्री राजीव कुमार ने कहा कि नक्सल मुक्त क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए आजीविका मिशन के तहत माइक्रो प्लानिंग कर कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्थानीय जरूरतों और संसाधनों को ध्यान में रखकर बेहतर योजनाएं बनाने पर बल दिया।
प्रमुख सचिव (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) निहारिका बारिक ने जिलों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार स्पेशल प्रोजेक्ट बनाकर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और अंदरूनी बसाहटों में विद्युतीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और सर्विस सेक्टर में रोजगार सृजन के लिए ठोस योजनाएं बनाने पर भी जोर दिया।
बैठक में सचिव (गृह) नेहा चम्पावत, एडीजी (नक्सल ऑपरेशन) विवेकानंद सिन्हा, आईजी (सीएएफ) बीएस ध्रुव, आईजी (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी., प्रभारी कमिश्नर व कलेक्टर बस्तर हरिस एस, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ और संबंधित विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।






